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बदला मौसम, कोहरे ने ठंडी की सूरज की गर्मी
Updated Wed, 13 Dec 2017 07:28 PM IST
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ठंड में जाते मां और बेटा।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। पहाड़ों पर हुई बर्फवारी से मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज बुधवार को अचानक बदल गया। मंगलवार देर रात से छाया घना कोहरा बुधवार दोपहर तक रहा। बादलों की वजह से दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कोहरे और ठंड की वजह से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
मंगलवार रात से शुरू हुई कड़ाके की ठंड बुधवार को दिन में भी जारी रही। ठंड और कोहरे का प्रभाव होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हालात यह रहे कि दोपहर में भी लोग वाहनों की लाइट जलाकर चलाते नजर आए। शाम ढलते ही फिर कोहरे का प्रकोप तेज हो गया। घरों से लेकर दुकानों, सरकारी कार्यालयों में भी लोग हीटर और अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते रहे। वहीं दिनभर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग पन्नी, कूड़े इत्यादि में आग लगाकर ठंड से बचाव के तरीके तलाशते रहे। वहीं वाहनों की भी रफ्तार कोहरे के कारण कम रही। वही बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
नहीं जले अलाव
गरीबों को ठंड से बचाने के लिए नगर पालिका और तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव नहीं जलवाए गए। इस कारण रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों व रोडवेज पर बस का इंतजार कर रहे यात्री दिन-रात ठिठुरते रहे। जबकि हर साल ठंड की शुरुआत होते ही अलाव लगाए जाते थे।
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कारोबार पर भी मौसम का असर
वूलन और गरम कपड़ों का कारोबार भी इस बार सर्दी नहीं पड़ने से प्रभावित हो रहा है। बाजारों व शापिंग मॉल्स में गरम कपड़े खरीदने के लिए लगने वाली भीड़ नदारद है। व्यापारियों और दुकानदारों का कहना है कि सर्दी नहीं होने के कारण नवंबर में मंगवाया गया स्टॉक ही खत्म नहीं हो पा रहा है।
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मंगलवार रात से शुरू हुई कड़ाके की ठंड बुधवार को दिन में भी जारी रही। ठंड और कोहरे का प्रभाव होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हालात यह रहे कि दोपहर में भी लोग वाहनों की लाइट जलाकर चलाते नजर आए। शाम ढलते ही फिर कोहरे का प्रकोप तेज हो गया। घरों से लेकर दुकानों, सरकारी कार्यालयों में भी लोग हीटर और अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते रहे। वहीं दिनभर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग पन्नी, कूड़े इत्यादि में आग लगाकर ठंड से बचाव के तरीके तलाशते रहे। वहीं वाहनों की भी रफ्तार कोहरे के कारण कम रही। वही बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
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नहीं जले अलाव
गरीबों को ठंड से बचाने के लिए नगर पालिका और तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव नहीं जलवाए गए। इस कारण रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों व रोडवेज पर बस का इंतजार कर रहे यात्री दिन-रात ठिठुरते रहे। जबकि हर साल ठंड की शुरुआत होते ही अलाव लगाए जाते थे।
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कारोबार पर भी मौसम का असर
वूलन और गरम कपड़ों का कारोबार भी इस बार सर्दी नहीं पड़ने से प्रभावित हो रहा है। बाजारों व शापिंग मॉल्स में गरम कपड़े खरीदने के लिए लगने वाली भीड़ नदारद है। व्यापारियों और दुकानदारों का कहना है कि सर्दी नहीं होने के कारण नवंबर में मंगवाया गया स्टॉक ही खत्म नहीं हो पा रहा है।