बदायूं से होकर गुजरने वाली सोत नदी किसानों के लिए जीवनदायिनी है। इसमें जल्द ही पानी आएगा। सोत नदी पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नोटिस भी जारी किया जा चुका है। यह बात सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने शनिवार को विकास भवन सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि बदायूं से होकर गंगा, रामगंगा, सोत, महावा, अरिल नदियां गुजरती हैं। बाढ़ से सुरक्षा के लिए 91.400 किलोमीटर के दायरे में छह तटबंध गंगा महावा, नगला अजेमरी, चंद्रनुपर हुसैनपुर, जौरी नगला, उसैहत और उसावां में बनाए गए हैं। बरसात में यहां के 106 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इनमें अभी केवल 16 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें तोतापुर बझांगी, मैंगरा, रघुपुर, सोन सिवारक, चौकीदार की मढ़ैया, परौठी, वीरसहाय नगला, परशुराम नगला, गिरधारी नगला, खागी नगला,भमरौलिया, अहमद नगर बछौरा, कल्लू की मैढय़ा, असमय रफ्तपुर, कमलू नगला, बल्ले नबला जटा आदि हैं। गंगा नदी पर महावा तटबंध पर 15 से 16.400 किलोमीटर तक मध्य फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया जा रहा है। सिंचाई मंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि समृद्धि सिंचाई योजना और ऋण मोचन योजना सरकार ने किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। जिले में ऋण माफी के लिए किसानों को प्रमाण पत्र तहसील और जिला स्तर पर बांटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब से सिंचाई फ्री हुई हैं, तब से जेई नहरों की देखभाल नहीं करते हैं। कोई नहर की मेढ़ काटता है, तो सबसे पहले जेई निलंबित हो।