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दो प्रधानों की पावर सीज, लेखपाल निलंबित
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बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने गांवों में बेसहारा पशुओं के लिए अस्थायी पशु आश्रय बनाने में लापरवाही करने वाली ग्राम पंचायत नाधा की प्रधान शशी बाला व ग्राम पंचायत धरमपुर की प्रधान सोहनवती की पावर सीज करने के निर्देश दिए है, साथ ही हमूम चमनपुरा गांव पर तैनात लेखपाल ओम बाबू को निलंबित करने का भी आदेश दिया है। डीएम ने कहा कि जो भी प्रधान, लेखपाल, सचिव शासकीय कार्यों में रुचि लेकर कार्य नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल की जिम्मेदारी है कि अस्थायी गोवंश रखने के लिए भूमि का चयन करें। ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर चारा बोने का कार्य करें।
बुधवार को कलक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में अस्थायी पशु आश्रय के संबंध में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गोशाला पर एक रजिस्टर बनाकर रखा जाए। इसमें पशुशाला में रखे गए गोवंश को पंजीकृत करें। बीडीओ गांव-गांव जाकर गोशालाओं का निरीक्षण करें। किसी प्रकार की गोवंश को समस्या न होने पाए। सीवीओ को निर्देश दिया कि गोशालाओं में जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। सभी गांव वाले इसमें सहयोग करें। जो लोग पशुओं से दूध निकालकर छोड़ देते है और शाम को पकड़ लेते हैं ऐसे लोगों को चिह्नित करके उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अस्थायी गोवंश आश्रय के लिए मनरेगा और ग्राम पंचायत निधि से पैसा खर्च किया जाए।
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बुधवार को कलक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में अस्थायी पशु आश्रय के संबंध में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गोशाला पर एक रजिस्टर बनाकर रखा जाए। इसमें पशुशाला में रखे गए गोवंश को पंजीकृत करें। बीडीओ गांव-गांव जाकर गोशालाओं का निरीक्षण करें। किसी प्रकार की गोवंश को समस्या न होने पाए। सीवीओ को निर्देश दिया कि गोशालाओं में जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। सभी गांव वाले इसमें सहयोग करें। जो लोग पशुओं से दूध निकालकर छोड़ देते है और शाम को पकड़ लेते हैं ऐसे लोगों को चिह्नित करके उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अस्थायी गोवंश आश्रय के लिए मनरेगा और ग्राम पंचायत निधि से पैसा खर्च किया जाए।
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