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एसआईटी ने खंगाली ट्रांसपोर्टरों की कुंडली, कई से पूछताछ
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बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले की जांच कर रही एसआईटी इसी सप्ताह किसी नतीजे पर पहुंच सकती है। इसके लिए वह हरसंभव प्रयास कर रही है। लगातार मामले की गहराई में जाकर छानबीन की जा रही है। रविवार को टीम ने शहर के ट्रांसपोर्टरों की कुंडली खंगाली। इस दौरान कई ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ भी की और खाद लाने-ले जाने की जानकारी जुटाई।
खाद घोटाले में ट्रांसपोर्टरों का भी अहम रोल था। इनके बगैर खाद ढोना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन था। पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक कुमार शर्मा ने परिवहन ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि उसमें मुख्य आरोपी गोदाम प्रभारी जगत पाल था, जबकि दूसरा आरोपी परिवहन ठेकेदार और तीसरा तत्कालीन अधिकारी था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से तीनों पुलिस से बचे फिर रहे हैं। अब तक किसी ने पुलिस के सामने अपना पक्ष तक नहीं रखा है। इस घोटाले में सबसे खास बात यह रही कि घोटालेबाज खाद गायब करते रहे लेकिन उसका रिकॉर्ड नहीं बना सके। इसकी जांच हुई तो तीनों आरोपी फंस गए और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक सारे अभिलेखों की जांच कर चुकी है लेकिन अब तक यह पता नहीं चला कि परिवहन ठेकेदार के अलावा खाद ढोने में किस-किस का हाथ था। इसका पता लगाने के लिए टीम में शामिल इंस्पेक्टर रविवार दोपहर अपनी टीम लेकर शहर में निकले। वे पीसीएफ कार्यालय पर भी गए। उसके बाद शहर के ट्रांसपोर्टरों से एक-एक करके जानकारी जुटाई। घोटाला खुलने से पूर्व परिवहन ठेकेदार कौन-कौन थे, गोदाम प्रभारी कौन थे और अधिकारी कौन थे, इसकी लिस्ट तैयार की जा रही है। उसके बाद सभी से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल टीम की पूछताछ से शहर के ट्रांसपोर्टरों में अफरा-तफरी है।
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खाद घोटाले के मामले में बरेली और बदायूं से अभिलेख जुटाए गए हैं। अभिलेखों की जांच हो चुकी है। ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही हम किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे।
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- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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खाद घोटाले में ट्रांसपोर्टरों का भी अहम रोल था। इनके बगैर खाद ढोना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन था। पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक कुमार शर्मा ने परिवहन ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि उसमें मुख्य आरोपी गोदाम प्रभारी जगत पाल था, जबकि दूसरा आरोपी परिवहन ठेकेदार और तीसरा तत्कालीन अधिकारी था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से तीनों पुलिस से बचे फिर रहे हैं। अब तक किसी ने पुलिस के सामने अपना पक्ष तक नहीं रखा है। इस घोटाले में सबसे खास बात यह रही कि घोटालेबाज खाद गायब करते रहे लेकिन उसका रिकॉर्ड नहीं बना सके। इसकी जांच हुई तो तीनों आरोपी फंस गए और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक सारे अभिलेखों की जांच कर चुकी है लेकिन अब तक यह पता नहीं चला कि परिवहन ठेकेदार के अलावा खाद ढोने में किस-किस का हाथ था। इसका पता लगाने के लिए टीम में शामिल इंस्पेक्टर रविवार दोपहर अपनी टीम लेकर शहर में निकले। वे पीसीएफ कार्यालय पर भी गए। उसके बाद शहर के ट्रांसपोर्टरों से एक-एक करके जानकारी जुटाई। घोटाला खुलने से पूर्व परिवहन ठेकेदार कौन-कौन थे, गोदाम प्रभारी कौन थे और अधिकारी कौन थे, इसकी लिस्ट तैयार की जा रही है। उसके बाद सभी से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल टीम की पूछताछ से शहर के ट्रांसपोर्टरों में अफरा-तफरी है।
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खाद घोटाले के मामले में बरेली और बदायूं से अभिलेख जुटाए गए हैं। अभिलेखों की जांच हो चुकी है। ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही हम किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे।
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- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी