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Budaun News: आठ किमी. सड़क में गड्ढे हजार... कीचड़ तो कहीं उड़े धूल के गुबार
Sat, 01 Mar 2025 12:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:32 AM IST
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पनबड़िया पुलिया पर चल रहा निर्माण कार्य। संवाद
उझानी। हर दो-चार कदम के बीच गड्ढों में लापता सकरीजंगल रोड इलाके के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। करीब आठ किलोमीटर के दायरे में अगर कोई सड़क के गड्ढे गिनने को निकल पड़े तो संख्या एक हजार पार कर जाएगी। इसके बाद भी जिम्मेदारों को गड्ढे नजर नहीं आते हैं। वहीं, आबादी के पास गड्ढों में पानी भर जाने से कीचड़ बनी रहती है। कई जगह धूल के गुबार भी राहगीरों की सांस फुला रहे हैं।
सकरीजंगल रोड पर उझानी की ओर से सबसे पहले गांव अढौली के पास ही गड्ढों में पानी भरा मिलेगा। अढौली पार करते ही सकरीजंगल तक सड़क का वजूद ही लगभग समाप्त हो गया। इलाके के लोगों की मानें तो सकरीजंगल से आगे असरासी और रमजानपुर होकर ककराला तक यही रास्ता निकलता है। आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को बाजार आकर जरूरी सामान खरीदने और खेतों की उपज बेचने के लिए मंडी समिति आने में ही उन्हें आठ किलोमीटर का सफर पूरा करने में करीब एक घंटा लग जाता है।
सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है। एंबुलेंस के जरिये किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य तक लाया जाए तो साथ में मौजूद तीमारदार भी असहज हो जाते हैं।
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सड़क से जुड़े हैं एक दर्जन गांव, बचके निकले तो दूरी ज्यादा
- खस्ताहाल सकरीजंगल रोड से करीब एक दर्जन गांव जुड़े हैं। इनमें सकरीजंगल के अलावा, अढौली, ठिरिया, अहीरवारा, तेहरा, बेनीनगला के नाम मुख्य है। सकरीजंगल से आगे के ग्रामीणों के लिए वाया बुर्राफरीदपुर होकर दूसरा रास्ता है, लेकिन इस रास्ते से होकर सफर करने में करीब दो-ढाई किलोमीटर की दूरी ज्यादा तय करनी पड़ती है। बाइक सवार लोगों को तो ज्यादा दूरी महसूस नहीं होती, लेकिन पैदल आने-जाने वाले ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ जाती है।
- उझानी और अढौली के बीच महज एक किलोमीटर का सफर वह रोजाना करते हैं। गांव से बाहर कदम रखते ही सबसे पहले तालाब के पास फिर अनाज गोदाम के पास बने शनिदेव और शिव मंदिर के सामने सड़क पर भरे पानी से रूबरू होना पड़ जाता है।- ओमपाल सिंह, अढौली
- मेरा व्यवसायिक कामकाज उझानी से जुड़ा है। पैतृक घर अहीरवारा गांव में है, लेकिन जब भी गांव आना-जाना हो तो बुर्राफरीदपुर होकर सफर करना होता है। ऐसा भी नहीं कि पीडब्ल्यूडी के अफसर को हकीकत का पता नहीं हो।- सुरजीत सादव, अहीरवारा
जिले में जहां-जहां सड़कें टूटी पड़ी हुई हैं वहां मरम्मत कराई जाएगी। जल्द ही मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
-नरेश कुमार सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
पनबड़िया की पुलिया के दोनों ओर पड़ना शुरू हुई सड़क
शहर में पनबड़िया विद्युत उपकेंद्र के पास कोरोना काल में पुलिया बनाई गई थी। पुलिया के दोनों ओर सड़क नहीं बनी थी। जिससे यहां पानी भर जाता था। बीते करीब चार साल से लोग यहां सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। सबसे ज्यादा दिक्कत यहां बरसात में होती थी। अब नगर पालिका की तरफ से यहां सड़क डलवाई जा रही है।
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सकरीजंगल रोड पर उझानी की ओर से सबसे पहले गांव अढौली के पास ही गड्ढों में पानी भरा मिलेगा। अढौली पार करते ही सकरीजंगल तक सड़क का वजूद ही लगभग समाप्त हो गया। इलाके के लोगों की मानें तो सकरीजंगल से आगे असरासी और रमजानपुर होकर ककराला तक यही रास्ता निकलता है। आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को बाजार आकर जरूरी सामान खरीदने और खेतों की उपज बेचने के लिए मंडी समिति आने में ही उन्हें आठ किलोमीटर का सफर पूरा करने में करीब एक घंटा लग जाता है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है। एंबुलेंस के जरिये किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य तक लाया जाए तो साथ में मौजूद तीमारदार भी असहज हो जाते हैं।
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सड़क से जुड़े हैं एक दर्जन गांव, बचके निकले तो दूरी ज्यादा
- खस्ताहाल सकरीजंगल रोड से करीब एक दर्जन गांव जुड़े हैं। इनमें सकरीजंगल के अलावा, अढौली, ठिरिया, अहीरवारा, तेहरा, बेनीनगला के नाम मुख्य है। सकरीजंगल से आगे के ग्रामीणों के लिए वाया बुर्राफरीदपुर होकर दूसरा रास्ता है, लेकिन इस रास्ते से होकर सफर करने में करीब दो-ढाई किलोमीटर की दूरी ज्यादा तय करनी पड़ती है। बाइक सवार लोगों को तो ज्यादा दूरी महसूस नहीं होती, लेकिन पैदल आने-जाने वाले ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ जाती है।
- उझानी और अढौली के बीच महज एक किलोमीटर का सफर वह रोजाना करते हैं। गांव से बाहर कदम रखते ही सबसे पहले तालाब के पास फिर अनाज गोदाम के पास बने शनिदेव और शिव मंदिर के सामने सड़क पर भरे पानी से रूबरू होना पड़ जाता है।- ओमपाल सिंह, अढौली
- मेरा व्यवसायिक कामकाज उझानी से जुड़ा है। पैतृक घर अहीरवारा गांव में है, लेकिन जब भी गांव आना-जाना हो तो बुर्राफरीदपुर होकर सफर करना होता है। ऐसा भी नहीं कि पीडब्ल्यूडी के अफसर को हकीकत का पता नहीं हो।- सुरजीत सादव, अहीरवारा
जिले में जहां-जहां सड़कें टूटी पड़ी हुई हैं वहां मरम्मत कराई जाएगी। जल्द ही मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
-नरेश कुमार सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
पनबड़िया की पुलिया के दोनों ओर पड़ना शुरू हुई सड़क
शहर में पनबड़िया विद्युत उपकेंद्र के पास कोरोना काल में पुलिया बनाई गई थी। पुलिया के दोनों ओर सड़क नहीं बनी थी। जिससे यहां पानी भर जाता था। बीते करीब चार साल से लोग यहां सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। सबसे ज्यादा दिक्कत यहां बरसात में होती थी। अब नगर पालिका की तरफ से यहां सड़क डलवाई जा रही है।

पनबड़िया पुलिया पर चल रहा निर्माण कार्य। संवाद

पनबड़िया पुलिया पर चल रहा निर्माण कार्य। संवाद

पनबड़िया पुलिया पर चल रहा निर्माण कार्य। संवाद

पनबड़िया पुलिया पर चल रहा निर्माण कार्य। संवाद