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दातागंज में बाढ़ जैसे हालात, 20 गांवों से संपर्क कटा
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:37 AM IST
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दातागंज। रामगंगा में भारी उफान आने के बाद दातागंज इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हजरतपुर और शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन को जाने वाले रोड पर हर्रेरामपुर के पास पानी आने से रामगंगा पार के करीब 20 गांवों का दातागंज से पूरी तरह संपर्क कट गया है। बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने के बाद भी प्रशासन की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है, जबकि टापू बने 20 गांवों के लोग खुद की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।
पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। सो रामगंगा पूरे उफान पर है। नगरिया खून बाढ़ चौकी बेहद संवेदनशील हैं। सो दातागंज के 14 गांव रामगंगा के दूसरी पार बसे हुए हैं। उन गांवों के लोग किसी भी काम से जब दातागंज आते-जाते हैं तो उन्हें रामगंगा को पार करना पड़ता है। तीन दिन से नगरिया खनू इलाके में रामगंगा का पानी लगातार बढ़ रहा था। सो इस क्षेत्र के लोग इस बात को लेकर चिंतित थे कि यदि बाढ़ आती तो तबाही होना तय है। रामगंगा में पानी के ज्यादा बढ़ जाने की वजह से क्षेत्र के गांव शेरपुर, पटीबिजा और हरेरजयपुर के खेतों में दो-तीन दिन पहले ही पानी खेतों में पहुंच गया था। मंगलवार को रामगंगा का पानी हर्रेरामपुर के मुख्य रास्ते पर आ गया। इससे हजरतपुर-गढ़िया रंगीन को जाने वाला यह रोड पूरी तरह से बंद हो गया। लिहाजा, इस वजह से शेरपुर पट्टी, कुडरा मजरा, लालपुर खादर, नवादा बदन के साथ ही हर्रेरामपुर के सभी मजरों का संपर्क दातागंज सेे कट गया है। सड़क पर पानी काफी तेजी से बह रहा है। रात तक यह लोगों के सामने और भी ज्यादा समस्या बढ़ा सकता है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि हजरतपुर स्थित पुल के करीब एक किमी पहले ही रम्पुरा की पुलिया के पास पानी काफी मात्रा में पहुंच गया है। रामगंगा में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
पशुओं के लिए चारे को पड़े लाले
नगरिया खनू बाढ़ चौकी इलाके में रामगंगा में जलस्तर के लगातार बढ़ने से जानवर भी काफी प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा जानवरों के चारे की समस्या उत्पन्न हो रही है। अब तक जानवर जंगलों में चारे को चरते थे।
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मोबाइल नेटवर्क गड़बड़ाया
रामगंगा पार के 20 गांवों का संपर्क कटने की वजह से संचार सेवा भी प्रभावित होने लगी है। उन गांवों के लोगों ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क मुश्किल से मिल पा रहा है। यह भी एक चिंता का कारण है।
यह गांव हुए प्रभावित
ग्राम पंचायत कुडरा मजरा के गांव सुखपाल सिंह नगला, जलेबी नगला, उघो नगला, डाल सिंह नगला, नगला नबाब सिंह, नगला भगवान सिंह, नगला उदयभान सिंह, नगला देवेंद्र पाल सिंह, ग्राम पंचायत लालपुर खादर में गांव पट्टी बिजा, पूरन बहेड़ा, ग्राम पंचायत नवादा बदन के गांव कौरी नगला, करकौरा, नगला नत्थू सिंह, शेरपुर, हर्ररामपुर, मौजूमपुर, गढ़िया पैगंबर।
फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
बदायूं। जिले में बह रही गंगा नदी का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सो उसके चलते सहसवान, कादरचौक और उसहैत इलाके में भी बाढ़ की आशंका ज्यादा बनने लगी है। दो दिन पहले तक गंगा का जलस्तर 163.20 गेज था जो अब 163.50 हो गया है। हालांकि बाढ़ खंड महकमा इसी बात को दोहरा रहा है कि यह जलस्तर सामान्य है। इससे बाढ़ नहीं आ सकती फिर भी गंगा में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए रखी जा रही है। मंगलवार को नरौरा बैराज से 1.30 लाख 178 क्यूसेक, कालागढ़ (बिजनौर) से 1.13 लाख 748 क्यूसेक, हरिद्वार से 80 हजार 405 क्यूसेक छोड़ा गया है,जबकि रामगंगा का गेज 160.750 है।
गांवों में फंसे लोगों की मदद को व्यवस्था की जा रही है। नाव मंगाई गई है। राजस्व निरीक्षक और लेखपालों की टीम बनाकर इलाके में भेज दी गई है।
- दिनेश कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज
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पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। सो रामगंगा पूरे उफान पर है। नगरिया खून बाढ़ चौकी बेहद संवेदनशील हैं। सो दातागंज के 14 गांव रामगंगा के दूसरी पार बसे हुए हैं। उन गांवों के लोग किसी भी काम से जब दातागंज आते-जाते हैं तो उन्हें रामगंगा को पार करना पड़ता है। तीन दिन से नगरिया खनू इलाके में रामगंगा का पानी लगातार बढ़ रहा था। सो इस क्षेत्र के लोग इस बात को लेकर चिंतित थे कि यदि बाढ़ आती तो तबाही होना तय है। रामगंगा में पानी के ज्यादा बढ़ जाने की वजह से क्षेत्र के गांव शेरपुर, पटीबिजा और हरेरजयपुर के खेतों में दो-तीन दिन पहले ही पानी खेतों में पहुंच गया था। मंगलवार को रामगंगा का पानी हर्रेरामपुर के मुख्य रास्ते पर आ गया। इससे हजरतपुर-गढ़िया रंगीन को जाने वाला यह रोड पूरी तरह से बंद हो गया। लिहाजा, इस वजह से शेरपुर पट्टी, कुडरा मजरा, लालपुर खादर, नवादा बदन के साथ ही हर्रेरामपुर के सभी मजरों का संपर्क दातागंज सेे कट गया है। सड़क पर पानी काफी तेजी से बह रहा है। रात तक यह लोगों के सामने और भी ज्यादा समस्या बढ़ा सकता है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि हजरतपुर स्थित पुल के करीब एक किमी पहले ही रम्पुरा की पुलिया के पास पानी काफी मात्रा में पहुंच गया है। रामगंगा में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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पशुओं के लिए चारे को पड़े लाले
नगरिया खनू बाढ़ चौकी इलाके में रामगंगा में जलस्तर के लगातार बढ़ने से जानवर भी काफी प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा जानवरों के चारे की समस्या उत्पन्न हो रही है। अब तक जानवर जंगलों में चारे को चरते थे।
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मोबाइल नेटवर्क गड़बड़ाया
रामगंगा पार के 20 गांवों का संपर्क कटने की वजह से संचार सेवा भी प्रभावित होने लगी है। उन गांवों के लोगों ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क मुश्किल से मिल पा रहा है। यह भी एक चिंता का कारण है।
यह गांव हुए प्रभावित
ग्राम पंचायत कुडरा मजरा के गांव सुखपाल सिंह नगला, जलेबी नगला, उघो नगला, डाल सिंह नगला, नगला नबाब सिंह, नगला भगवान सिंह, नगला उदयभान सिंह, नगला देवेंद्र पाल सिंह, ग्राम पंचायत लालपुर खादर में गांव पट्टी बिजा, पूरन बहेड़ा, ग्राम पंचायत नवादा बदन के गांव कौरी नगला, करकौरा, नगला नत्थू सिंह, शेरपुर, हर्ररामपुर, मौजूमपुर, गढ़िया पैगंबर।
फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
बदायूं। जिले में बह रही गंगा नदी का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सो उसके चलते सहसवान, कादरचौक और उसहैत इलाके में भी बाढ़ की आशंका ज्यादा बनने लगी है। दो दिन पहले तक गंगा का जलस्तर 163.20 गेज था जो अब 163.50 हो गया है। हालांकि बाढ़ खंड महकमा इसी बात को दोहरा रहा है कि यह जलस्तर सामान्य है। इससे बाढ़ नहीं आ सकती फिर भी गंगा में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए रखी जा रही है। मंगलवार को नरौरा बैराज से 1.30 लाख 178 क्यूसेक, कालागढ़ (बिजनौर) से 1.13 लाख 748 क्यूसेक, हरिद्वार से 80 हजार 405 क्यूसेक छोड़ा गया है,जबकि रामगंगा का गेज 160.750 है।
गांवों में फंसे लोगों की मदद को व्यवस्था की जा रही है। नाव मंगाई गई है। राजस्व निरीक्षक और लेखपालों की टीम बनाकर इलाके में भेज दी गई है।
- दिनेश कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज