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कैबिनेट मंत्री नहीं मिले तो ये कार है किसकी
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बदायूं। जिस अंदाज में चुनाव आयोग से शिकायत की गई और जिला प्रशासन ने छापा मारा, और नतीजा कुछ नहीं निकला। इससे माना जा रहा है कि या तो झूठी शिकायत थी या फिर स्वामी प्रसाद मौर्य किसी ऐसी जगह जाकर छिप गए, जहां प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंच सके। एक कार जरूर मिली जो चर्चा का विषय रही। लोगों का कहना था कि अगर कैबिनेट मंत्री अस्थायी आवास पर नहीं थे तो कार किसकी थी।
जब पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने छापा मारा तो आवास विकास कॉलोनी के लोग इतना पुलिस बल देखकर सकते में आ गए। जब पुलिस ने स्वामी प्रसाद के घर को चेक किया तो धीरे-धीरे लोगों को माजरा समझ में आया। पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली, लेकिन कैबिनेट मंत्री कहीं नहीं मिले। उनके किसी होटल में होने की चर्चा उड़ी तो पुलिस ने होटलों पर भी छापे मारे, लेकिन वहां भी उसे कोई सफलता नहीं मिली। ऐसे में उनके बदायूं आने की खबर सच थी या झूठ, यह तो जिला प्रशासन पुष्ट नहीं कर पाया लेकिन पूरे दिन इसकी चर्चा जरूर रही, साथ ही वहां मिली कार भी चर्चा में रही।
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जब पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने छापा मारा तो आवास विकास कॉलोनी के लोग इतना पुलिस बल देखकर सकते में आ गए। जब पुलिस ने स्वामी प्रसाद के घर को चेक किया तो धीरे-धीरे लोगों को माजरा समझ में आया। पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली, लेकिन कैबिनेट मंत्री कहीं नहीं मिले। उनके किसी होटल में होने की चर्चा उड़ी तो पुलिस ने होटलों पर भी छापे मारे, लेकिन वहां भी उसे कोई सफलता नहीं मिली। ऐसे में उनके बदायूं आने की खबर सच थी या झूठ, यह तो जिला प्रशासन पुष्ट नहीं कर पाया लेकिन पूरे दिन इसकी चर्चा जरूर रही, साथ ही वहां मिली कार भी चर्चा में रही।
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