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नोटबंदी के दौरान बड़े नोटों को लगा दिया गया ठिकाने
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:25 AM IST
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आठ नवंबर 2016 को पांच सौ और एक हजार के नोट के चलन पर पाबंदी लगा दी गई थी, पर कुछ शर्तों के साथ इन नोटों को बैंक और रेलवे स्टेशन पर कुछ दिनों के लिए छूट दे दी थी। इस पर बड़े नोट खपाने के लिए लोगों ने सेटिंग शुरू कर दी। आरोप है कि रेलवे विभाग में आए करोड़ों रुपयों को बदल दिया गया। सीबीआई गाजियाबाद को कुछ शक हुआ तो उसने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसी क्रम में दबतोरी समेत आसपास के सभी रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को मय रिकार्ड के तलब कर सीबीआई ने गाजियाबाद में घंटों पूछताछ की।
नोटबंदी के दौरान दबतोरी स्टेशन पर प्रति दिन 70 से 80 हजार रुपये तक के रेलवे टिकटों के बेचने से आमदनी होती थी। इसी तरह आसपास के सभी स्टेशनों पर भी टिकटों की बिक्री से रेलवे को प्रत्येक दिन काफी रुपये प्राप्त होते थे । स्टेशन अधीक्षक दबतोरी धर्मपाल सिंह ने बताया कि हर दिन आए नोटों का विवरण रेलवेे के रिकार्ड में दर्ज किया जाता है और नोटों पर छपे नंबर भी लिखे जाते थे । स्टेशनों पर आई धनराशि अगले दिन रिकॉर्ड पर रिसीविंग लेकर कैश आफिस डीसीपीएम रेलवेे मुरादाबाद मंडल कार्यालय में जमा की जाती थी ।
इधर, बड़े पैमाने पर रेलवे मुरादाबाद मंडल कैश आफिस से बैंकों में बड़े नोट जमा होने पर सीबीआई ने हेराफेरी की आशंका के चलते मुकदमा पंजीकृत किया। गाजियाबाद सीबीआई कार्यालय में तैनात सब इंस्पेक्टर अजय कुमार मीना को जांच सौंपी गई। अजय कुमार मीना ने दबतोरी समेत आसपास के सभी स्टेशनों से नोट बंदी के दौरान का रिकार्ड मंगाकर जमा कर लिया और जांच पड़ताल शुरु कर दी । बीते दिनों स्टेशन अधीक्षक दबतोरी धर्मपाल सिंह, करेंगी के सुजीत कुमार, आसफपुर के कैलाश चंद्र, आंवला के राजकुमार को सीबीआई गाजियाबाद में बुलाकर पूछताछ की गई।
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सीबीआई ने इन लोगों से लगभग 13 घंटे पूछताछ की । स्टेशनों से लिया गया रिकॉर्ड सीबीआई ने अब तक रेलवे को वापस नहीं भेजा है । रेलवे सूत्रों की मानें तो कैश आफिस रेलवेे मुरादाबाद से करोड़ों रुपयों को बदलने का मामला प्रकाश में आया है। रेलवे कर्मचारियों में सीबीआई की जांच पड़ताल से हड़कंप मचा हुआ है ।
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नोट बंदी के दौरान का रिकॉर्ड सीबीआई ने लिखित तौर पर लिया है। बीते दिनों उनसे पूछताछ की गई। सुबह दस से रात 11 बजे तक गाजियाबाद सीबीआई कार्यालय में रुकना पड़ा। नोट बदलने का मामला है । स्टेशन पर कोई हेराफेरी नहीं की गई है। प्रत्येक दिन आए नोटों का विवरण रेलवे रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। आसपास के स्टेशनों का रिकॉर्ड और कर्मचारियों को भी अलग-अलग दिवसों में बुलाकर जांच की जा रही है ।
-धर्मपाल सिंह, स्टेशन अधीक्षक दबतोरी
कैश काउंटर पर जमा छोटे-बड़े नोटों में अंतर पाने पर हुआ शक
दबतोरी। नोटबंदी के दौरान रेलवे स्टेशन पर जितने भी छोटे बड़े नोट आते थे। उनका प्रतिदिन रिकार्ड बनता था। बड़े नोट के नंबर भी दर्ज किए जाते थे। कहां से किस नंबर के नोट आए हैं इसका रिकार्ड रहता था। कैश काउंटर पर दोनों तरह के छोटे-बड़े नोट जमा किए गए किंतु बाद में बड़ा अंतर आया। तब सीबीआई को शक हुआ कि बड़े नोट लेकर छोटे नोट दे दिए गए हैं। इसी की जांच सीबीआई कर रही है। मामला अरबों रुपये का बताया जा रहा है।
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नोटबंदी के दौरान दबतोरी स्टेशन पर प्रति दिन 70 से 80 हजार रुपये तक के रेलवे टिकटों के बेचने से आमदनी होती थी। इसी तरह आसपास के सभी स्टेशनों पर भी टिकटों की बिक्री से रेलवे को प्रत्येक दिन काफी रुपये प्राप्त होते थे । स्टेशन अधीक्षक दबतोरी धर्मपाल सिंह ने बताया कि हर दिन आए नोटों का विवरण रेलवेे के रिकार्ड में दर्ज किया जाता है और नोटों पर छपे नंबर भी लिखे जाते थे । स्टेशनों पर आई धनराशि अगले दिन रिकॉर्ड पर रिसीविंग लेकर कैश आफिस डीसीपीएम रेलवेे मुरादाबाद मंडल कार्यालय में जमा की जाती थी ।
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इधर, बड़े पैमाने पर रेलवे मुरादाबाद मंडल कैश आफिस से बैंकों में बड़े नोट जमा होने पर सीबीआई ने हेराफेरी की आशंका के चलते मुकदमा पंजीकृत किया। गाजियाबाद सीबीआई कार्यालय में तैनात सब इंस्पेक्टर अजय कुमार मीना को जांच सौंपी गई। अजय कुमार मीना ने दबतोरी समेत आसपास के सभी स्टेशनों से नोट बंदी के दौरान का रिकार्ड मंगाकर जमा कर लिया और जांच पड़ताल शुरु कर दी । बीते दिनों स्टेशन अधीक्षक दबतोरी धर्मपाल सिंह, करेंगी के सुजीत कुमार, आसफपुर के कैलाश चंद्र, आंवला के राजकुमार को सीबीआई गाजियाबाद में बुलाकर पूछताछ की गई।
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सीबीआई ने इन लोगों से लगभग 13 घंटे पूछताछ की । स्टेशनों से लिया गया रिकॉर्ड सीबीआई ने अब तक रेलवे को वापस नहीं भेजा है । रेलवे सूत्रों की मानें तो कैश आफिस रेलवेे मुरादाबाद से करोड़ों रुपयों को बदलने का मामला प्रकाश में आया है। रेलवे कर्मचारियों में सीबीआई की जांच पड़ताल से हड़कंप मचा हुआ है ।
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नोट बंदी के दौरान का रिकॉर्ड सीबीआई ने लिखित तौर पर लिया है। बीते दिनों उनसे पूछताछ की गई। सुबह दस से रात 11 बजे तक गाजियाबाद सीबीआई कार्यालय में रुकना पड़ा। नोट बदलने का मामला है । स्टेशन पर कोई हेराफेरी नहीं की गई है। प्रत्येक दिन आए नोटों का विवरण रेलवे रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। आसपास के स्टेशनों का रिकॉर्ड और कर्मचारियों को भी अलग-अलग दिवसों में बुलाकर जांच की जा रही है ।
-धर्मपाल सिंह, स्टेशन अधीक्षक दबतोरी
कैश काउंटर पर जमा छोटे-बड़े नोटों में अंतर पाने पर हुआ शक
दबतोरी। नोटबंदी के दौरान रेलवे स्टेशन पर जितने भी छोटे बड़े नोट आते थे। उनका प्रतिदिन रिकार्ड बनता था। बड़े नोट के नंबर भी दर्ज किए जाते थे। कहां से किस नंबर के नोट आए हैं इसका रिकार्ड रहता था। कैश काउंटर पर दोनों तरह के छोटे-बड़े नोट जमा किए गए किंतु बाद में बड़ा अंतर आया। तब सीबीआई को शक हुआ कि बड़े नोट लेकर छोटे नोट दे दिए गए हैं। इसी की जांच सीबीआई कर रही है। मामला अरबों रुपये का बताया जा रहा है।