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सूर्यदेव ने तरेरी नजर, पारा 42 के पार
Updated Mon, 28 May 2018 01:19 AM IST
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सूर्यदेव ने तरेरी आंखें, पारा 42 के पार
पुरवाई थमी तो राहगीर हुए पसीने से सराबोर
बसों में सफर के दौरान उड़ा मुसाफिरों का चैन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
लोगों को गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है। सूर्यदेव ने आंखें तरेरीं तो पुुरवाई भी थम गई। दोपहर होते-होते लोग पसीने से तरबतर हो गए। सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रेनों और बसों में सफर करने वाले मुसाफिरों को हुई। दोपहर बाद तक पारा 42 के पार हो गया।
पिछले कई दिनों से बढ़ते जा रहे गर्मी के प्रकोप ने रविवार पूर्वाह्न से ही असर दिखाना शुरू कर दिया। सुबह हालांकि लगा कि बादल छा जाएंगे लेकिन पूर्वाह्न के बाद तपिश में लोग झुलसने लग गए। बाजार में सन्नाटा पसर गया। शहर के मेन मार्केट में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जो लोग जरूरी सामान की खरीदारी के लिए निकले, उनके चेहरे भी गमछे से ढके थे। बाइक और स्कूटी सवार महिला-पुरुषों को गर्मी से परेशानी का सामना करना पड़ा। गलियारे भी बेरौनक दिखे। सबसे ज्यादा दिक्कत बसों में सफर करने वाले मुसाफिरों को हुई। सवारियां बैठाने के लिए बसें जहां भी रुकतीं, मुसाफिर उकलाने लगते। गर्मी में इजाफे की एक वजह पुरवाई (पुरवा हवा) का थमना भी रहा। फिलहाल तपिश कम होने के आसार नहीं हैं। मौसम के जानकारों की मानें तो बूंदाबांदी और पुरवाई चलने पर ही गर्मी से निजात मिलेगी। ऐसा नहीं हुआ तो लू के थपेड़े लोगों को बेहाल कर देंगे।
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पुरवाई थमी तो राहगीर हुए पसीने से सराबोर
बसों में सफर के दौरान उड़ा मुसाफिरों का चैन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
लोगों को गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है। सूर्यदेव ने आंखें तरेरीं तो पुुरवाई भी थम गई। दोपहर होते-होते लोग पसीने से तरबतर हो गए। सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रेनों और बसों में सफर करने वाले मुसाफिरों को हुई। दोपहर बाद तक पारा 42 के पार हो गया।
पिछले कई दिनों से बढ़ते जा रहे गर्मी के प्रकोप ने रविवार पूर्वाह्न से ही असर दिखाना शुरू कर दिया। सुबह हालांकि लगा कि बादल छा जाएंगे लेकिन पूर्वाह्न के बाद तपिश में लोग झुलसने लग गए। बाजार में सन्नाटा पसर गया। शहर के मेन मार्केट में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जो लोग जरूरी सामान की खरीदारी के लिए निकले, उनके चेहरे भी गमछे से ढके थे। बाइक और स्कूटी सवार महिला-पुरुषों को गर्मी से परेशानी का सामना करना पड़ा। गलियारे भी बेरौनक दिखे। सबसे ज्यादा दिक्कत बसों में सफर करने वाले मुसाफिरों को हुई। सवारियां बैठाने के लिए बसें जहां भी रुकतीं, मुसाफिर उकलाने लगते। गर्मी में इजाफे की एक वजह पुरवाई (पुरवा हवा) का थमना भी रहा। फिलहाल तपिश कम होने के आसार नहीं हैं। मौसम के जानकारों की मानें तो बूंदाबांदी और पुरवाई चलने पर ही गर्मी से निजात मिलेगी। ऐसा नहीं हुआ तो लू के थपेड़े लोगों को बेहाल कर देंगे।
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