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Budaun News: 40 बसें चुनाव में गईं, दिल्ली और हरिद्वार के यात्री बेबस
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पुलिस लाइन ग्राउंड में चुनावी ड्यूटी पर जाने को खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
बदायूं। दिल्ली और हरिद्वार के लिए बदायूं के रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों का इंतजार बढ़ गया है। तेज धूप और गर्मी में बसों के इंतजार में एक से दो घंटे तक यात्रियों को खड़े रहना पड़ रहा है। यह परेशानी स्थानीय डिपो की बसें चौथे चरण के चुनाव में लगाए जाने के कारण सामने आ रही है। यह स्थिति 14 मई तक रहने के आसार हैं।
यहां बता दें कि बदायूं डिपो के पास 128 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें है। परिवहन निगम में चालकों की कमी के कारण 40 बसें रोडवेज के वर्कशॉप में ख़ड़ी हैं। इसके अलावा लगभग रोजाना ही 5-8 बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में रोक ली जाती हैं। इस तरह केवल डिपो से 80-85 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। लोकल मार्गों और लॉग रूट पर अनुबंधित बसें चलाई जा रहीं हैं।
अब 40 बसें चुनाव में लगने से यह समस्या और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि बदायूं-दिल्ली रूट से ही करीब 20 बसें हटाई गईं हैं। हरिद्वार-देहरादून समेत कई और मार्गों से बसें हटाकर चुनाव में लगाई गईं हैं। इससे यात्रियों की परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। केवल 91 बसों से ही यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। परिवहन निगम के अधिकारी अन्य रूट से बसों को हटाकर व्यवस्था संभालने की कोशिश में लगे हैं।
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मुझे हरिद्वार जाना है। डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली। जब मैंने पूछताछ केंद्र पर बार-बार पूछा तो यही बताया गया कि चुनाव की वजह से बसें बाहर भेजी गईं हैं। इसलिए थोड़ी दिक्कत है। - किरनेश सिंह, यात्री, मिर्जापुर
मुझे धामपुर जाना है, लेकिन घंटे भर से कोई बस नहीं मिली। मैं तो यही कहूंगा कि यात्री बसों के स्थान पर अगर निजी बसें अधिग्रहीत की जातीं तो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का यह हाल न होता। - अजय कुमार, यात्री, गौरामई
चुनाव में 40 बसें लगाई गईं हैं। अगर और मांग आएगी तो बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। कोशिश यह की जा रही है कि सभी मार्गों पर बसों का संचालन हो सके और यात्रियों को परेशानी न हो। इसलिए शेष बसों को सभी रूट पर संचालित कराया जाएगा। - धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम
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यहां बता दें कि बदायूं डिपो के पास 128 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें है। परिवहन निगम में चालकों की कमी के कारण 40 बसें रोडवेज के वर्कशॉप में ख़ड़ी हैं। इसके अलावा लगभग रोजाना ही 5-8 बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में रोक ली जाती हैं। इस तरह केवल डिपो से 80-85 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। लोकल मार्गों और लॉग रूट पर अनुबंधित बसें चलाई जा रहीं हैं।
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अब 40 बसें चुनाव में लगने से यह समस्या और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि बदायूं-दिल्ली रूट से ही करीब 20 बसें हटाई गईं हैं। हरिद्वार-देहरादून समेत कई और मार्गों से बसें हटाकर चुनाव में लगाई गईं हैं। इससे यात्रियों की परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। केवल 91 बसों से ही यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। परिवहन निगम के अधिकारी अन्य रूट से बसों को हटाकर व्यवस्था संभालने की कोशिश में लगे हैं।
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मुझे हरिद्वार जाना है। डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली। जब मैंने पूछताछ केंद्र पर बार-बार पूछा तो यही बताया गया कि चुनाव की वजह से बसें बाहर भेजी गईं हैं। इसलिए थोड़ी दिक्कत है। - किरनेश सिंह, यात्री, मिर्जापुर
मुझे धामपुर जाना है, लेकिन घंटे भर से कोई बस नहीं मिली। मैं तो यही कहूंगा कि यात्री बसों के स्थान पर अगर निजी बसें अधिग्रहीत की जातीं तो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का यह हाल न होता। - अजय कुमार, यात्री, गौरामई
चुनाव में 40 बसें लगाई गईं हैं। अगर और मांग आएगी तो बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। कोशिश यह की जा रही है कि सभी मार्गों पर बसों का संचालन हो सके और यात्रियों को परेशानी न हो। इसलिए शेष बसों को सभी रूट पर संचालित कराया जाएगा। - धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम

पुलिस लाइन ग्राउंड में चुनावी ड्यूटी पर जाने को खड़ी रोडवेज बसें। संवाद

पुलिस लाइन ग्राउंड में चुनावी ड्यूटी पर जाने को खड़ी रोडवेज बसें। संवाद