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बदायूं में गंगा के दोनों किनारों पर 135 किमी क्षेत्र में हो सकेगी जैविक खेती
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बदायूं में गंगा का कछला घाट। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बजट में केंद्रीय वित्तमंत्री ने गंगा किनारे के पांच किमी के दायरे वाली जमीन पर ऑगेनिक खेती का प्रावधान किया है। इससे बदायूं में गंगा के दोनों ओर 135 किमी के दायरे को फायदा होगा। जिले में गंगा 135 किमी की दूरी तय करती हैं। हालांकि नमामि गंगे योजना के तहत बदायूं में गंगा के तटवर्ती गांवों में जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बजट में नए प्रावधानों के बाद इसका दायरा और बढ़ेगा। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में तटवर्ती गांवों में पिछड़ापन ज्यादा है। आने वाले दिनों में बजट में इस बार किए नए प्रावधानों का जिले को फायदा मिलेगा।
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डिजिटलीकरण से खत्म होंगे भूमि विवाद
सरकार ने बजट में गंगा किनारे भूमि के डिजिटलीकरण की व्यवस्था की है। इसका भी काफी लाभ बदायूं को होगा। बदायूं में तहसील सहसवान, सदर और दातागंज क्षेत्र में गंगा 135 किमी दूरी तय करती हैं। गंगा के दोनों ओर उपजाऊ भूमि भी है। गौर करने वाली बात यह है कि कृषि भूमि को लेकर जिले में सबसे ज्यादा विवाद गंगा और रामगंगा के तटवर्ती गांवों में ही हैं। भूमि का डिजिटलीकरण होने के बाद इसका सीधा फायदा भू स्वामी को होगा। उनकी जमीन पर कब्जा नहीं हो सकेगा और अगर कब्जा होता भी है तो उसे अनावश्यक रूप से कोर्ट कचहरी के चक्कर नहीं लगाने होंगे। संवाद
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डिजिटलीकरण से खत्म होंगे भूमि विवाद
सरकार ने बजट में गंगा किनारे भूमि के डिजिटलीकरण की व्यवस्था की है। इसका भी काफी लाभ बदायूं को होगा। बदायूं में तहसील सहसवान, सदर और दातागंज क्षेत्र में गंगा 135 किमी दूरी तय करती हैं। गंगा के दोनों ओर उपजाऊ भूमि भी है। गौर करने वाली बात यह है कि कृषि भूमि को लेकर जिले में सबसे ज्यादा विवाद गंगा और रामगंगा के तटवर्ती गांवों में ही हैं। भूमि का डिजिटलीकरण होने के बाद इसका सीधा फायदा भू स्वामी को होगा। उनकी जमीन पर कब्जा नहीं हो सकेगा और अगर कब्जा होता भी है तो उसे अनावश्यक रूप से कोर्ट कचहरी के चक्कर नहीं लगाने होंगे। संवाद
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