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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Land registry charges for the Ganga Expressway interchange, industrial corridors, and highway areas will increase by up to 15 percent.

Budaun News: गंगा एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज, औद्योगिक गलियारे व हाईवे की जमीनों की रजिस्ट्री 15 फीसदी तक होगी महंगी

Sun, 04 Oct 2026 11:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:51 PM IST
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Land registry charges for the Ganga Expressway interchange, industrial corridors, and highway areas will increase by up to 15 percent.
बिनावर से होकर निकल रहा गंगा एक्सप्रेस-वे। संवाद
बदायूं। जिले में विकास की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही अब जमीनों के सर्किल रेट भी बढ़ेंगे। बरेली हाईवे, मुरादाबाद हाईवे, एआरटीओ मार्ग के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज के आसपास जमीनों के 10 से 15 प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ेंगे। जमीनों के रेट बढ़ाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। सभी तहसीलों से जमीनों की मौजूदा स्थिति और बाजार भाव के आधार पर प्रस्ताव लिए जा रहे हैं। सर्वे और प्रस्ताव तैयार होने के बाद 15 अक्तूबर के बाद नए सर्किल रेट लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
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जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन की स्थिति, सड़क की चौड़ाई और आवागमन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए दरों का आकलन किया जा रहा है। इस बार खास बात यह है कि सड़क की चौड़ाई के आधार पर भी जमीन के सर्किल रेट में अंतर रहेगा। यानी जिस जमीन के सामने सड़क अधिक चौड़ी होगी, उसका निर्धारित सर्किल रेट भी उसी अनुपात में अधिक हो सकता है।
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शहर में नवादा चौराहे से पुरानी चुंगी तिराहा के बीच खेड़ा बुजुर्ग, कृष्णा पार्क, शहबाजपुर, श्यामनगर और पुरानी चुंगी तिराहा से दातागंज चुंगी तिराहा के बीच नई सराय नई बस्ती, शहबाजपुर, लोची नगला, कल्यान नगर का सर्किल रेट बढ़ेगा। इसके अलावा सात मीटर से कम चौड़ी सड़क, सात से 15 मीटर तक चौड़े रास्ते और 15 मीटर से अधिक चौड़े रास्तों के हिसाब से अकृषक भूमि की दरें अलग-अलग निर्धारित करने का प्रस्ताव है। इसमें सड़क की चौड़ाई बढ़ने के साथ जमीन की दर भी बढ़ेगी। (संवाद)
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15 अक्तूबर के बाद रजिस्ट्री कराने वालों की जेब पर पड़ेगा असर
15 अक्तूबर के बाद सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर जमीन की खरीद-फरोख्त पर पड़ेगा। जमीन की रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की गणना में सर्किल रेट महत्वपूर्ण आधार होता है। ऐसे में नई दरें लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों को पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

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हाईवे और औद्योगिक क्षेत्र पर खास नजर
प्रशासन की नजर उन क्षेत्रों पर भी है जहां पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है। हाईवे के किनारे, औद्योगिक गलियारों, प्रमुख सड़कों और विकसित हो रहे क्षेत्रों में जमीनों की मांग बढ़ी है। ऐसे स्थानों पर बाजार भाव में आए बदलाव को देखते हुए सर्किल रेट में संशोधन किया जा सकता है। तहसीलों से प्रस्ताव मिलने के बाद प्रशासन इन दरों का परीक्षण करेगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर नई दरें लागू की जाएंगी।
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सर्वे का काम चल रहा है। जल्द ही पूरा हो जाएगा। इस बार 10 से 15 प्रतिशत सर्किल रेट में इजाफा होगा। -नदीम रजा, उप निबंधक
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15 अक्तूबर तक सर्वे का काम लगभग पूरा हो जाएगा। उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -महेंद्र श्रीवास्तव, एडीएम एफआर
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