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कादरचौक क्षेत्र से लापता हो रहे पक्षी, वन विभाग को सुध नहीं
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कादरचौक (बदायूं)। थाना क्षेत्र में जंगल से लेकर गंगा कटरी शिकारियों को शिकार के लिए मुफीद हो गई है। लगातार शिकारी अपना जाल बिछाकर मोर, तीतर और बटेर की हत्या कर रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग सक्रिय नहीं हुआ है। मोर की हत्या के मामले में भी विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
वन विभाग कितना सक्रिय है, इसकी पोल सोमवार दोपहर खुल गई। नूरपुर चौड़ेरा गांव के जंगल में शिकारियों ने एक जाल बिछा रखा था। उसमें एक मोर फंस गया था, जबकि दूसरे मोर के पंख और आधा नुचा हुआ शरीर पड़ा था। ग्रामीणों ने उसी दौरान वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी थी। वन विभाग की टीम ने मोर को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर तहरीर देने तक की जहमत नहीं उठाई, जबकि क्षेत्र के लोग भलीभांति जानते हैं कि कादरचौक क्षेत्र के कौन-कौन गांव में शिकारी बसे हैं। कौन जाति के लोग ऐसे पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। रेंजर गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि इस मामले की जांच वन रक्षक मोहन सिंह को सौंपी गई है। वन रक्षक ने जांच शुरू कर दी है।
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वन विभाग कितना सक्रिय है, इसकी पोल सोमवार दोपहर खुल गई। नूरपुर चौड़ेरा गांव के जंगल में शिकारियों ने एक जाल बिछा रखा था। उसमें एक मोर फंस गया था, जबकि दूसरे मोर के पंख और आधा नुचा हुआ शरीर पड़ा था। ग्रामीणों ने उसी दौरान वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी थी। वन विभाग की टीम ने मोर को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर तहरीर देने तक की जहमत नहीं उठाई, जबकि क्षेत्र के लोग भलीभांति जानते हैं कि कादरचौक क्षेत्र के कौन-कौन गांव में शिकारी बसे हैं। कौन जाति के लोग ऐसे पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। रेंजर गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि इस मामले की जांच वन रक्षक मोहन सिंह को सौंपी गई है। वन रक्षक ने जांच शुरू कर दी है।
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