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बाइक सवार युवकों के चंगुल से मुक्त किशोरी को मेडिकल कराने को भेजा
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:29 PM IST
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स्कूल जा रही बालिका
को बुरी नीयत से पकड़ा
बाइक पर बैठाकर खेत में े गया, लोगों ने मौके पर पहुंचकर पकड़ा, पुलिस को सौंपा
बाद में समझौता होने पर पुलिस ने छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज। स्कूल जा रही एक बालिका को कस्बे का ही व्यक्ति बुरी नीयत से पकड़कर बाइक पर बैठाकर खेत में ले गया। जहां पहुंचे लोगों ने उसे पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने समझौते के तहत उसे छोड़ दिया, लेकिन बाद में दर्जनों की संख्या में लोग फिर आरोपी के घर पहुंच गए। वह आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोमवार की सुबह एक करीब 13 साल की बालिका पढ़ने को स्कूल जा रही थी। इसी बीच कस्बे के ही एक व्यक्ति उसे बुरी नीयत से पकड़कर बाइक पर बैठाकर खेत में ले गया। लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने इस व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में बालिका के परिजन भी वहां पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस ने आरोपी को समझौते के तहत छोड़ दिया। जब इसकी जानकारी उन्हीं लोगों को हुई तो वह फिर से शाम को आरोपी के घर पहुंच गए। उनका कहना था कि इस तरह की घटना होने के बाद भी पुलिस ने उसे छोड़ दिया। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इंसपेक्टर अमृत लाल का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। तब उसे छोड़ दिया। यदि पीड़ित पक्ष फिर भी तहरीर देता है तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
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बाइक सवार युवकों के चंगुल से मुक्त किशोरी मऊ की निकली
ग्रामीणों को आता देख किशोरी को छोड़ कर भाग गए थे दो युवक
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। दो दिन पहले बाइक सवार दो युवकों के चंगुल से मुक्त किशोरी रविवार शाम को वरामयखेड़ा की प्रधान के पति ने पुलिस के सुपुर्द कर दी। जानकारी करने पर किशोरी ने खुद को मऊ जिले का निवासी बताया लेकिन प्रधानपति की जब उसके भाई से फोन पर बात हुई तो आर्थिक दिक्कत बताकर आने से उसने इंकार कर दिया। पुलिस ने मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव वरामयखेड़ा का है। दो दिन पहले गांव के लोगों ने बाइक सवार दो युवकों के साथ किशोरी को देखा। वह हैंडपंप पर पानी पीने के लिए बाइक से उतरी थी। शक होने पर ग्रामीणों ने युवकों से पूछने की कोशिश की तो बाइक सवार दोनों युवक बिल्सी की ओर भाग गए। बाद में किशोरी को लेकर ग्रामीण प्रधानपति सुखवीर के पास पहुंचे। प्रधान को किशोरी ने बताया कि वह मऊ जिले की निवासी है। उसने अपने भाई का सेलफोन नंबर भी बता दिया। वह इलाके में कैसे पहुंची और बाइक सवार युवक कौन थे, यह तो उसने नहीं बताया लेकिन बात करने पर उसके भाई का कहना था कि वह पहले भी एक बार घर से गायब हो चुकी है। तब वह किसी तरह पटना पहुंच गई थी।
प्रधानपति ने उसकी बातें सुनने के बाद किशोरी के बारे में अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज संजय कुमार शर्मा को अवगत कराया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि किशोरी बाइक सवार युवकों के बारे में कुछ नहीं जानती। पुलिस ने सोमवार को उसका बयान दर्ज करने के बाद जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया। फिलहाल उसे महिला अस्पताल में पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। मेडिकल की बाकी औपचारिकताएं बुधवार को पूरी की जाएंगी। तब तक पुलिस उसके परिजनों का भी इंतजार करेगी।
को बुरी नीयत से पकड़ा
बाइक पर बैठाकर खेत में े गया, लोगों ने मौके पर पहुंचकर पकड़ा, पुलिस को सौंपा
बाद में समझौता होने पर पुलिस ने छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज। स्कूल जा रही एक बालिका को कस्बे का ही व्यक्ति बुरी नीयत से पकड़कर बाइक पर बैठाकर खेत में ले गया। जहां पहुंचे लोगों ने उसे पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने समझौते के तहत उसे छोड़ दिया, लेकिन बाद में दर्जनों की संख्या में लोग फिर आरोपी के घर पहुंच गए। वह आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोमवार की सुबह एक करीब 13 साल की बालिका पढ़ने को स्कूल जा रही थी। इसी बीच कस्बे के ही एक व्यक्ति उसे बुरी नीयत से पकड़कर बाइक पर बैठाकर खेत में ले गया। लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने इस व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में बालिका के परिजन भी वहां पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस ने आरोपी को समझौते के तहत छोड़ दिया। जब इसकी जानकारी उन्हीं लोगों को हुई तो वह फिर से शाम को आरोपी के घर पहुंच गए। उनका कहना था कि इस तरह की घटना होने के बाद भी पुलिस ने उसे छोड़ दिया। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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इंसपेक्टर अमृत लाल का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। तब उसे छोड़ दिया। यदि पीड़ित पक्ष फिर भी तहरीर देता है तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
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बाइक सवार युवकों के चंगुल से मुक्त किशोरी मऊ की निकली
ग्रामीणों को आता देख किशोरी को छोड़ कर भाग गए थे दो युवक
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। दो दिन पहले बाइक सवार दो युवकों के चंगुल से मुक्त किशोरी रविवार शाम को वरामयखेड़ा की प्रधान के पति ने पुलिस के सुपुर्द कर दी। जानकारी करने पर किशोरी ने खुद को मऊ जिले का निवासी बताया लेकिन प्रधानपति की जब उसके भाई से फोन पर बात हुई तो आर्थिक दिक्कत बताकर आने से उसने इंकार कर दिया। पुलिस ने मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव वरामयखेड़ा का है। दो दिन पहले गांव के लोगों ने बाइक सवार दो युवकों के साथ किशोरी को देखा। वह हैंडपंप पर पानी पीने के लिए बाइक से उतरी थी। शक होने पर ग्रामीणों ने युवकों से पूछने की कोशिश की तो बाइक सवार दोनों युवक बिल्सी की ओर भाग गए। बाद में किशोरी को लेकर ग्रामीण प्रधानपति सुखवीर के पास पहुंचे। प्रधान को किशोरी ने बताया कि वह मऊ जिले की निवासी है। उसने अपने भाई का सेलफोन नंबर भी बता दिया। वह इलाके में कैसे पहुंची और बाइक सवार युवक कौन थे, यह तो उसने नहीं बताया लेकिन बात करने पर उसके भाई का कहना था कि वह पहले भी एक बार घर से गायब हो चुकी है। तब वह किसी तरह पटना पहुंच गई थी।
प्रधानपति ने उसकी बातें सुनने के बाद किशोरी के बारे में अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज संजय कुमार शर्मा को अवगत कराया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि किशोरी बाइक सवार युवकों के बारे में कुछ नहीं जानती। पुलिस ने सोमवार को उसका बयान दर्ज करने के बाद जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया। फिलहाल उसे महिला अस्पताल में पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। मेडिकल की बाकी औपचारिकताएं बुधवार को पूरी की जाएंगी। तब तक पुलिस उसके परिजनों का भी इंतजार करेगी।