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चार जिलों की सीमाएं, एक पुलिस चौकी, कैसे हो सुरक्षा
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आसफपुर (बदायूं)। कस्बे में वर्षों पुराने थाना निर्माण की मांग को लेकर पुलिस महकमा और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं। इससे चार जनपदों की सीमा से लगे कटरी इलाके में सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अभिलेखों में यह इलाका अति संवेदनशील माना जाता है, फिर भी दो दर्जन से अधिक गांवों में सुरक्षा की जिम्मेदारी एक मात्र पुलिस चौकी के हवाले है। उस पर भी स्टाफ की कमी और सीमित संसाधन हैं। क्षेत्रीय लोगों ने आसफपुर में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बनवाने की मांग की, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र का कटरी इलाका आज भी बीहड़ कहलाता है। पिछले एक दशक से आसपास गांव के लोग इलाके की जमीन समतल करके खेती करने में लगे हैं फिर भी कई किलोमीटर तक बीहड़ क्षेत्र खत्म नहीं हुआ है। बिसौली कोतवाली क्षेत्र से लेकर संभल जिले के थाना कुढ़फतेहगढ़ तक दर्जनों गांव कटरी में बसे हैं। फैजगंज बेहटा के कटरी क्षेत्र में जिला रामपुर, संभल, मुरादाबाद और बरेली की सीमाएं जुड़ी हुई हैं। इससे दूसरे जनपदों के अपराधी आसानी से फैजगंज बेहटा क्षेत्र में घुस आते हैं और घटनाओं को अंजाम देकर निकल जाते हैं। वहीं पड़ोसी जिलों के अपराधी बदायूं इलाके में आकर आसानी से शरण ले लेते हैं। यह इलाका पूर्व में इलियास और कल्लू जैसे नामी बदमाशों की शरणस्थली रहा है। इन बदमाशों के सफाए के बाद कटरी लंबे अरसे से शांत पड़ी है लेकिन अन्य जनपदों की सीमा से सटे होने के कारण इस क्षेत्र में बसे लगभग दो दर्जन गांवों की सुरक्षा एक पुलिस चौकी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
रिपोर्टिंग चौकी को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
- कुछ समय पूर्व सिसरका और परमानंदपुर में घटी फायरिंग और डकैती की घटनाओं के बाद आए एडीजी प्रेमप्रकाश ने भौगोलिक स्थिति भांपते हुए आसफपुर में रिपोर्टिंग चौकी और ओरछी चौराहे पर साधारण पुलिस चौकी बनाने का आदेश दिया था, लेकिन इस पर गौर नहीं किया गया। आसफपुर ग्राम प्रधान बाला मिश्रा ने बताया कि रिपोर्टिंग पुलिस चौकी के लिए पूर्व में ही चंदौसी तिराहे पर करीब पांच बीघा जमीन की नपत कर ग्राम सभा का प्रस्ताव पुलिस को दे दिया गया है।
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समस्या वास्तव में गंभीर है। इस समय चुनाव के कारण बाहर हैं। लौटकर एसएसपी से मिलकर इस बारे में बात करेंगे। इसका समाधान कराया जाएगा।
- कुशाग्र सागर, विधायक, बिसौली
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फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र का कटरी इलाका आज भी बीहड़ कहलाता है। पिछले एक दशक से आसपास गांव के लोग इलाके की जमीन समतल करके खेती करने में लगे हैं फिर भी कई किलोमीटर तक बीहड़ क्षेत्र खत्म नहीं हुआ है। बिसौली कोतवाली क्षेत्र से लेकर संभल जिले के थाना कुढ़फतेहगढ़ तक दर्जनों गांव कटरी में बसे हैं। फैजगंज बेहटा के कटरी क्षेत्र में जिला रामपुर, संभल, मुरादाबाद और बरेली की सीमाएं जुड़ी हुई हैं। इससे दूसरे जनपदों के अपराधी आसानी से फैजगंज बेहटा क्षेत्र में घुस आते हैं और घटनाओं को अंजाम देकर निकल जाते हैं। वहीं पड़ोसी जिलों के अपराधी बदायूं इलाके में आकर आसानी से शरण ले लेते हैं। यह इलाका पूर्व में इलियास और कल्लू जैसे नामी बदमाशों की शरणस्थली रहा है। इन बदमाशों के सफाए के बाद कटरी लंबे अरसे से शांत पड़ी है लेकिन अन्य जनपदों की सीमा से सटे होने के कारण इस क्षेत्र में बसे लगभग दो दर्जन गांवों की सुरक्षा एक पुलिस चौकी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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रिपोर्टिंग चौकी को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
- कुछ समय पूर्व सिसरका और परमानंदपुर में घटी फायरिंग और डकैती की घटनाओं के बाद आए एडीजी प्रेमप्रकाश ने भौगोलिक स्थिति भांपते हुए आसफपुर में रिपोर्टिंग चौकी और ओरछी चौराहे पर साधारण पुलिस चौकी बनाने का आदेश दिया था, लेकिन इस पर गौर नहीं किया गया। आसफपुर ग्राम प्रधान बाला मिश्रा ने बताया कि रिपोर्टिंग पुलिस चौकी के लिए पूर्व में ही चंदौसी तिराहे पर करीब पांच बीघा जमीन की नपत कर ग्राम सभा का प्रस्ताव पुलिस को दे दिया गया है।
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समस्या वास्तव में गंभीर है। इस समय चुनाव के कारण बाहर हैं। लौटकर एसएसपी से मिलकर इस बारे में बात करेंगे। इसका समाधान कराया जाएगा।
- कुशाग्र सागर, विधायक, बिसौली