फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार बिगड़ रहे हालात

बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार बिगड़ रहे हालात

Sun, 13 Aug 2017 10:03 AM IST
Updated Sun, 13 Aug 2017 10:03 AM IST
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार बिगड़ रहे हालात
बदायूं। जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। टापुओं में तब्दील हुए गांवों में अब तक सरकारी मदद नहीं पहुंची है। कई ग्रामीण बांधों पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं। हालांकि, जिले में तीन दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ में घिरे हुए हैं। शनिवार को भी गंगा में नरौरा बैराज से 194077 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति विकट हो गई है। गंगा कई इलाकों में तेजी से कटान कर रही हैं।
विज्ञापन

बाढ़ का सीजन शुरू होने से पहले बाढ़ खंड ने शासन को बांधों की मरम्मत समेत अन्य कामों के लिए 11.64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी। शासन के आदेश पर बाढ़ खंड ने जिले में बांधों की मरम्मत पर करीब 50 लाख रुपये खर्च कर दिए। गौर करने वाली बात यह है कि इसके बाद भी संवेदनशील बांधों पर खतरा मंडरा रहा है। उसहैत, सहसवान में बांधों पर गंगा कटान कर रही हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों को हालात की जानकारी उस वक्त होती है जब स्थिति खराब हो जाती है। पिछले एक सप्ताह से नरौरा बैराज से गंगा में 1.50 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को 183233 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को भी सीजन का सबसे बड़ा दूसरा डिस्चार्ज 194077 क्यूसेक किया गया। इससे पहले सात अगस्त को गंगा में दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था।
विज्ञापन

-----
कानूनगो और लेखपाल ने लिया कई गांवों का जायजा
उसहैत। क्षेत्र के गांव जटा, कदम नगला, बछौरा समेत करीब एक दर्जन गांवों में तेजी से कटान हो रहा है। शनिवार को कानूनगो आर्येंद्र और लेखपाल अशोक सक्सेना ने कई गांवों का जायजा लिया। इन गांवों के ग्रामीण मुनीश, शकील, शमीम, आदिल, अवनीश, राहत अली, श्यामपाल, रामवीर, मुमताज, रामविलास, बच्चू, शब्बीर आदि का कहना है कि अब तक प्रशासन ने कोई मदद नहीं दी है। गांव वालों के सामने खाने-पीने का भी संकट पैदा हो गया है। गांव से कुछ ही दूरी पर गंगा वह रही हैं। तेजी से कटान भी हो रहा है। कभी भी यह गांव गंगा की जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed