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गन्ना क्रय केंद्रों पर तैनात तौल लिपिकों को लाइसेंस जरूरी
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बदायूं। गन्ना पेराई सत्र शुरू होते ही गन्ना माफिया हावी हैं। इन पर नकेल लगाने के लिए शासन ने इस बार कड़े कदम उठाए हैं। इसके लिए शासन ने चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्रों पर तैनात होने वाले लिपिकों के लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके स्तर से यदि कोई गड़बड़ी हो तो संबंधित के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस कदम से फर्जीवाड़े में काफी हद तक नकेल कसी जा सकेगी।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने घटतौली की कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए कवायद शुुरू कर दी है। इसके तहत उन्होंने सभी डीएम और गन्ना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्रों पर तैनात तौल लिपिकों का लाइसेंस एवं पहचान पत्र जारी करें। सभी तौल लिपिकों को गन्ना क्रय केेंद्रों पर तौल करते समय लाइसेंस और पहचान पत्र लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं मिलने पर तौल लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिला गन्ना अधिकारी राम किशन ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद में इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया गया है। सभी चीनी मिलों के लिए निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने चीनी मिल को आवंटित क्रय केेंद्रों पर तैनात होने वाले लिपिकों की लिस्ट विभाग में दे। ताकि उनको डीएम के माध्यम से लाइसेंस को बनाया जा सके।
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गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने घटतौली की कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए कवायद शुुरू कर दी है। इसके तहत उन्होंने सभी डीएम और गन्ना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्रों पर तैनात तौल लिपिकों का लाइसेंस एवं पहचान पत्र जारी करें। सभी तौल लिपिकों को गन्ना क्रय केेंद्रों पर तौल करते समय लाइसेंस और पहचान पत्र लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं मिलने पर तौल लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिला गन्ना अधिकारी राम किशन ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद में इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया गया है। सभी चीनी मिलों के लिए निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने चीनी मिल को आवंटित क्रय केेंद्रों पर तैनात होने वाले लिपिकों की लिस्ट विभाग में दे। ताकि उनको डीएम के माध्यम से लाइसेंस को बनाया जा सके।
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