{"_id":"5c582c18bdec22736934baa4","slug":"41549282328-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौनी अमावस्या पर गंगा किनारे उमड़ा आस्था का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौनी अमावस्या पर गंगा किनारे उमड़ा आस्था का सैलाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। कछला गंगाघाट मौनी अमावस्या पर सोमवार को आस्था से सराबोर हो उठा। हजारों की संख्या जुटे श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद पहले सूर्यदेव को अर्क दिया फिर घाट पर पूजा-अर्चना की। गंगा स्नान का दौर दोपहर बाद तक चला। कड़ाके की ठंड भी श्रद्धालुओं की आस्था के आगे कमजोर पड़ गई। एक अनुमान के अनुसार दोपहर बाद तक करीब 70 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का खास महत्व है। बताते हैं कि मौनी अमावस्या पर जीवनदायिनी में डुबकी लगाने से कई गुना अधिक पुण्य अर्जित होता है। उसी उम्मीद के साथ तड़के से ही गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दोपहर बाद तक चला। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद ही सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। गंगा स्नान के दौरान सूर्य को अर्घ्य देने से विशेष फल मिलता है। गंगाघाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में सर्वाधिक संख्या पड़ोसी जिले कासगंज, हाथरस, एटा के साथ राजस्थानियों की रही। कई परिवार तो माघ महीना में कल्पवास के लिए पहले से ही घाट पर डेरा डाल चुके हैं। उन्होंने भी ब्रह्म मुुहूर्त में स्नान किया। घाट के आसपास आश्रमों में भी श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कराए। मीना बाजार में महिला श्रद्धालुओं ने सामान की खरीदारी की। श्रद्धालुओं को ठंड से निजात दिलाने के लिए कछला नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अलाव जलवाने की भी व्यवस्था की गई थी। साथ ही महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए अस्थायी चेंजरूम बनाए गए थे।
------------
फिर डूबने से बचे दो युवक
उझानी। कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक नावों पर प्राइवेट गोताखोर तैनात कर दिए थे। नावों को भी कतार में कुछ इस तरह से लगाया गया था कि श्रद्धालु गहराई वाले स्थानों की ओर नहीं जाएं लेकिन कासगंज जिले में सोरों निवासी राजपाल (25) और उसका दोस्त नहाते समय गहरे में चले गए। गोताखोरों ने उन्हे डूबने से बचा लिया।
विज्ञापन
----------
पुल के पास बेतरतीब वाहनों से लगा जाम
उझानी। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ की वजह से वाहनों की संख्या भी पूर्वाह्न में बढ़ गई। कार और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पुलिस ने घाट के पास ही रोक लिया था लेकिन कुछेक वाहन पुल के पास मोड़ पर खड़े कर दिए गए। इसके चलते बरेली-मथुरा हाईवे पर वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया। करीब एक घंटा तक जाम का माहौल बना रहा।
विज्ञापन
मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का खास महत्व है। बताते हैं कि मौनी अमावस्या पर जीवनदायिनी में डुबकी लगाने से कई गुना अधिक पुण्य अर्जित होता है। उसी उम्मीद के साथ तड़के से ही गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दोपहर बाद तक चला। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद ही सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। गंगा स्नान के दौरान सूर्य को अर्घ्य देने से विशेष फल मिलता है। गंगाघाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में सर्वाधिक संख्या पड़ोसी जिले कासगंज, हाथरस, एटा के साथ राजस्थानियों की रही। कई परिवार तो माघ महीना में कल्पवास के लिए पहले से ही घाट पर डेरा डाल चुके हैं। उन्होंने भी ब्रह्म मुुहूर्त में स्नान किया। घाट के आसपास आश्रमों में भी श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कराए। मीना बाजार में महिला श्रद्धालुओं ने सामान की खरीदारी की। श्रद्धालुओं को ठंड से निजात दिलाने के लिए कछला नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अलाव जलवाने की भी व्यवस्था की गई थी। साथ ही महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए अस्थायी चेंजरूम बनाए गए थे।
विज्ञापन
------------
फिर डूबने से बचे दो युवक
उझानी। कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक नावों पर प्राइवेट गोताखोर तैनात कर दिए थे। नावों को भी कतार में कुछ इस तरह से लगाया गया था कि श्रद्धालु गहराई वाले स्थानों की ओर नहीं जाएं लेकिन कासगंज जिले में सोरों निवासी राजपाल (25) और उसका दोस्त नहाते समय गहरे में चले गए। गोताखोरों ने उन्हे डूबने से बचा लिया।
विज्ञापन
----------
पुल के पास बेतरतीब वाहनों से लगा जाम
उझानी। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ की वजह से वाहनों की संख्या भी पूर्वाह्न में बढ़ गई। कार और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पुलिस ने घाट के पास ही रोक लिया था लेकिन कुछेक वाहन पुल के पास मोड़ पर खड़े कर दिए गए। इसके चलते बरेली-मथुरा हाईवे पर वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया। करीब एक घंटा तक जाम का माहौल बना रहा।