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जिला अस्पताल की ओपीडी में तड़पता रहा मरीज
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बदायूं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में एक गंभीर मरीज कई घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन उसे किसी डॉक्टर ने नहीं देखा। सुबह से दोपहर तक मरीज ओपीडी की बेंच पर पड़ा रहा। उसे ओपीडी में सर्जन का इंतजार था। अस्पताल बंद होने के बाद भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे। उसके बाद परिजन उसे लेकर लौट गए।
कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम रमजानपुर निवासी मंजम अली (55) गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। कुछ दिन पहले परिवार वालों ने उन्हें डॉ. रिशिम अग्रवाल को दिखाया था। तभी डॉक्टर ने उनके यूरिन बैग डलवा दिया था। परिवार वाले शुक्रवार सुबह मंजम अली को लेकर फिर से जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन उस समय ओपीडी में डॉ. रिशिम अग्रवाल नहीं बैठे। इससे परिवार वाले मरीज को बेंच पर लिटाकर बैठ गए और डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगे। परिवार वालों को डॉक्टर के इंतजार में कई घंटे लगे, लेकिन वह ओपीडी में नहीं पहुंचे। जब अस्पताल बंद होने की बारी आ गई तो डॉक्टरों के कक्ष बंद होने लगे। एक-एक करके सारे लोग ओपीडी से बाहर निकल गए। अंत में कर्मचारियों ने उन्हें भी बाहर जाने को कहा। इस पर परिवार वाले मजबूरी में रमजानपुर लौट गए।
डॉ. रिशिम अग्रवाल की आज ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी थी, जिससे वह ओपीडी में नहीं बैठे थे। अगर मरीज गंभीर था। तो उन्हें इमरजेंसी में दिखा लेना चाहिए था।
- डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल
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कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम रमजानपुर निवासी मंजम अली (55) गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। कुछ दिन पहले परिवार वालों ने उन्हें डॉ. रिशिम अग्रवाल को दिखाया था। तभी डॉक्टर ने उनके यूरिन बैग डलवा दिया था। परिवार वाले शुक्रवार सुबह मंजम अली को लेकर फिर से जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन उस समय ओपीडी में डॉ. रिशिम अग्रवाल नहीं बैठे। इससे परिवार वाले मरीज को बेंच पर लिटाकर बैठ गए और डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगे। परिवार वालों को डॉक्टर के इंतजार में कई घंटे लगे, लेकिन वह ओपीडी में नहीं पहुंचे। जब अस्पताल बंद होने की बारी आ गई तो डॉक्टरों के कक्ष बंद होने लगे। एक-एक करके सारे लोग ओपीडी से बाहर निकल गए। अंत में कर्मचारियों ने उन्हें भी बाहर जाने को कहा। इस पर परिवार वाले मजबूरी में रमजानपुर लौट गए।
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डॉ. रिशिम अग्रवाल की आज ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी थी, जिससे वह ओपीडी में नहीं बैठे थे। अगर मरीज गंभीर था। तो उन्हें इमरजेंसी में दिखा लेना चाहिए था।
- डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल