Budaun News: धोखाधड़ी से जमीन की नीलाम, तत्कालीन एसडीएम-तहसीलदार समेत चार पर मुकदमा दर्ज
बदायूं में पांच करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी से नीलाम करने में तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार फंस गए हैं। दोनों अफसरों समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विस्तार
बदायूं में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट के आदेश पर पांच करोड़ रुपये की जमीन की धोखाधड़ी से नीलामी करने के आरोप में तत्कालीन सदर एसडीएम, तहसीलदार, अमीन समेत चार पर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है। इन अधिकारियों ने कर जमा न होने पर जमीन की नीलामी की थी।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव गठौना निवासी नीरज उर्फ योगी नीलकमल नाथ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दायर की याचिका में बताया कि गांव जिरौली में उनकी कृषि योग्य जमीन थी। उनके पिता दयाराम ने कुछ लोगों के साथ मिलकर जमीन पर ईंट-भट्ठा लगाया था। 1988-89 में कर जमा न होने पर 16 फरवरी 2002 को आरसी काटकर वसूली प्रमाण पत्र जारी किया गया।
इसके पहले 1984 से 1999 तक कोई आरसी नहीं काटी गई थी। उनके पिता ने अपने हिस्से के कर के 14,220 रुपये जमा कर दिए थे, जबकि अन्य लोगों के हिस्से का कर शेष रह गया था, जोकि अब तक जमा नहीं हुआ है। ईंट-भट्ठे में उनके चाचा रमेश पार्टनर नहीं थे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई में उनके चाचा की भूमि को दर्शाकर पिता की भूमि के साथ अवैध तरीके से नीलाम कर जमीन का अंतरण रामप्रकाश भल्ला के नाम पर कर दिया गया।
अफसरों पर लगाया आरोप
नीरज ने बताया कि उनके पिता संन्यासी हो गए और देश भ्रमण पर निकल गए। इसका फायदा उठाकर तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों ने साजिशन उनके पिता के नाम की जमीन को राम प्रकाश भल्ला पुत्र नेमराज भल्ला निवासी पंजाबी कॉलोनी के नाम पर नीलामी दर्शाकर बैनामा कर खतौनी में दर्ज करा दी। इस साजिश में तत्कालीन एसडीएम, नीलामकर्ता तत्कालीन अमीन, तत्कालीन तहसीलदार और जमीन को खरीदने वाला शामिल थे। आरोप है कि राम प्रकाश भल्ला ने उस जमीन को कई लोगों को बेच दिया। शिकायत करने पर आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं।
जमीन की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रामप्रकाश भल्ला पुत्र नेमराज भल्ला निवासी पंजाबी कॉलोनी, तत्कालीन नीलामकर्ता अमीन, तत्कालीन तहसीलदार और तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सदर कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।