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40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होंगी सब्जी फसलें
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:05 PM IST
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बीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर किसानों को मिलेगी सब्सिडी
जिले में कद्दूवर्गीय फसलों को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से 20 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे इस खरीफ सत्र में कद्दूवर्गीय फसलों का उत्पादन काफी बढने की उम्मीद है। इसके लिए कृषि और उद्यान विभाग ने प्रयास करना शुरू कर दिए हैं।
जिले के किसानों का कद्दूवर्गीय फसलें लौकी, तोरई, करेला और खीरा के प्रति मोहभंग होने लगा। इन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग किसानों को प्रोत्साहित करेगा। जिले को 40 हेक्टेयर कद्दूवर्गीय फसलों का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है। फसलों की बुवाई खरीफ सत्र में ही की जानी है। इसके लिए उद्यान विभाग ने किसानों को जागरूक करना और रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना का लाभ देने का काम शुरू कर दिया है।
कद्दूवर्गीय फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इस योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ना है। इस वजह से एक किसान को एक एकड़ से ज्यादा फसल करने पर सब्सिडी का लाभ केवल एक एकड़ में ही मिलेगा। इसके लिए किसान अपना पंजीकरण कराकर बीज एवं पौध खरीदकर उनके बिल उद्यान विभाग में जमा कर दें, जिससे उनके खातों में सब्सिडी की धनराशि डायरेक्ट बेनीफिट योजना के तहत ट्रांसफर कर दी जाएगी।
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मिर्च और लहसुन को भी मिलेगा बढ़ावा
बदायूं। जिले में मिर्च और लहसुन को बढ़ावा देने के लिए भी उद्यान विभाग किसानों को प्रेरित कर रहा है। लहसुन और मिर्च की खेती करने के इच्छुक किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना के तहत प्रति हेक्टेयर पर मिलने वाली 12 हजार रुपये की छूट का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का लक्ष्य अभी शासन से निर्धारित होकर नहीं आया है।
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कद्दूवर्गीय फसलों पर 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान किसानों को दिया जाएगा। इसमें 40 हेक्टेयर का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ। मिर्च और लहसुन की खेती को बढ़ावा देने के लिए 12 हजार रुपये प्रति हेक्टयर का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराकर बीज और पौध के बिल उद्यान विभाग में जमा कर दें। इससे सब्सिडी उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी।
-आरएन वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी
जिले में कद्दूवर्गीय फसलों को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से 20 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे इस खरीफ सत्र में कद्दूवर्गीय फसलों का उत्पादन काफी बढने की उम्मीद है। इसके लिए कृषि और उद्यान विभाग ने प्रयास करना शुरू कर दिए हैं।
जिले के किसानों का कद्दूवर्गीय फसलें लौकी, तोरई, करेला और खीरा के प्रति मोहभंग होने लगा। इन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग किसानों को प्रोत्साहित करेगा। जिले को 40 हेक्टेयर कद्दूवर्गीय फसलों का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है। फसलों की बुवाई खरीफ सत्र में ही की जानी है। इसके लिए उद्यान विभाग ने किसानों को जागरूक करना और रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना का लाभ देने का काम शुरू कर दिया है।
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कद्दूवर्गीय फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इस योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ना है। इस वजह से एक किसान को एक एकड़ से ज्यादा फसल करने पर सब्सिडी का लाभ केवल एक एकड़ में ही मिलेगा। इसके लिए किसान अपना पंजीकरण कराकर बीज एवं पौध खरीदकर उनके बिल उद्यान विभाग में जमा कर दें, जिससे उनके खातों में सब्सिडी की धनराशि डायरेक्ट बेनीफिट योजना के तहत ट्रांसफर कर दी जाएगी।
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मिर्च और लहसुन को भी मिलेगा बढ़ावा
बदायूं। जिले में मिर्च और लहसुन को बढ़ावा देने के लिए भी उद्यान विभाग किसानों को प्रेरित कर रहा है। लहसुन और मिर्च की खेती करने के इच्छुक किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना के तहत प्रति हेक्टेयर पर मिलने वाली 12 हजार रुपये की छूट का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का लक्ष्य अभी शासन से निर्धारित होकर नहीं आया है।
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कद्दूवर्गीय फसलों पर 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान किसानों को दिया जाएगा। इसमें 40 हेक्टेयर का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ। मिर्च और लहसुन की खेती को बढ़ावा देने के लिए 12 हजार रुपये प्रति हेक्टयर का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराकर बीज और पौध के बिल उद्यान विभाग में जमा कर दें। इससे सब्सिडी उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी।
-आरएन वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी