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डहरपुर में पंद्रह दिनों में 12 लोगों की हो चुकी हैं बुखार से मौत
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:26 PM IST
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दातागंज। नगर से करीब पांच किमी की दूर पर स्थित गांव डहरपुरकलां में बुखार से लगातार हो रहीं मौतों से लोग दहशत में हैं। पंद्रह दिन के अंदर 12 लोगों की मौत हो जाने के बाद सेहत महकमा सिर्फ एक ही बार यहां पर पहुंचा है। जानलेवा बुखार फैलने के पीछे सबसे बड़ी वजह गांव में फैली गंदगी और दूषित पानी माना जा रहा है।
डहरपुरकलां की आबादी लगभग 12 हजार है, इतना बड़ा गांव होने के बाद भी यहां पर मात्र दो सफाई कर्मचारी तैनात हैं। जिसके चलते गांव में नियमित सफाई नहीं हो पाती है सो गांव में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां भी गंदगी से अटी हुईं हैं। बुखार से गांव में लगातार हो रहीं मौतों को लेकर आज जब लोगों से बात की तो उन्होंने दहशत भरी आवाज में दर्द बयां किया। बोले-हर घर में लोग बुखार से लोग तप रहे हैं। बुधवार के दिन को शायद ही गांव के लोग कभी भूल पाएंगे। इस एक दिन में पांच लोगों को बुखार निगल गया,जबकि एक दिन पहले दो लोग मरे। 15 दिन में गांव के 12 लोगों की मौत हो चुकी है पर सेहत महकमा आज भी गंभीर नहीं है। लोगों ने बताया कि आठ दिन पहले सेहत महकमे की टीम गांव आई थी। लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद उन्हें दवाएं दीं,लेकिन बुखार पर आज तक काबू नहीं पाया जा सका है। बोले-गांव की आबादी के लिहाज से यहां पर अस्पताल होना चाहिए।
गांव के पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र गुप्ता ने कहा कि ओवरहैंड टैंक है। पाइप लाइनों की सफाई नहीं हुई है। क्षतिग्रस्त होने की वजह से दूषित पानी आता है। गांव निवासी गुड्डू गुप्ता कहते हैं कि मच्छरों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है। जिसकी वजह से मलेरिया, बुखार आदि संक्रामक रोग फैले हैं। बनवारी लाल प्रजापति ने कहा कि बुखार से लगातार हो रहीं मौतों से हर कोई दहशत में हैं पर सेहत महकमा गंभीर नहीं है। प्रशासन को चाहिए वह गांव में स्वास्थ्य टीम को कैंप कराएं, जब तक बुखार पर काबू न हो जाए तब तक यहीं रहे।
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पाइप लाइनें काफी पुरानी हैं। यदि प्रेशर से पानी छोड़ दिया जाए तो वह क्षतिग्रस्त हो जातीं हैं। कुछ लाइनें क्षतिग्रस्त होने से दूषित पानी लोगों के घर पहुंचता है।
- उमेश पाल सिंह चौहान, प्रधानपति
...और स्टीयरिंग पर ही सो गए हमेशा-हमेशा को देवेंद्र
दातागंज। क्षेत्र के गांव बछेला निवासी देवेंद्र (40) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बताते हैं कि बुखार से तप रहे देवेंद्र अपना ट्रैक्टर स्टार्ट कर रहे थे। उसके चालू नहीं होने पर देवेंद्र ने स्टीयरिंग पर सिर रख लिया और उनकी मौत हो गई। ...............
नरऊ में दो लोग डेंगू और दर्जनों को बुखार ने लिया चपेट में
उझानी। क्षेत्र के गांव नरऊ में भी बुखार बुरी तरह से फैला हुआ है। अनेक लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव में गंदगी है। लोगों ने कहा कि नलों से प्रदूषित पानी आ रहा है। उसी वजह से संक्रामक बीमारियां फैली हुुईं हैं। गांव निवासी वीरेंद्र (55) कृष्णा (7) पुत्र सुकैश सिंह को डेंगू की शिकायत होने पर बरेली ले जाया गया। बताया गया कि दोनों के प्लेटलेट्स कम होने और नाक, कान से खून आने पर परिजनों ने बरेली में निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
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डहरपुरकलां की आबादी लगभग 12 हजार है, इतना बड़ा गांव होने के बाद भी यहां पर मात्र दो सफाई कर्मचारी तैनात हैं। जिसके चलते गांव में नियमित सफाई नहीं हो पाती है सो गांव में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां भी गंदगी से अटी हुईं हैं। बुखार से गांव में लगातार हो रहीं मौतों को लेकर आज जब लोगों से बात की तो उन्होंने दहशत भरी आवाज में दर्द बयां किया। बोले-हर घर में लोग बुखार से लोग तप रहे हैं। बुधवार के दिन को शायद ही गांव के लोग कभी भूल पाएंगे। इस एक दिन में पांच लोगों को बुखार निगल गया,जबकि एक दिन पहले दो लोग मरे। 15 दिन में गांव के 12 लोगों की मौत हो चुकी है पर सेहत महकमा आज भी गंभीर नहीं है। लोगों ने बताया कि आठ दिन पहले सेहत महकमे की टीम गांव आई थी। लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद उन्हें दवाएं दीं,लेकिन बुखार पर आज तक काबू नहीं पाया जा सका है। बोले-गांव की आबादी के लिहाज से यहां पर अस्पताल होना चाहिए।
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गांव के पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र गुप्ता ने कहा कि ओवरहैंड टैंक है। पाइप लाइनों की सफाई नहीं हुई है। क्षतिग्रस्त होने की वजह से दूषित पानी आता है। गांव निवासी गुड्डू गुप्ता कहते हैं कि मच्छरों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है। जिसकी वजह से मलेरिया, बुखार आदि संक्रामक रोग फैले हैं। बनवारी लाल प्रजापति ने कहा कि बुखार से लगातार हो रहीं मौतों से हर कोई दहशत में हैं पर सेहत महकमा गंभीर नहीं है। प्रशासन को चाहिए वह गांव में स्वास्थ्य टीम को कैंप कराएं, जब तक बुखार पर काबू न हो जाए तब तक यहीं रहे।
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पाइप लाइनें काफी पुरानी हैं। यदि प्रेशर से पानी छोड़ दिया जाए तो वह क्षतिग्रस्त हो जातीं हैं। कुछ लाइनें क्षतिग्रस्त होने से दूषित पानी लोगों के घर पहुंचता है।
- उमेश पाल सिंह चौहान, प्रधानपति
...और स्टीयरिंग पर ही सो गए हमेशा-हमेशा को देवेंद्र
दातागंज। क्षेत्र के गांव बछेला निवासी देवेंद्र (40) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बताते हैं कि बुखार से तप रहे देवेंद्र अपना ट्रैक्टर स्टार्ट कर रहे थे। उसके चालू नहीं होने पर देवेंद्र ने स्टीयरिंग पर सिर रख लिया और उनकी मौत हो गई। ...............
नरऊ में दो लोग डेंगू और दर्जनों को बुखार ने लिया चपेट में
उझानी। क्षेत्र के गांव नरऊ में भी बुखार बुरी तरह से फैला हुआ है। अनेक लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव में गंदगी है। लोगों ने कहा कि नलों से प्रदूषित पानी आ रहा है। उसी वजह से संक्रामक बीमारियां फैली हुुईं हैं। गांव निवासी वीरेंद्र (55) कृष्णा (7) पुत्र सुकैश सिंह को डेंगू की शिकायत होने पर बरेली ले जाया गया। बताया गया कि दोनों के प्लेटलेट्स कम होने और नाक, कान से खून आने पर परिजनों ने बरेली में निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।