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गांव वालों ने की कोटा निरस्त कराने की मांग
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:47 AM IST
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मूसाझाग। कई महीनों गांव बसैया खेड़ालल बुझिया में कोटे की दुकान निरस्त चल रही थी। दो बार बैठक हुई। प्रधान के नहीं पहुंचने के कारण बैठक को अगली तारीख तक स्थगित कर दिया गया, लेकिन अधिकारियों की आपसी साठगांठ के चलते कोटे का प्रस्ताव कर दिया गया।
ब्लॉक जगत के गांव बसैया खेड़ालल बुझिया का कोटा पिछले कई महीनों से निरस्त चल रहा था। कोटे के प्रस्ताव की तारीख 19 अगस्त दी गई थी, लेकिन प्रधान के नहीं पहुंचने के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई। इसके बाद में दोबारा बैठक हुई इसमें भी प्रधान के नहीं पहुंचने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। गांव वालों का आरोप है कि अधिकारियों की मिली भगत से कोटे का प्रस्ताव जारी कर दिया। रायपुर और बेला गांव के भूप सिंह, विवेक, नरेश, राजेश, टिंकू, बृजेश, प्रेमपाल, बाबूराम, शिशुपाल, राजेंद्र आदि ने कोटे की दुुकान को निरस्त कराने की मांग की है।
ब्लॉक जगत के गांव बसैया खेड़ालल बुझिया का कोटा पिछले कई महीनों से निरस्त चल रहा था। कोटे के प्रस्ताव की तारीख 19 अगस्त दी गई थी, लेकिन प्रधान के नहीं पहुंचने के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई। इसके बाद में दोबारा बैठक हुई इसमें भी प्रधान के नहीं पहुंचने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। गांव वालों का आरोप है कि अधिकारियों की मिली भगत से कोटे का प्रस्ताव जारी कर दिया। रायपुर और बेला गांव के भूप सिंह, विवेक, नरेश, राजेश, टिंकू, बृजेश, प्रेमपाल, बाबूराम, शिशुपाल, राजेंद्र आदि ने कोटे की दुुकान को निरस्त कराने की मांग की है।
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