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अमर उजाला अभियान शिक्षा: बार-बार लौटकर आ रही कोरोना की लहर, बीमार हैं तब भी लगवाएं टीका
Wed, 30 Mar 2022 12:27 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 12:27 AM IST
सार
कोरोना की पहली लहर के दौरान टीका नहीं था। दूसरी लहर के दौरान टीका तो आ गया था, लेकिन लोग टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं थे। इससे काफी संख्या में ऐसे लोग भी रहे जिनको पहला टीका लगने के बाद भी संक्रमण ने घेर लिया।
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टीका लगवाता छात्र।
- फोटो : BADAUN
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की लहर बार-बार लौटकर आ रही है। पहली लहर से ज्यादा नुकसान दूसरी लहर में हुआ था। जिले में दूसरी लहर के दौरान 100 से ज्यादा लोगों की जान भी चली गई। मार्च 2020 से अब तक जिले में 18013 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमण 101 लोगों की जान भी ले चुका है, जबकि तीसरी लहर एक तरह से निष्प्रभावी रही। अब जून में चौथी लहर का खतरा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर कोई बीमार है तो उसे भी टीका लगवाना चाहिए। बीमार लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में संक्रमण उनको जल्द घेर सकता है।
कोरोना की पहली लहर के दौरान टीका नहीं था। दूसरी लहर के दौरान टीका तो आ गया था, लेकिन लोग टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं थे। इससे काफी संख्या में ऐसे लोग भी रहे जिनको पहला टीका लगने के बाद भी संक्रमण ने घेर लिया। ऐसे में लोगों को लगा कि टीका प्रभावी नहीं है, लेकिन दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से मौतों ने लोगों को झकझोर दिया। दूसरी लहर के दौरान ही टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। जिले में अब तक 2223495 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें 2129378 लोगों ने दूसरा टीका भी लगवा लिया है। 15 से 17 वर्ष के 225226 किशोर-किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें 87083 किशोर-किशोरियों ने दूसरा टीका लगवा लिया है।
तीसरी लहर से पहले बड़ी आबादी को टीका लगने के कारण तीसरी लहर एक प्रकार से निष्प्रभावी रही। हालांकि, लोग संक्रमित हुए, लेकिन उनको अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। क्वारंटीन का समय भी 15 दिन से घटकर सात दिन पर आ गया। चौथी लहर से पहले अब सभी बुजुर्गों को बूस्टर डोज भी दी जाएगी।
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-ऋषिपाल सिंह
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पिछले साल ही मैंने और परिवार के लोगों ने टीका लगवा लिया था। किशोर-किशोरियों और बच्चों का टीकाकरण अब शुरू हुआ है। उनको भी टीका लगवा दिया है। टीकाकरण हमारी जिम्मेदारी है।
-राजकुमार सिंह सेंगर
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बच्चों ने स्कूल में टीका लगवाया है। घर पर आकर इस बारे में बताया तो काफी खुशी हुई। समय आने पर उनको दूसरा टीका लगवाने और सहपाठियों को जागरूक करने को कहा है।
-ज्योति गुप्ता
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टीकाकरण को लेकर अब कोई भ्रांति नहीं है। लोगों को समझना चाहिए कि तीसरी लहर निष्प्रभावी ही टीकाकरण के कारण ही रही है। चौथी लहर से पहले सभी टीका लगवा लें तो बेहतर होगा।
-लता सैनी
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बच्चों ने कहा-जैसे ही लगा शिविर लगवाया टीका
टीकाकरण को लेकर पहले से उत्साहित था। स्कूल में टीकाकरण कैंप लगा तो सहपाठियों के साथ टीका लगवाया। किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। बेहतर महसूस कर रहा हूं।
-दिव्यांग
बच्चों को भी अपनी बारी आने का इंतजार था। पहले चरण में जब टीकाकरण शुरू हुआ था तब लोग टीकाकरण का फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते थे। उससे काफी प्रभावित हुआ।
-सूर्यांश
स्कूलों में लगने वाले टीकाकरण शिविरों में छात्राओं की संख्या छात्रों से कम नहीं है। छात्राओं में टीकाकरण को लेकर किसी तरह का भय या भ्रांति नहीं है। टीकाकरण के बाद अच्छा लग रहा है।
-सौम्या
टीका सभी को लगवाना चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अखबारों में न्यूज चेनल पर जो हालात दिखाए जा रहे थे उनको देख कर डर लगता था। कोरोना से बचाव के लिए टीका कवच है।
-लक्ष्मी सागर
टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक है। पहली, दूसरी और तीसरी लहर की तुलना की जाए तो तीसरी लहर का खास असर नहीं रहा। इसका एक प्रमुख कारण एक बड़ी आबादी का टीकाकरण होना रहा। अगर कोई बीमार है तो उसे स्वस्थ लोगों से ज्यादा टीके की जरूरत है।
-डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ / नोडल अधिकारी टीकाकरण
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कोरोना की पहली लहर के दौरान टीका नहीं था। दूसरी लहर के दौरान टीका तो आ गया था, लेकिन लोग टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं थे। इससे काफी संख्या में ऐसे लोग भी रहे जिनको पहला टीका लगने के बाद भी संक्रमण ने घेर लिया। ऐसे में लोगों को लगा कि टीका प्रभावी नहीं है, लेकिन दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से मौतों ने लोगों को झकझोर दिया। दूसरी लहर के दौरान ही टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। जिले में अब तक 2223495 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें 2129378 लोगों ने दूसरा टीका भी लगवा लिया है। 15 से 17 वर्ष के 225226 किशोर-किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें 87083 किशोर-किशोरियों ने दूसरा टीका लगवा लिया है।
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तीसरी लहर से पहले बड़ी आबादी को टीका लगने के कारण तीसरी लहर एक प्रकार से निष्प्रभावी रही। हालांकि, लोग संक्रमित हुए, लेकिन उनको अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। क्वारंटीन का समय भी 15 दिन से घटकर सात दिन पर आ गया। चौथी लहर से पहले अब सभी बुजुर्गों को बूस्टर डोज भी दी जाएगी।
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पोलियो अभियान के दौरान टीकाकरण प्रभावित
जिले में 15 से 17 वर्ष के किशोर-किशोरियों का टीकाकरण तीन जनवरी से और 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण 16 मार्च से शुरू हुआ था। 2.19 लाख किशोर-किशोरियों और 1.32 लाख बच्चों का टीका लगाया जाना है। इस दौरान 20 से 28 मार्च के बीच पोलियो उन्मूलन अभियान के कारण बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार प्रभावित हुई। अब तक 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए 17 टीकाकरण केंद्र ही हैं। अब बुुधवार से केंद्रों की संख्या में इजाफा किया जाएगा। दरअसल, पोलियो उन्मूलन अभियान सोमवार को खत्म हो चुका है।कोरोना टीकाकरण में पिछड़ा मिशन इंद्रधनुष अब पकड़ रहा तेजी
आशा वर्कर्स, एएनएम समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना टीकाकरण में व्यस्त रहने से जिले में मिशन इंद्रधनुष पिछड़ गया है। नियमित टीकाकरण में जिले में 20 हजार से ज्यादा बच्चे और साढ़े छह हजार से ज्यादा महिलाओं को टीका नहीं कराया जा सका। मिशन इंद्रधनुष के तहत गर्भवती महिलाओं को टिटनेस का टीका और पांच वर्ष तक के बच्चों को डिप्थीरिया, बलगम, टिटनस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी बीमारियों से बचाने के लिए सात टीके लगाए जाते हैं। कोरोना काल से पहले तक जिला मिशन इंद्रधनुष में पहले स्थान पर था लेकिन कोरोना काल में पिछड़ गया। अब जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण सात मार्च से शुरू हो चुका है। दूसरा चरण अप्रैल में और तीसरा मई में होगा।नोडल अधिकारी ने कहा-सभी लगवाएं टीका
नोडल अधिकारी टीकाकरण डॉ. मोहम्मद असलम का कहना है कि अगर कोई बच्चा या किशोर-किशोरी किसी बीमारी से ग्रस्त है तो अभिभावकों को चाहिए कि उसे प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं। टीके से कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होगा। अब तक जिन करीब पांच हजार बच्चों को टीका लगाया गया है उनमें 80 बच्चे किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। टीका लगने के बाद वे स्वस्थ हैं।अभिभावकों ने कहा-सभी ने टीका लगवा लिया
टीका बेहद जरूरी है। मेरे परिवार में सभी ने टीका लगवाया है। बच्चों को भी टीका लगवा दिया है। किसी को किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। हम लोग अच्छा महसूस कर रहे हैं।-ऋषिपाल सिंह
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पिछले साल ही मैंने और परिवार के लोगों ने टीका लगवा लिया था। किशोर-किशोरियों और बच्चों का टीकाकरण अब शुरू हुआ है। उनको भी टीका लगवा दिया है। टीकाकरण हमारी जिम्मेदारी है।
-राजकुमार सिंह सेंगर
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बच्चों ने स्कूल में टीका लगवाया है। घर पर आकर इस बारे में बताया तो काफी खुशी हुई। समय आने पर उनको दूसरा टीका लगवाने और सहपाठियों को जागरूक करने को कहा है।
-ज्योति गुप्ता
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टीकाकरण को लेकर अब कोई भ्रांति नहीं है। लोगों को समझना चाहिए कि तीसरी लहर निष्प्रभावी ही टीकाकरण के कारण ही रही है। चौथी लहर से पहले सभी टीका लगवा लें तो बेहतर होगा।
-लता सैनी
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बच्चों ने कहा-जैसे ही लगा शिविर लगवाया टीका
टीकाकरण को लेकर पहले से उत्साहित था। स्कूल में टीकाकरण कैंप लगा तो सहपाठियों के साथ टीका लगवाया। किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। बेहतर महसूस कर रहा हूं।
-दिव्यांग
बच्चों को भी अपनी बारी आने का इंतजार था। पहले चरण में जब टीकाकरण शुरू हुआ था तब लोग टीकाकरण का फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते थे। उससे काफी प्रभावित हुआ।
-सूर्यांश
स्कूलों में लगने वाले टीकाकरण शिविरों में छात्राओं की संख्या छात्रों से कम नहीं है। छात्राओं में टीकाकरण को लेकर किसी तरह का भय या भ्रांति नहीं है। टीकाकरण के बाद अच्छा लग रहा है।
-सौम्या
टीका सभी को लगवाना चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अखबारों में न्यूज चेनल पर जो हालात दिखाए जा रहे थे उनको देख कर डर लगता था। कोरोना से बचाव के लिए टीका कवच है।
-लक्ष्मी सागर
टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक है। पहली, दूसरी और तीसरी लहर की तुलना की जाए तो तीसरी लहर का खास असर नहीं रहा। इसका एक प्रमुख कारण एक बड़ी आबादी का टीकाकरण होना रहा। अगर कोई बीमार है तो उसे स्वस्थ लोगों से ज्यादा टीके की जरूरत है।
-डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ / नोडल अधिकारी टीकाकरण