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निकले थे टीबी मरीज खोजने, मिल गए सात एचआईवी पीड़ित

Mon, 01 Jul 2019 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2019 02:27 AM IST
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निकले थे टीबी मरीज खोजने, मिल गए सात एचआईवी पीड़ित
बदायूं। जिला अस्पताल के क्षय रोग विभाग द्वारा चलाए गए क्षय रोगी खोजी अभियान में सात मरीज एचआईवी पॉजिटिव निकले हैं। जिनका टीबी के साथ-साथ एचआईवी का इलाज भी चल रहा है। दोनों की दवाएं समय के अनुसार उनके घर पहुंच जाती हैं या फिर वो सेंटर पर आकर स्वयं ले जाते हैं। इनके अलावा जिले भर में 68 मरीज टीबी के निकले हैं, जिनका भी इलाज शुरू कर दिया है।
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क्षय रोग विभाग ने 11 जून से क्षय रोगी खोजी अभियान की शुरूआत की थी। यह अभियान जिले के हर ब्लॉक स्तर पर चलाया गया था। गांव-गांव जाकर टीबी के संभावित मरीजों को चिह्नित किया गया था। 11 जून से लेकर 21 जून तक चलाए गए अभियान में करीब चार लाख 10 हजार 317 लोगों का चेकअप कराया गया। 1429 लोगों के ब्लड सैंपल लेकर टेस्ट कराए गए और उनके एक्स-रे भी कराए गए, जिसमें कुल 68 मरीज टीबी के निकले। इन 68 मरीजों के ब्लड टेस्ट के दौरान सात मरीज ऐसे निकले जो एचआईवी पॉजिटिव थे। विभाग ने सातों मरीजों को गंभीरता से लेते हुए उनके बाकी टेस्ट भी कराए। जिससे पुष्टि हुई कि उन्हें वास्तव में एचआईवी है। बाद में उनका आईसीटीसी सेंटर जिला अस्पताल और एआरटी बरेली में रजिस्ट्रेशन कराया गया। साथ ही क्षय रोग विभाग में सातों मरीजों की अलग सूची बनाई गई है। सातों मरीजों का टीबी और एचआईवी का दोनों सेंटरों से इलाज भी शुरू हो गया है।
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बाकी टीबी के 68 मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। विभाग ने उनके खाता नंबर लेकर 500 रुपये प्रतिमाह देने की तैयारी शुरू कर दी। जल्द ही सभी मरीजों के खाते में पहले माह के 500 रुपये भी पहुंच जाएंगे।
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जिला कारागार में निकले सात टीबी के मरीज
-क्षय रोग विभाग ने जिले में ही नहीं जिला कारागार के बंदियों के भी चेकअप कराए थे। संभावित बंदियों के ब्लड टेस्ट और एक्स-रे कराए गए। इस दौरान सात बंदियों को टीबी निकला। उसके बाद सातों बंदियों का इलाज शुरू हो गया है। तय समय पर उनकी दवा जिला कारागार पहुंच जाती है।

दम तोड़ने वाले एचआईवी पीड़ित की बेटी भी ग्रसित
-दो दिन पहले मूसाझाग इलाके में एक एचआईवी पीड़ित की तीन साल जूझने के बाद मौत हो गई थी। उसकी पत्नी भी एचआईवी पीड़ित है। एचआईवी होने के बाद दंपती के एक बेटी हुई थी, विभाग द्वारा उसका चेकअप कराया गया तो उसको भी एचआईवी की पुष्टि हुई है। उसका बरेली से इलाज चल रहा है।


इसी माह 11 जून से 21 जून तक हमने क्षय रोगी खोजी अभियान चलाया था, जिसमें सात ऐसे मरीज मिले हैं, जिनको एचआईवी भी है और उन्हें टीबी भी है। फिलहाल सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। समय-समय पर उनका चेकअप भी करते रहते हैं।
डॉ. आरसी दीक्षित, क्षय रोग अधिकारी जिला अस्पताल
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