फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   accident

नूरगंज घाट के पास तीन किशोर गंगा में बहे, एक की मौत

Mon, 15 Aug 2022 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Aug 2022 01:18 AM IST
विज्ञापन
accident
गंगा के नूरगंज घाट के पास जुटे ग्रामीण और महिलाएं। - फोटो : BADAUN
उझानी/कछला (बदायूं)। गंगा स्नान करने पड़ोसी गांव नूरगंज घाट पर पहुंचे पांच किशोरों में तीन बह गए। दो किशोर तो डूबने से बाल-बाल बच गए लेकिन निशांत बह गया। उसका पता नहीं लगने पर चारों किशोर घर पहुंचे और परिवार वालों को मौके पर बुला लाए। करीब दो घंटे बाद गोताखोरों और ग्रामीणों ने उसे खोज निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। निशांत कछला के राधेलाल इंटर कॉलेज में 10 वीं का छात्र था।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के गांव कोटरा निवासी निशांत (15) पुत्र रिंकू, अजय (15) पुत्र राजकुमार, शेखर (14) पुत्र मुगेंद्र सिंह, भूपेंद्र (16) पुत्र पिंकू सिंह और अखिल (15) पुत्र सुभाष शनिवार पूर्वाह्न स्नाने के लिए आए थे। गंगा में जलस्तर अधिक होने के कारण घाट भी बेतरतीब हो गया था। इसके बाद निशांत समेत पांच किशोर गंगा स्नान करने लगे। स्नान करते समय निशांत गहरे में चला गया। निशांत को बचाने के लिए शेखर और भूपेंद्र आगे बढ़े तो वे भी बहने लगे। शेखर और भूपेंद्र के शोर मचाने पर निशांत ने गंगा में भैंस की पूंछ पकड़ ली, लेकिन पूंछ हाथ से छूट गई। ऐसे में निशांत बह गया। यह देख उसके तीनों साथी दौड़कर गांव कोटरा पहुंचे और परिवार वालों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। निशांत के परिजन समेत कई लोग घाट पर आ गए। गोताखोरों की मदद से खोजबीन के दौरान निशांत को ढूंढ लिया गया पर उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस कर्मी भी पहुंचे लेकिन परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन

-
भैंस की पूंछ भी जिंदगी बचाने में नहीं आई काम
प्रत्यक्षदर्शी किशोर भूपेंद्र ने बताया कि निशांत जहां पर स्नान कर रहा था, उसके पास ही एक भैंस भी थी। भैंस दूसरी पार बढ़ने लगी तो निशांत ने उसकी पूंछ पकड़ ली। उसे लगा कि वह भैंस की पूंछ के सहारे बहने से बचते हुए गंगा पार निकल जाएगा लेकिन अचानक ही पूंछ उसके हाथ से छूट गई। इसके कुछ देर बाद ही वह आंखों से ओझल हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
पिता के साथ भाई को राखी बांधने मायके गई थी मां
छात्र निशांत की गंगा में डूबने से मौत की जानकारी उसके पिता रिंकू और मां कांती देवी को रिश्तेदारी में लगी। मां अपने भाई को राखी बांधने के लिए एक दिन पहले ही बिनावर के पस्तौर गांव गई थी। पिता भी उसी के साथ थे। परिवार के लोगों से रिंकू को जब पता लगा तो वह पत्नी के साथ लौट पड़े। रिश्तेदार भी उनके साथ आए। गांव पहुंचने तक मां को निशांत की मौत के बारे में नहीं बताया गया। दरवाजे पर लोगों की भीड़ देख वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी। बेटे की मौत के बाद से वह बदहवास है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed