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सुबह को धूप, दोपहर बाद बादल...रंग बदल रहा मौसम
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बदायूं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद बुधवार की दोपहर को मौसम ने फिर से करवट बदली। आकाश में बादल छाए रहने की वजह से ठंडक और बढ़ गई। धूप का खेल लुकाछिपी की तरह ही रहा। शाम को फिर से सर्दी ज्यादा बढ़ गई।
कई रोज से मौसम में एकाएक बदलाव आया है। सुबह-शाम लगातार गलन भरी सर्दी पड़ रही है। शाम के बाद तो सर्दी के तेवर और भी ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। जब से पहाड़ों पर बर्फ पड़नी शुरू हुई है तब से ज्यादा ही ठंडक हो गई है। कुछ दिनों पहले तक लोगों को ऐसा लगने लगा था कि शायद अब सर्दी विदाई की ओर है, लेकिन अब ठंड और ज्यादा असर दिखा रही है। बुधवार की सुबह गलन भरी सर्दी थी। हालांकि करीब नौ बजे धूप निकलने लगी थी। दोपहर एक बजे तक मौसम अच्छा लग रहा था, लेकिन बाद में बादल छाने लगे। बादलों के तेजी से छाने की वजह से धूप भी गायब हो गई। शाम चार बजे तक धूप लुकाछिपी करती रही। हवा चलने से लोगों को सर्दी ने और भी परेशान कर दिया। हालांकि गत वर्षों की अपेक्षा अभी उतनी सर्दी नहीं पड़ी है जिसे लेकर किसान चिंतित भी हैं। किसानों का कहना है कि कोहरा और ठंड के नहीं पड़ने का प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ेगा।
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कई रोज से मौसम में एकाएक बदलाव आया है। सुबह-शाम लगातार गलन भरी सर्दी पड़ रही है। शाम के बाद तो सर्दी के तेवर और भी ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। जब से पहाड़ों पर बर्फ पड़नी शुरू हुई है तब से ज्यादा ही ठंडक हो गई है। कुछ दिनों पहले तक लोगों को ऐसा लगने लगा था कि शायद अब सर्दी विदाई की ओर है, लेकिन अब ठंड और ज्यादा असर दिखा रही है। बुधवार की सुबह गलन भरी सर्दी थी। हालांकि करीब नौ बजे धूप निकलने लगी थी। दोपहर एक बजे तक मौसम अच्छा लग रहा था, लेकिन बाद में बादल छाने लगे। बादलों के तेजी से छाने की वजह से धूप भी गायब हो गई। शाम चार बजे तक धूप लुकाछिपी करती रही। हवा चलने से लोगों को सर्दी ने और भी परेशान कर दिया। हालांकि गत वर्षों की अपेक्षा अभी उतनी सर्दी नहीं पड़ी है जिसे लेकर किसान चिंतित भी हैं। किसानों का कहना है कि कोहरा और ठंड के नहीं पड़ने का प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ेगा।
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