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Budaun News: रिंग रोड पर 750 करोड़ रुपये होंगे खर्च, बनेंगे दो आरओबी और चार ओवरब्रिज
Wed, 22 Apr 2026 01:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:38 AM IST
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एनएचआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला से रिंग रोड के बारे में जानकारी लेते केंद्रीय राज्यमंत
बदायूं। शहर में करीब 20 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) लगभग तैयार हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अनुमानित 750 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इस रिंग रोड में दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और चार फ्लाई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम ने हाल ही में इसका निरीक्षण किया है।
सोमवार को दिल्ली से आई राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक टीम ने रिंग रोड के लिए शहर के चारों ओर का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य परियोजना के मार्ग और तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करना था। इसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला के साथ एक बैठक की। इस बैठक में रिंग रोड परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बाइपास के निर्माण पर प्रति किलोमीटर करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की भूमि अधिग्रहण में अलग से धनराशि खर्च होगी। यह बाइपास बनने से शहर में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या का समाधान होगा।
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अब 20 किलोमीटर तक लंबा बन सकता है रिंग रोड
पहले रिंग रोड की लंबाई 13 किलोमीटर प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16, 18 या 20 किलोमीटर तक किया जा सकता है। डीपीआर को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है, उम्मीद है कि परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरेगी। यह रिंग रोड बरेली, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, कासगंज और शाहजहांपुर जैसे जिलों को जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा।
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यातायात व्यवस्था होगी बेहतर, जाम से मिलेगी निजात
इस रिंग रोड के बनने से बदायूं शहर को लंबे समय से चली आ रही यातायात जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का आवागमन अब सीधे रिंग रोड पर स्थानांतरित हो जाएगा। यह परियोजना बरेली, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, कासगंज और शाहजहांपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ने वाले मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी। यात्रियों को अब शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे उनके समय और ईंधन दोनों की महत्वपूर्ण बचत होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
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वर्जन-
बदायूं शहर में रिंग रोड बनाने के लिए डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली की विभागीय टीम ने भी यहां आकर निरीक्षण किया है।
उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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वर्जन-
बदायूं शहर का रिंग रोड करीब 20 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। इससे शहर में जाम की समस्या का समाधान होने के साथ लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए चल रही तैयारियों को लेकर एनएचएआई के अफसरों काे आवश्यक निर्देश दिए है। जल्द ही यह काम तेजी पकड़ने की उम्मीद है।
बीएल वर्मा, केंद्रीय राज्यमंत्री
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सोमवार को दिल्ली से आई राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक टीम ने रिंग रोड के लिए शहर के चारों ओर का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य परियोजना के मार्ग और तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करना था। इसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला के साथ एक बैठक की। इस बैठक में रिंग रोड परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बाइपास के निर्माण पर प्रति किलोमीटर करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की भूमि अधिग्रहण में अलग से धनराशि खर्च होगी। यह बाइपास बनने से शहर में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या का समाधान होगा।
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अब 20 किलोमीटर तक लंबा बन सकता है रिंग रोड
पहले रिंग रोड की लंबाई 13 किलोमीटर प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16, 18 या 20 किलोमीटर तक किया जा सकता है। डीपीआर को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है, उम्मीद है कि परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरेगी। यह रिंग रोड बरेली, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, कासगंज और शाहजहांपुर जैसे जिलों को जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा।
यातायात व्यवस्था होगी बेहतर, जाम से मिलेगी निजात
इस रिंग रोड के बनने से बदायूं शहर को लंबे समय से चली आ रही यातायात जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का आवागमन अब सीधे रिंग रोड पर स्थानांतरित हो जाएगा। यह परियोजना बरेली, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, कासगंज और शाहजहांपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ने वाले मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी। यात्रियों को अब शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे उनके समय और ईंधन दोनों की महत्वपूर्ण बचत होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
वर्जन-
बदायूं शहर में रिंग रोड बनाने के लिए डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली की विभागीय टीम ने भी यहां आकर निरीक्षण किया है।
उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
वर्जन-
बदायूं शहर का रिंग रोड करीब 20 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। इससे शहर में जाम की समस्या का समाधान होने के साथ लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए चल रही तैयारियों को लेकर एनएचएआई के अफसरों काे आवश्यक निर्देश दिए है। जल्द ही यह काम तेजी पकड़ने की उम्मीद है।
बीएल वर्मा, केंद्रीय राज्यमंत्री