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Budaun News: शाहजहांपुर को जोड़ने वाले दो मार्ग रामगंगा की बाढ़ में डूबे
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दातागंज इलाके में कटान करती रामगंगा। संवाद
दातागंज। रामगंगा में बढ़े जलस्तर की वजह से बदायूं जिले को शाहजहांपुर से जोड़ने वाले दो मार्ग अवरुद्ध हैं। इन मार्गों पर वाहनों से निकलना नामुमकिन हैं। दोनों मार्गों पर नावों से ही लोग आवागमन कर रहे हैं। केवल बेलाडांडी मार्ग पर भी सामान्य आवाजाही जारी है। उधर, रामगंगा में पानी बढ़ना तो बंद हो गया है, लेकिन क्षेत्र में जलभराव बड़ी समस्या बना हुआ है। इधर, कटान ने किसानों की नींद उड़ा रखी है।
दातागंज से बदायूं जिले को शाहजहांपुर से तीन मार्ग जोड़ते हैं। केवल बेलाडांडी होकर जाने वाले मार्ग को छोड़ दें तो बाकी दोनों मार्ग भारी जलभराव के कारण वाहनों के लिए बंद हैं। इन दोनों मार्गों से शाहजहांपुर जाने के लिए तहसील के आखिरी गांव लालपुर खादर तक जाना पड़ता है। लालपुर खादर होते हुए शाहजहांपुर के गढि़या रंगीन पहुंचने के लिए हजरतपुर और नगरिया खनू होकर दो रास्ते हैं। दोनों पर चार फुट तक पानी भरा हुआ है। इस पूरे इलाके में दोनों जिलों के करीब 35 गांव बाढ़ प्रभावित चल रहे हैं।
नगरिया खनू और बिहारीपुर में कटान तेज
नगरिया खनू और बिहारीपुर में कटान तेज गति से हो रहा है। इनके समीप दबरा हार में पिछले 24 घंटे में करीब 65 बीघा जमीन रामगंगा निगल चुकी है। नगरिया खनू पुल के पास 50 बीघा और बिहारीपुर में भी करीब इतनी ही भूमि कटान में एक सप्ताह पूर्व जा चुकी है।
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बिहारीपुर छेमराव और मकरंदापुर के बीच रामगंगा की तेज धार चल रही है। इसकी वजह से सड़कें कट गई हैं। अनंदापुर की पुलिया पर भी चार फुट तक पानी चल रहा है। मकरंदापुर के नरवीर कश्यप ने बताया कि पानी उतरने पर कटान तबाही मचा सकता है। बाढ़ चौकी हजरतपुर, पिपला और नगरियां खनू को सतर्क कर दिया गया है। नावों से लोग रिस्क लेकर आवागमन कर रहे हैं।
नरौरा से 99 हजार क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा
उसहैत। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर पिछले दो दिन से 162.63 सेमी से कम नहीं हुआ है। सोमवार सुबह नरौरा बैराज से 99,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो रात तक यहां पहुंच जाएगा। गंगा में भारी मात्रा में पानी होने के कारण और लगातार हो रही बारिश से रैपुरा में कटान की रोकथाम के लिए चल रहा कार्य बाधित हुआ है।
बारिश के कारण जगह-जगह पानी भरा हुआ है। इसलिए बाढ़ खंड को सैंड बैग्स नहीं बन पा रहे। लगातार हो रही बारिश में राहत कर्मी भी काम पर नहीं आ पा रहे। गंगा के पानी का बहाव काफी तेज है। ठाकुरी नगला, प्रेमी नगला, असमय रफतपुर में पिछले 20 दिन से खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों की लाखों की फसलें खराब हो गई हैं। संवाद
प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग व बाढ़ खंड के अधिकारी-कर्मचारियों ने निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित हर इलाके के लोगों के साथ प्रशासन खड़ा हुआ है। -विनोद कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
हिम्मा नगला-सोन सिवारक में खेतों में पहुंचा गंगा का पानी
दहगवां। नरौरा बैराज से गंगा में छोड़े गए पानी का असर दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के तटबंधों के पास के गांवों में दिखाई देने लगा है। हिम्मा नगला और सोन सिवारक समेत आसपास के इलाकों में गंगा का पानी खेतों तक पहुंच गया है। मिठनपुर और मालपुर ततैरा बांध के किनारे पानी बढ़ने से किसानों की धान, मक्का और बाजरे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। सोमवार को पानी का स्तर और तेजी से बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारा जुटाना भी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। किसान पानी में उतरकर खेतों से हरा चारा काटकर ला रहे हैं। वहीं खेतों में खड़ी मक्का की फसल को बचाने की जद्दोजहद में किसान भुट्टे तोड़कर ऊंचे स्थानों पर रखकर सुखा रहे हैं, ताकि पूरी फसल बर्बाद होने से कुछ बचाया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत दिलाने की मांग की है। संवाद
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दातागंज से बदायूं जिले को शाहजहांपुर से तीन मार्ग जोड़ते हैं। केवल बेलाडांडी होकर जाने वाले मार्ग को छोड़ दें तो बाकी दोनों मार्ग भारी जलभराव के कारण वाहनों के लिए बंद हैं। इन दोनों मार्गों से शाहजहांपुर जाने के लिए तहसील के आखिरी गांव लालपुर खादर तक जाना पड़ता है। लालपुर खादर होते हुए शाहजहांपुर के गढि़या रंगीन पहुंचने के लिए हजरतपुर और नगरिया खनू होकर दो रास्ते हैं। दोनों पर चार फुट तक पानी भरा हुआ है। इस पूरे इलाके में दोनों जिलों के करीब 35 गांव बाढ़ प्रभावित चल रहे हैं।
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नगरिया खनू और बिहारीपुर में कटान तेज
नगरिया खनू और बिहारीपुर में कटान तेज गति से हो रहा है। इनके समीप दबरा हार में पिछले 24 घंटे में करीब 65 बीघा जमीन रामगंगा निगल चुकी है। नगरिया खनू पुल के पास 50 बीघा और बिहारीपुर में भी करीब इतनी ही भूमि कटान में एक सप्ताह पूर्व जा चुकी है।
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बिहारीपुर छेमराव और मकरंदापुर के बीच रामगंगा की तेज धार चल रही है। इसकी वजह से सड़कें कट गई हैं। अनंदापुर की पुलिया पर भी चार फुट तक पानी चल रहा है। मकरंदापुर के नरवीर कश्यप ने बताया कि पानी उतरने पर कटान तबाही मचा सकता है। बाढ़ चौकी हजरतपुर, पिपला और नगरियां खनू को सतर्क कर दिया गया है। नावों से लोग रिस्क लेकर आवागमन कर रहे हैं।
नरौरा से 99 हजार क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा
उसहैत। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर पिछले दो दिन से 162.63 सेमी से कम नहीं हुआ है। सोमवार सुबह नरौरा बैराज से 99,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो रात तक यहां पहुंच जाएगा। गंगा में भारी मात्रा में पानी होने के कारण और लगातार हो रही बारिश से रैपुरा में कटान की रोकथाम के लिए चल रहा कार्य बाधित हुआ है।
बारिश के कारण जगह-जगह पानी भरा हुआ है। इसलिए बाढ़ खंड को सैंड बैग्स नहीं बन पा रहे। लगातार हो रही बारिश में राहत कर्मी भी काम पर नहीं आ पा रहे। गंगा के पानी का बहाव काफी तेज है। ठाकुरी नगला, प्रेमी नगला, असमय रफतपुर में पिछले 20 दिन से खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों की लाखों की फसलें खराब हो गई हैं। संवाद
प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग व बाढ़ खंड के अधिकारी-कर्मचारियों ने निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित हर इलाके के लोगों के साथ प्रशासन खड़ा हुआ है। -विनोद कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
हिम्मा नगला-सोन सिवारक में खेतों में पहुंचा गंगा का पानी
दहगवां। नरौरा बैराज से गंगा में छोड़े गए पानी का असर दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के तटबंधों के पास के गांवों में दिखाई देने लगा है। हिम्मा नगला और सोन सिवारक समेत आसपास के इलाकों में गंगा का पानी खेतों तक पहुंच गया है। मिठनपुर और मालपुर ततैरा बांध के किनारे पानी बढ़ने से किसानों की धान, मक्का और बाजरे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। सोमवार को पानी का स्तर और तेजी से बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारा जुटाना भी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। किसान पानी में उतरकर खेतों से हरा चारा काटकर ला रहे हैं। वहीं खेतों में खड़ी मक्का की फसल को बचाने की जद्दोजहद में किसान भुट्टे तोड़कर ऊंचे स्थानों पर रखकर सुखा रहे हैं, ताकि पूरी फसल बर्बाद होने से कुछ बचाया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत दिलाने की मांग की है। संवाद

दातागंज इलाके में कटान करती रामगंगा। संवाद