बदायूं: कछला घाट पर गंगा नदी में डूबी 12 साल की बालिका, 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं
बदायूं जिले के कछला गंगा घाट पर शुक्रवार को गंगा नदी में डूबी 12 साल की बालिका का सुराग 24 घंटे बाद भी नहीं मिला है। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें शनिवार को भी 10-12 किलोमीटर क्षेत्र में तलाश में जुटी रहीं। बालिका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बदायूं जिले के कछला गंगा घाट पर शुक्रवार को गंगा स्नान के दौरान 12 साल की बालिका नदी की तेज धार में बह गई। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें शनिवार को भी उसकी तलाश में लगी रहीं।
बालिका की तलाश के लिए एसडीआरएफ, गोताखोरों और फ्लड पीएसी की टीमों ने करीब 10 से 12 किलोमीटर के क्षेत्र में खोजबीन की। हालांकि, टीमों को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। शुक्रवार दोपहर से ही कासगंज क्षेत्र के घाट पर गंगा के तेज बहाव में बहने के बाद से खोज अभियान जारी रहा। शनिवार को भी एसडीआरएफ और गोताखोरों ने गंगा के आगे के क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाया।
यह परिवार राजस्थान के भरतपुर जिले के थाना जोगी नगला के गांव रूपवास से आया था। वीररान अपने परिवार सहित 40 लोगों के साथ बस से कछला गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। वीररान अपनी पत्नी आरती और बेटी इंद्रा के साथ कासगंज वाले घाट पर स्नान कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे इंद्रा गंगा के तेज बहाव में आ गई और डूबने लगी।
अन्य बच्चों को लोगों ने बचाया
बेटी को डूबता देख माता-पिता ने शोर मचाया। आसपास मौजूद लोगों ने बालिका को पानी से निकालने की कोशिश की। लेकिन तब तक बालिका गंगा के तेज बहाव में बह गई थी। बालिका के साथ स्नान कर रहे अन्य बच्चों को घाट पर मौजूद लोगों ने सुरक्षित बचा लिया।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय
शनिवार को दिनभर पुलिस उपाधीक्षक राहुल पांडेय के नेतृत्व में एसडीआरएफ और पुलिस टीम गंगा में बालिका की खोजबीन करती रही। शाम तक भी उसका कोई पता नहीं चल सका। टीमें लगातार गंगा के पानी में बालिका की तलाश कर रही हैं। यह घटना अमावस्या के उपलक्ष्य में हुए गंगा स्नान के दौरान हुई।