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हर वृक्ष फलदार नहीं होता, हर स्वप्न साकार नहीं होता
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:59 PM IST
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बदायूं। साहित्य दर्पण संस्था एवं भारतीय साहित्य कला मंच के संयुक्त प्रयास से पटियाली सराय स्थित कवि अचिन मासूम के आवास पर हुई काव्य गोष्ठी में कवियों ने काव्य पाठ किया। शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष पूरनपुर से पधारे वरिष्ठ कवि डॉ. ऊदल राम मीत, मुख्य अथिति विष्णु गोपाल अनुरागी ने किया। आदर्श कुमार समय ने सरस्वती मां की वंदना की।
कवि डॉ. ऊदल राम मीत ने कहा-
हर वृक्ष फलदार नहीं होता, हर स्वप्न साकार नहीं होता, मिलने को दोस्त तो बहुत मिलते हैं लेकिन हर दोस्त वफादार नहीं होता।
अमन मयंक शर्मा ने कहा-
पुजारी हैं वही जो राष्ट्र का गुणगान करते हैं, जलाकर देह औरों के लिए दिनमान करते हैं।
पवन शंखधार ने कहा-
जो करने की सोचा करते, उनका ये केवल ख्वाब रहा, मैं कांटों बीच पला लेकिन फिर भी फूल गुलाब रहा।
विष्णु गोपाल अनुरागी ने कहा- स्वर्ग पिता के चरणों में, मां के चरणों मे जीवन, प्यार पिता का मां की ममता, दोनों ही हैं संजीवन।
अचिन मासूम ने कहा-
जमीं पर आसमां को भी झुकाना जानते हैं हम, लहू निज देश की खातिर बहाना जानते हैं हम।
षट्वदन शंखधार ने कहा-
जो यूपी में योगी की सरकार होगी, गरीबों में खुशियों की बौछार होगी। इसके आलावा शायर अहमद अमजदी, अमीशा पाठक, ऋषभ शर्मा, संजय सक्सेना ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर विपिन शर्मा, प्रदीप शर्मा, मधु पाठक, शशि, कृष्णा शर्मा, अभिषेक पाठक, शैलेंद्र मिश्रा, मनोज अंजाना, ऋषभ, महेश राज, दीपक आदि मौजूद रहे।
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कवि डॉ. ऊदल राम मीत ने कहा-
हर वृक्ष फलदार नहीं होता, हर स्वप्न साकार नहीं होता, मिलने को दोस्त तो बहुत मिलते हैं लेकिन हर दोस्त वफादार नहीं होता।
अमन मयंक शर्मा ने कहा-
पुजारी हैं वही जो राष्ट्र का गुणगान करते हैं, जलाकर देह औरों के लिए दिनमान करते हैं।
पवन शंखधार ने कहा-
जो करने की सोचा करते, उनका ये केवल ख्वाब रहा, मैं कांटों बीच पला लेकिन फिर भी फूल गुलाब रहा।
विष्णु गोपाल अनुरागी ने कहा- स्वर्ग पिता के चरणों में, मां के चरणों मे जीवन, प्यार पिता का मां की ममता, दोनों ही हैं संजीवन।
अचिन मासूम ने कहा-
जमीं पर आसमां को भी झुकाना जानते हैं हम, लहू निज देश की खातिर बहाना जानते हैं हम।
षट्वदन शंखधार ने कहा-
जो यूपी में योगी की सरकार होगी, गरीबों में खुशियों की बौछार होगी। इसके आलावा शायर अहमद अमजदी, अमीशा पाठक, ऋषभ शर्मा, संजय सक्सेना ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर विपिन शर्मा, प्रदीप शर्मा, मधु पाठक, शशि, कृष्णा शर्मा, अभिषेक पाठक, शैलेंद्र मिश्रा, मनोज अंजाना, ऋषभ, महेश राज, दीपक आदि मौजूद रहे।
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