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पेंशन की गारंटी के लिए चलेगा पेंशन बचाओ अंदोलन
Updated Sun, 10 Dec 2017 07:13 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पीएफआरडीए कानून 2013 को रद्द करने की उठी मांग
बदायूं।
नगर पालिका प्रांगण में सामुदायिक भवन में पेंशन बचाओ सम्मेलन में हुआ। इसमें कर्मचारियों और शिक्षकों की पेंशन, भविष्य निधि को पूंजीधारकों के हवाले करने वाला पीएफआरडीए कानून 2013 पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को रद्द करने की मांग उठाई गई। सम्मेलन में पांच सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया।
मुख्य अतिथि अटेवा के वरिष्ठ प्रदेेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र राय ने कहा कि हर हाल में वह पुरानी पेंशन दिलवाकर ही रहेंगे। इसके लिए उन्हें चाहे कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्रांति सिंह ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों और शिक्षकों पर बड़ा हमला है। सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों की मेहनत की जमा पूंजी को बड़े पूंजीघरानों के हवाले कर रही है। इसका पुरजोर विरोध होगा। पेंशन बचाओ अंदोलन समन्वयक अनिल कुमार यादव ने कहा कि नई पेंशन शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ ही नहीं, देशहित के खिलाफ भी है। अटेवा प्रदेेश महामंत्री प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि नई नीतियों की मारझेल रहे किसानों, व्यापारियों, संविदा कर्मियों समेत आम जनता के साथ मोर्चा बनाकर आंदोलन को व्यापक बनाने की जरूरत पर बल दिया। सम्मेलन में पांच सूची प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर लल्लू सिंह, सरोज यादव, अजीत सिंह यादव, दीपक गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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बदायूं।
नगर पालिका प्रांगण में सामुदायिक भवन में पेंशन बचाओ सम्मेलन में हुआ। इसमें कर्मचारियों और शिक्षकों की पेंशन, भविष्य निधि को पूंजीधारकों के हवाले करने वाला पीएफआरडीए कानून 2013 पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को रद्द करने की मांग उठाई गई। सम्मेलन में पांच सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया।
मुख्य अतिथि अटेवा के वरिष्ठ प्रदेेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र राय ने कहा कि हर हाल में वह पुरानी पेंशन दिलवाकर ही रहेंगे। इसके लिए उन्हें चाहे कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्रांति सिंह ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों और शिक्षकों पर बड़ा हमला है। सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों की मेहनत की जमा पूंजी को बड़े पूंजीघरानों के हवाले कर रही है। इसका पुरजोर विरोध होगा। पेंशन बचाओ अंदोलन समन्वयक अनिल कुमार यादव ने कहा कि नई पेंशन शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ ही नहीं, देशहित के खिलाफ भी है। अटेवा प्रदेेश महामंत्री प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि नई नीतियों की मारझेल रहे किसानों, व्यापारियों, संविदा कर्मियों समेत आम जनता के साथ मोर्चा बनाकर आंदोलन को व्यापक बनाने की जरूरत पर बल दिया। सम्मेलन में पांच सूची प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर लल्लू सिंह, सरोज यादव, अजीत सिंह यादव, दीपक गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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