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मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पहुंची रसोइया वर्करस
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:47 AM IST
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बदायूं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने को रखी र्गइं रसोइयों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर मानदेय बढ़ाने की मांग की।
मंगलवार को कई रसोइया बीएसए कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। इनका कहना था कि उनसे काम 11 महीने लिया जाता है और वेतन आठ दस माह का दिया जाता है। पोलियो ड्यूटी के बाद भी एक हजार रुपये का वेतन दिया जाता है। रसोइयों ने बताया कि बात-बात पर प्रधानाध्यापक हटाने की धमकी देते हैं। इस महंगाई में हम लोग एक हजार रुपये में कैसे गुजारा हो सकता है? वहीं इनका कहना है कि इस समय मजदूरी भी 300 सौ रुपये है। इसके बाद भी वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। इस अवसर पर राजेश्वरी, राम वती, सावित्री, सोनकली, विद्यावती, राम वेटी, बनसा देवी, सोनदेवी, विमला देवी, उषा आदि मौजूद रहीं।
मंगलवार को कई रसोइया बीएसए कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। इनका कहना था कि उनसे काम 11 महीने लिया जाता है और वेतन आठ दस माह का दिया जाता है। पोलियो ड्यूटी के बाद भी एक हजार रुपये का वेतन दिया जाता है। रसोइयों ने बताया कि बात-बात पर प्रधानाध्यापक हटाने की धमकी देते हैं। इस महंगाई में हम लोग एक हजार रुपये में कैसे गुजारा हो सकता है? वहीं इनका कहना है कि इस समय मजदूरी भी 300 सौ रुपये है। इसके बाद भी वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। इस अवसर पर राजेश्वरी, राम वती, सावित्री, सोनकली, विद्यावती, राम वेटी, बनसा देवी, सोनदेवी, विमला देवी, उषा आदि मौजूद रहीं।
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