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प्रदर्शनी के ठेका की होगी जांच, डीएम ने दिए निर्देश
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बदायूं। शहर में प्रत्येक वर्ष जून माह में गांधी ग्राउंड में प्रदर्शनी लगती है, जिसके लिए नगर पालिका की ओर से ठेका किया जाता है। आरोप है कि इस बार नगर पालिका प्रशासन ने एक व्यक्ति से साठगांठ करके गुपचुप तरीके से ठेका कर दिया, जबकि दूसरा ठेकेदार उससे ज्यादा धनराशि पर ठेका लेने को राजी था। इसकी शिकायत डीएम से की गई, जिस पर राजस्व की हानि को देखते हुए डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच के निर्देश दिए हैं।
शहर में साफ-सफाई का मामला हो या फिर सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंशीय पशुओं का, नगर पालिका हर मामले में फेल साबित हो रही है। पालिका की अकर्मण्यता के कारण डीएम को इन मामलों की देखरेख का जिम्मा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को देना पड़ा। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर में फैली गंदगी और आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सीडीओ और सिटी मजिस्ट्रेट को शहर में सफाई और पालिका की ओर से कराए जा रहे कामों की गुणवत्ता चेक कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। अब नगर पालिका प्रशासन पर ठेका देने में अनियमितता का आरोप लगा है। शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी सुबोध कुमार मिश्रा ने कहा है कि बदायूं रामलीला मैदान (गांधी ग्राउंड) में हर साल की तरह इस बार भी प्रदर्शनी लगने वाली है। इसमें ठेका देने में नगर पालिका प्रशासन की ओर से अनियमितताएं बरती गईं हैं। मुख्य अखबारों में ठेके की नीलामी से संबंधित कोई विज्ञप्ति जारी नहीं की गई और साठगांठ के आधार पर गुपचुप तरीके से ठेका कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत डीएम से की। शिकायकर्ता सुबोध का कहना है वह गत वर्ष की अपेक्षा 20 प्रतिशत बढ़ाकर ठेका लेना चाहते हैं, जिससे राजस्व की वृद्धि हो सके। शिकायत मिलने पर डीएम ने एडीएम प्रशासन राम निवास शर्मा को जांच के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि गांधी ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनी का ठेका नगर पालिका की ओर से किया जाता है। इस संबंध में शिकायत मिली थी। ठेके की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है, जिससे राजस्व की हानि हो रही है। इसकी जांच के लिए एडीएम प्रशासन को कहा है।
ठेका की जांच करने के लिए नगर पालिका गए थे। जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट बना ली है। अब फाइल डीएम को दी जाएगी। इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे।
- रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
ठेके की प्रक्रिया ई-टेंडरिंग के माध्यम से की गई है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं। ठेके के संबंध में पूरी प्रक्रिया काम नियमानुसार की गई है।
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- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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शहर में साफ-सफाई का मामला हो या फिर सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंशीय पशुओं का, नगर पालिका हर मामले में फेल साबित हो रही है। पालिका की अकर्मण्यता के कारण डीएम को इन मामलों की देखरेख का जिम्मा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को देना पड़ा। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर में फैली गंदगी और आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सीडीओ और सिटी मजिस्ट्रेट को शहर में सफाई और पालिका की ओर से कराए जा रहे कामों की गुणवत्ता चेक कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। अब नगर पालिका प्रशासन पर ठेका देने में अनियमितता का आरोप लगा है। शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी सुबोध कुमार मिश्रा ने कहा है कि बदायूं रामलीला मैदान (गांधी ग्राउंड) में हर साल की तरह इस बार भी प्रदर्शनी लगने वाली है। इसमें ठेका देने में नगर पालिका प्रशासन की ओर से अनियमितताएं बरती गईं हैं। मुख्य अखबारों में ठेके की नीलामी से संबंधित कोई विज्ञप्ति जारी नहीं की गई और साठगांठ के आधार पर गुपचुप तरीके से ठेका कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत डीएम से की। शिकायकर्ता सुबोध का कहना है वह गत वर्ष की अपेक्षा 20 प्रतिशत बढ़ाकर ठेका लेना चाहते हैं, जिससे राजस्व की वृद्धि हो सके। शिकायत मिलने पर डीएम ने एडीएम प्रशासन राम निवास शर्मा को जांच के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि गांधी ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनी का ठेका नगर पालिका की ओर से किया जाता है। इस संबंध में शिकायत मिली थी। ठेके की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है, जिससे राजस्व की हानि हो रही है। इसकी जांच के लिए एडीएम प्रशासन को कहा है।
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ठेका की जांच करने के लिए नगर पालिका गए थे। जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट बना ली है। अब फाइल डीएम को दी जाएगी। इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे।
- रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
ठेके की प्रक्रिया ई-टेंडरिंग के माध्यम से की गई है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं। ठेके के संबंध में पूरी प्रक्रिया काम नियमानुसार की गई है।
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- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष