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क्या साइबेरिया में फैला प्लेग?: 28 साल की महिला रिसर्चर की मौत से उठे सवाल, 200 लोगों को किया गया क्वारंटीन
Mon, 05 Oct 2026 09:20 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 05 Oct 2026 09:20 AM IST
सार
रूस के साइबेरिया स्थित एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में 28 वर्षीय महिला कर्मचारी की संदिग्ध संक्रमण से मौत के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच और निगरानी बढ़ा दी है। बीमारी को फिलहाल 'अज्ञात कारण वाली निमोनिया' बताया गया है, जबकि प्लेग की आशंका भी सामने आई है। करीबी संपर्कों के परीक्षण फिलहाल निगेटिव बताए गए हैं और रूस ने इलाके में स्थिति स्थिर होने की बात कही है।
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सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रूस के साइबेरिया इलाके में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में कथित लैब हादसे के बाद एक महिला कर्मचारी की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। घटना इरकुत्स्क के पास शेलखोव स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की बताई जा रही है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि संक्रमण किस बीमारी या किस रोगाणु का है। रूस की सरकारी संस्था रोस्पोत्रेबनादजोर ने इसे “अज्ञात कारण वाली निमोनिया” का मामला बताया है, जबकि एक स्थानीय अधिकारी ने आशंका जताई कि महिला की मौत प्लेग से हुई हो सकती है।
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लैब कर्मचारी की मौत के बाद शुरू हुई जांच
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, घटना के बाद संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने जरूरी कदम उठाए हैं। मरने वाली कर्मचारी की उम्र 28 साल बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, उसे ऐसी निमोनिया थी जिसका कारण अभी तक पता नहीं चल सका है। रूस की उपभोक्ता अधिकार और मानव स्वास्थ्य निगरानी संस्था रोस्पोत्रेबनादजोर ने कहा कि इरकुत्स्क क्षेत्र, इरकुत्स्क शहर और शेलखोव में फिलहाल स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है। संस्था ने यह भी बताया कि एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट के एक कर्मचारी के मामले को लेकर विशेष सैनिटरी और महामारी नियंत्रण उपाय किए गए हैं।
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प्लेग की आशंका ने बढ़ाई चिंता
पड़ोसी क्षेत्र बुर्यातिया के प्रमुख अलेक्सी त्सिदेनोव ने इससे पहले कहा था कि 28 वर्षीय महिला की मौत “संभवतः प्लेग” से हुई है। हालांकि, उन्होंने साथ ही साफ किया कि बुर्यातिया में प्लेग का कोई प्रकोप नहीं है। इस बयान के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई, लेकिन रूसी अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि महिला की मौत वास्तव में प्लेग से हुई थी।
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'घबराने की जरूरत नहीं'
इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने शुक्रवार को लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय एंटी-एपिडेमिक आयोग की एक आपात बैठक हुई, जिसमें रूस के मुख्य सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल हुए। कोबजेव के मुताबिक, बैठक एक ऐसे व्यक्ति में 'बेहद खतरनाक संक्रमण के संदिग्ध मामले' के कारण बुलाई गई थी, जो क्षेत्र का निवासी था।
एल्युमिनियम प्लांट में कर्मचारियों को मास्क पहनने की सलाह
लैब के पास स्थित इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट ने एहतियात के तौर पर अपने कर्मचारियों को मास्क पहनने के निर्देश दिए। प्लांट के निदेशक आर्टेम फोमिनिख ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कई तरह की अफवाहें और एक-दूसरे से अलग खबरें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों का संक्रमित कर्मचारी से करीबी संपर्क हुआ था, उन सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
करीबी संपर्कों में अभी बीमारी के लक्षण नहीं
फोमिनिख ने बताया कि फिलहाल करीबी संपर्क में आए लोगों में बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे हैं और उनके प्रयोगशाला परीक्षण भी निगेटिव आए हैं। हालांकि, स्थानीय स्वतंत्र समाचार संगठन लीउदी बैकाल की गैर-आधिकारिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब 200 लोगों को शेलखोव के उस अस्पताल में निगरानी में रखा गया, जहां लैब कर्मचारी को इलाज के लिए ले जाया गया था।
मेटरनिटी अस्पताल में भी लगाया गया क्वारंटीन
लीउदी बैकाल की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के कम से कम एक मेटरनिटी अस्पताल में भी क्वारंटीन लागू किया गया है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इलाके में वास्तविक स्थिति को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। खासकर इसलिए क्योंकि अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कर्मचारी को किस संक्रमण ने बीमार किया था।
'प्लेग होने की संभावना कम'
रूस की स्वास्थ्य निगरानी संस्था रोस्पोत्रेबनादजोर के पूर्व प्रमुख गेनाडी ओनिशेंको ने शुक्रवार को कहा कि इरकुत्स्क में सामने आया संक्रमण 'सबसे अधिक संभावना है कि प्लेग नहीं है।' उन्होंने सरकारी समाचार एजेंसी TASS से कहा कि अगर जांच में प्लेग की पुष्टि भी होती है, तब भी बीमारी के बड़े पैमाने पर फैलने की संभावना नहीं होगी। उन्होंने ठंड के मौसम का जिक्र करते हुए कहा कि इससे संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिल सकती है।
प्लेग के है तीन रूप
प्लेग एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो Yersinia pestis नाम के बैक्टीरिया से होती है। इसके तीन प्रमुख रूप माने जाते हैं। इनमें ब्यूबोनिक प्लेग सबसे आम रूप है, जबकि सेप्टीसीमिक और न्यूमोनिक प्लेग इसके अन्य रूप हैं। न्यूमोनिक प्लेग यानी फेफड़ों को प्रभावित करने वाला प्लेग सबसे ज्यादा चिंता पैदा करता है, क्योंकि यह संक्रमित व्यक्ति के सांस से निकलने वाले कणों के जरिए दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इसके विपरीत प्लेग के दूसरे रूप आमतौर पर संक्रमित पिस्सुओं, जानवरों या संक्रमित ऊतकों के संपर्क से फैलते हैं।
न्यूमोनिक प्लेग में तेजी से बिगड़ सकती है हालत
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र यानी CDC के अनुसार, न्यूमोनिक प्लेग से संक्रमित व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसके बाद तेजी से निमोनिया विकसित हो सकता है। मरीज को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और खांसी हो सकती है। कुछ मामलों में खांसी के साथ खून या पानी जैसा बलगम भी आ सकता है।
अमेरिका भी रूस की स्थिति पर नजर रख रहा
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक मीडिया चैनल को बताया कि उसे रूस में न्यूमोनिक प्लेग से संभावित मौत की जानकारी है। विभाग ने कहा कि वह CDC और अन्य संबंधित अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, अभी मामले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियों की पुष्टि नहीं हुई है। उसने रूसी अधिकारियों से स्थिति की सटीक जानकारी तेजी से और पारदर्शी तरीके से साझा करने की अपील की है।
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WHO के मुताबिक प्लेग गंभीर है, लेकिन इलाज संभव
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्लेग गंभीर बीमारी है और इससे मौत का खतरा काफी अधिक हो सकता है। हालांकि, समय रहते बीमारी की पहचान होने पर इसका एंटीबायोटिक दवाओं से इलाज किया जा सकता है। इसके अलावा संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों के संबंध में जरूरी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है। फिलहाल इरकुत्स्क की घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर महिला कर्मचारी को किस संक्रमण ने अपनी चपेट में लिया और क्या इसका संबंध लैब में हुई किसी दुर्घटना से है। रूसी अधिकारियों की जांच और प्रयोगशाला परीक्षणों के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।