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बूंदाबांदी से मौसम तो सुहाना पर किसानों की मुश्किल बरकरार
Updated Fri, 04 May 2018 12:48 AM IST
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फोटो-9 व10-
बूंदाबांदी से मौसम तो सुहाना पर किसानों की मुश्किलें बरकरार
मौसम विज्ञानी दे रहे तेज आंधी के संकेत
पांच मई को फिर से बिगड़ सकता है मौसम का मिजाज
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ उझानी।
बुुधवार शाम को बूंदाबांदी के दौरान आंधी आने से मौसम तो सुहाना हो गया, लेकिन शहर में दातागंज रोड पर पेड़, बिजली के तार पर गिर पड़े। इससे मझिया समेत आसपास के गांवों में रातभर बिजली नहीं आयी। हालांकि सुबह इसे विभाग की ओर से सही कर दिया गया।
मौसम के बदलते स्वरूप ने जिलेभर के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आम उत्पादकों से लेकर अगेती मक्का को आंधी से नुकसान की आशंका के चलते मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुधवार रात आंधी के साथ ही बूंदाबांदी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। कुछेक स्थानों पर तो बूंदाबांदी तेज भी हुई। मक्का और मैंथा का बूंदाबांदी से फायदा भी मिला लेकिन गेहूं की कटाई का काम पूरे दिन थमा रहा। सबसे ज्यादा नुकसान भूसे के रूप में सामने आया है। अनाज जल्दी घर पहुंचाने की कोशिश में जुटे किसान भूसे का खेतों में ही छोड़ बैठे थे। आंधी से सैकडों क्विंटल भूसा हवा के झोंकें के साथ उड़ गया। आने वाले दिनों में इसका सीधा प्रभाव पशुओं के चारा पर पड़ेगा। महावीर सिंह और रामपाल का कहना है कि मौसम सुहाना होने से खेती के कामकाज निपटाने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। इसके विपरीत, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से गुरुवार दोपहर में जो अलर्ट जारी किया गया है, उससे किसानों की धड़कन तेज हो गई। खासकर आम और अगेती मक्का उत्पादकों को तेज आंधी आने से नुकसान उठाना पड़ेगा। पांच मई को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे जिले में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर और मुरादाबाद भी शामिल हैं। कृषि वैज्ञानिकों में डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बरसात होती है तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा। फिर किसानों को खेतों से भूसा आदि समेट लेना चाहिए। बिनावर। थाना क्षेत्र के गांव मुल्लापुर में मुन्ना लाल के मुर्गी फार्म पर 22 सौ मुर्गी के बच्चे थे। बुधवार रात आयी आंधी की वजह से 1800 मुर्गी के बच्चे मुर्गी फार्म में दब गए। इससे उनकी मौत हो गई।
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बूंदाबांदी से मौसम तो सुहाना पर किसानों की मुश्किलें बरकरार
मौसम विज्ञानी दे रहे तेज आंधी के संकेत
पांच मई को फिर से बिगड़ सकता है मौसम का मिजाज
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ उझानी।
बुुधवार शाम को बूंदाबांदी के दौरान आंधी आने से मौसम तो सुहाना हो गया, लेकिन शहर में दातागंज रोड पर पेड़, बिजली के तार पर गिर पड़े। इससे मझिया समेत आसपास के गांवों में रातभर बिजली नहीं आयी। हालांकि सुबह इसे विभाग की ओर से सही कर दिया गया।
मौसम के बदलते स्वरूप ने जिलेभर के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आम उत्पादकों से लेकर अगेती मक्का को आंधी से नुकसान की आशंका के चलते मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुधवार रात आंधी के साथ ही बूंदाबांदी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। कुछेक स्थानों पर तो बूंदाबांदी तेज भी हुई। मक्का और मैंथा का बूंदाबांदी से फायदा भी मिला लेकिन गेहूं की कटाई का काम पूरे दिन थमा रहा। सबसे ज्यादा नुकसान भूसे के रूप में सामने आया है। अनाज जल्दी घर पहुंचाने की कोशिश में जुटे किसान भूसे का खेतों में ही छोड़ बैठे थे। आंधी से सैकडों क्विंटल भूसा हवा के झोंकें के साथ उड़ गया। आने वाले दिनों में इसका सीधा प्रभाव पशुओं के चारा पर पड़ेगा। महावीर सिंह और रामपाल का कहना है कि मौसम सुहाना होने से खेती के कामकाज निपटाने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। इसके विपरीत, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से गुरुवार दोपहर में जो अलर्ट जारी किया गया है, उससे किसानों की धड़कन तेज हो गई। खासकर आम और अगेती मक्का उत्पादकों को तेज आंधी आने से नुकसान उठाना पड़ेगा। पांच मई को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे जिले में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर और मुरादाबाद भी शामिल हैं। कृषि वैज्ञानिकों में डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बरसात होती है तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा। फिर किसानों को खेतों से भूसा आदि समेट लेना चाहिए। बिनावर। थाना क्षेत्र के गांव मुल्लापुर में मुन्ना लाल के मुर्गी फार्म पर 22 सौ मुर्गी के बच्चे थे। बुधवार रात आयी आंधी की वजह से 1800 मुर्गी के बच्चे मुर्गी फार्म में दब गए। इससे उनकी मौत हो गई।
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