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पिता चीखता रहा, बेटे की ट्रेन से कटकर मौत
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:05 PM IST
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पिता चीखता रहा, बेटे की ट्रेन से कटकर मौत
छतुईया रेलवे लाइन किनारे मवेशी चरा रहे थे पिता, पटरी पर सो गया था बेटा
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में शनिवार शाम पिता की आंखों के सामने मासूम बेटे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। बेटे के शरीर के कई टुकड़े देखकर बाप का कलेजा कांप गया। इस हादसे की खबर सुनकर आस-पास के सैंकड़ों लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई, परंतु देर शाम तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका।
यह हादसा शनिवार शाम करीब छह बजे छतुईया रेलवे फाटक के नजदीक हुआ। उस समय उझानी कस्बे के नझियाई मोहल्ला निवासी सुम्मेेेरी कश्यप लाइन किनारे अपने मवेशी चरा रहे थे। जबकि साथ गया उनका 11 वर्षीय बेटा केशव वहीं आस-पास खेल रहा रहा था। केशव खेलते-खेलते अचानक पटरी पर चला गया। फिर वहीं सो गया। इधर, शाम करीब छह बजे सुम्मेरी को कासगंज से बरेली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन आती दिखाई दी तो उन्होंने पटरी से बेटे को उठाने के लिए आवाज लगाई लेकिन वह इतनी गहरी नींद में सो रहा था कि उसे पिता की आवाज ही सुनाई नहीं दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुम्मेरी कश्यप भी ट्रेन आते देखकर बेटे को बचाने के लिए चीखते हुए भागे। ट्रेन चालक ने भी बच्चे को देखकर हार्न बजाया था। इसके बावजूद केशव की आंखी नहीं खुली और उसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। हादसे की जानकारी होते ही मृतक के परिवार वाले भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। उनकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई है। देर शाम तक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा सका। इस हादसे से पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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छतुईया रेलवे लाइन किनारे मवेशी चरा रहे थे पिता, पटरी पर सो गया था बेटा
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में शनिवार शाम पिता की आंखों के सामने मासूम बेटे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। बेटे के शरीर के कई टुकड़े देखकर बाप का कलेजा कांप गया। इस हादसे की खबर सुनकर आस-पास के सैंकड़ों लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई, परंतु देर शाम तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका।
यह हादसा शनिवार शाम करीब छह बजे छतुईया रेलवे फाटक के नजदीक हुआ। उस समय उझानी कस्बे के नझियाई मोहल्ला निवासी सुम्मेेेरी कश्यप लाइन किनारे अपने मवेशी चरा रहे थे। जबकि साथ गया उनका 11 वर्षीय बेटा केशव वहीं आस-पास खेल रहा रहा था। केशव खेलते-खेलते अचानक पटरी पर चला गया। फिर वहीं सो गया। इधर, शाम करीब छह बजे सुम्मेरी को कासगंज से बरेली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन आती दिखाई दी तो उन्होंने पटरी से बेटे को उठाने के लिए आवाज लगाई लेकिन वह इतनी गहरी नींद में सो रहा था कि उसे पिता की आवाज ही सुनाई नहीं दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुम्मेरी कश्यप भी ट्रेन आते देखकर बेटे को बचाने के लिए चीखते हुए भागे। ट्रेन चालक ने भी बच्चे को देखकर हार्न बजाया था। इसके बावजूद केशव की आंखी नहीं खुली और उसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। हादसे की जानकारी होते ही मृतक के परिवार वाले भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। उनकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई है। देर शाम तक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा सका। इस हादसे से पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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