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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फिर से नि:शुल्क पैथोलॉजी टेस्ट शुरू
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:38 AM IST
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उझानी (बदायूं)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महंगे पैथोलोजी टेस्ट पर करीब डेढ़ महीने तक लगे ब्रेक के बाद सेहत महकमे के अफसरों और निजी कंपनी कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर के बीच बनी सहमति के बाद एक बार फिर से मरीजों के लिए बेहतर सुविधा के रास्ते खुल गए हैं। करीब डेढ़ महीने पहले कंपनी के कारिंदों ने स्वास्थ्य केंद्र पर आकर ब्लड सेंपल लेने से इंकार कर दिया था।
पूरे प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों के महंगे पैथोलोजी टेस्ट कराने की सुविधा की शुरुआत करीब छह महीने पहले हुई थी। सेहत महकमे ने इसके लिए निजी कंपनी कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स को अधिकृत किया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कंपनी ने बुलंदशहर को सेंटर बनाया था। बुलंदशहर से ही रोजाना कंपनी के कारिंदे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आकर ब्लड सेंपल ले जाया करते थे लेकिन डेढ़ महीना पहले कंपनी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर आकर टेस्टिंग के लिए ब्लड सेंपल उठाने से इंकार कर दिया था। वजह क्या रही, यह तो स्थानीय स्तर के अफसरों को नहीं पता लेकिन उन्होंने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर से संपर्क साधा तो बताया गया कि शासन स्तर से रोक लगा दी गई है। लैब असिस्टेंट सौरभ सक्सेना ने बताया कि लखनऊ में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सेहत महकमे के अफसरों के बीच के पिछले सप्ताह वार्ता में फिर से महंगे पैथोलोजी टेस्ट कराने की सुविधा शुरू करा दी गई है।
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काफी महंगे होते हैं ये टेस्ट
सेहत महकमे ने जिन नि:शुल्क पैथोलोजी टेस्ट की सुविधा शुरू की उनमें क्लीनिकल पैथोलोजी, बायो कैमिस्ट्री और यूरिन से जुड़े 23 टेस्ट कराए जाते हैं। क्लीनिकल पैथोलोजी के तहत पीटीआईएनआर, सीबीसी, टोटल रेड ब्लड सेल काउंट, प्लेटलेट्स काउंट और पैक्ड सेल वॉल्यूम (पीसीवी) तो बायो कैमिस्ट्री के टेस्ट में ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, एसजीओटी, एसजीपीटी, टोटल प्रोटीन एस एल्बूमिन, टोटल कैलोस्ट्रॉल थायराइड, एसएचडीएल, टी-3 और टी-4 के अलावा टीएसएच भी शामिल है। यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट और यूरिन से ही शुगर समेत एल्बूमिन की जांच भी नि:शुल्क होती है।
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वर्जन
कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स के कर्मचारी यहां आकर मरीजों के ब्लड सेंपल ले जाने लगे हैं। इसका उन सभी मरीजों को बेहतर लाभ मिलेगा जो आर्थिंक तंगी की वजह से जरूरी टेस्ट नहीं करा पाते। टेस्टिंग पर होने वाला खर्च कंपनी को सेहत महकमा शासन स्तर से मुहैया कराता है।
- डॉ. निरंजन सिंह, चिकित्साधीक्षक
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पूरे प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों के महंगे पैथोलोजी टेस्ट कराने की सुविधा की शुरुआत करीब छह महीने पहले हुई थी। सेहत महकमे ने इसके लिए निजी कंपनी कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स को अधिकृत किया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कंपनी ने बुलंदशहर को सेंटर बनाया था। बुलंदशहर से ही रोजाना कंपनी के कारिंदे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आकर ब्लड सेंपल ले जाया करते थे लेकिन डेढ़ महीना पहले कंपनी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर आकर टेस्टिंग के लिए ब्लड सेंपल उठाने से इंकार कर दिया था। वजह क्या रही, यह तो स्थानीय स्तर के अफसरों को नहीं पता लेकिन उन्होंने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर से संपर्क साधा तो बताया गया कि शासन स्तर से रोक लगा दी गई है। लैब असिस्टेंट सौरभ सक्सेना ने बताया कि लखनऊ में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सेहत महकमे के अफसरों के बीच के पिछले सप्ताह वार्ता में फिर से महंगे पैथोलोजी टेस्ट कराने की सुविधा शुरू करा दी गई है।
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काफी महंगे होते हैं ये टेस्ट
सेहत महकमे ने जिन नि:शुल्क पैथोलोजी टेस्ट की सुविधा शुरू की उनमें क्लीनिकल पैथोलोजी, बायो कैमिस्ट्री और यूरिन से जुड़े 23 टेस्ट कराए जाते हैं। क्लीनिकल पैथोलोजी के तहत पीटीआईएनआर, सीबीसी, टोटल रेड ब्लड सेल काउंट, प्लेटलेट्स काउंट और पैक्ड सेल वॉल्यूम (पीसीवी) तो बायो कैमिस्ट्री के टेस्ट में ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, एसजीओटी, एसजीपीटी, टोटल प्रोटीन एस एल्बूमिन, टोटल कैलोस्ट्रॉल थायराइड, एसएचडीएल, टी-3 और टी-4 के अलावा टीएसएच भी शामिल है। यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट और यूरिन से ही शुगर समेत एल्बूमिन की जांच भी नि:शुल्क होती है।
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कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स के कर्मचारी यहां आकर मरीजों के ब्लड सेंपल ले जाने लगे हैं। इसका उन सभी मरीजों को बेहतर लाभ मिलेगा जो आर्थिंक तंगी की वजह से जरूरी टेस्ट नहीं करा पाते। टेस्टिंग पर होने वाला खर्च कंपनी को सेहत महकमा शासन स्तर से मुहैया कराता है।
- डॉ. निरंजन सिंह, चिकित्साधीक्षक