फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   12 hospitals, homeopathic hospitals, doctors only nine

Budaun News: 12 अस्पताल होमियोपैथिक अस्पताल, डॉक्टर सिर्फ नौ

Thu, 11 Apr 2024 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 01:33 AM IST
विज्ञापन
12 hospitals, homeopathic hospitals, doctors only nine
बिसौली के इसी जर्जर भवन में चल रहा होम्योपैथी का अस्पताल।संवाद
बदायूं। जिले में होमियोपैथी के 12 सरकारी अस्पताल संचालित हैं। इनमें नौ अस्पतालों पर डॉक्टरों की तैनाती है। जिन अस्पतालों में चिकित्सक नहीं हैं, वहां केवल तीन दिन ही रोस्टर के हिसाब से मरीजों को इलाज मिल पाता है।
विज्ञापन

पड़ताल में पता चला कि जगत, ककराला और बिसौली के अस्पताल ऐसे हैं, जहां डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। इन अस्पतालों पर सप्ताह में तीन दिन ही डॉक्टर मिल पाते हैं। बाकी तीन दिन इलाज फार्मासिस्ट या वार्ड बॉय के सहारे होता है। जिला अस्पताल, कुढ़रा, दातागंज, बिल्सी, रियोनाई, सोहरा, पहाड़पुर, मितरोली और बिनावर में डॉक्टर के साथ- साथ फार्मासिस्ट की भी तैनाती है।
विज्ञापन


हाजिरी लगाकर डॉक्टर गायब, फोन पर
बोले- पत्नी को दवा दिलाने आए हैं
रुदायन सीएचसी पर सोहरा का सरकारी होमियोपैथिक अस्पताल संचालित हो रहा है। यहां डॉ. विनय कुमार सिंह की तैनाती है। अस्पताल खुलने का समय सुबह आठ और बंद होने का समय सुबह 10 बजे का है। अचानक की गई पड़ताल में सुबह 9.30 बजे अस्पताल में ताले लगे मिले। कुछ ही देर में वार्ड बॉय संदेश कुमार पहुंचे और डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को देखने लगे। आसपास के लोगों से पता लगा कि सोमवार से डॉक्टर अस्पताल में नहीं आए हैं। इस मामले में डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है वह बुधवार को अस्पताल गए थे। हाजिरी लगाकर पत्नी को दवा दिलाने चले आए हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि सोमवार और मंगलवार को भी उन्होंने ऐसा ही किया था। डॉ. विनय ने दावा किया कि वह रोजाना मरीज देख रहे हैं। गायब रहने की बात गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले के तीन अस्पतालों- जगत, ककराला और बिसौली में डॉक्टरों की कमी है। यहां अन्य डॉक्टरों की रोस्टर बनाकर डयूटी कराई जा रही है। हाजिरी लगाकर डाॅक्टर के गायब होने की बात की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराएंगे। - डॉ. पूनम सिंह, जिला होम्योपैथिक अधिकारी






डॉक्टर की तैनाती नहीं, एक घंटे देरी से खुला अस्पताल
अलापुर। जगत का होमियोपैथिक अस्पताल बुधवार सुबह नौ बजे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने खोला। यहां कर्मचारी अरशद की तैनाती है। वही मरीजों को दवा देता है। यहां स्थायी रूप से डॉक्टर की तैनाती नहीं है। 40 से 50 मरीजाें की हर रोज ओपीडी रहती है। यहां डॉक्टर रजनीश की मंगलवार और बृहस्पतिवार को डयूटी रहती है। बृहस्पतिवार को वह 9.05 बजे अस्पताल पहुंचे और अपने कक्ष में बैठकर मौजूद मरीजों को देखा। अन्य दिनों में अरशद ही मरीजों को दवा देते नजर आते हैं। संवाद


जर्जर भवन डॉक्टर और मरीजों के लिए खतरा
बिसौली। बुधवार 9.30 बजे वार्ड बॉय ने अस्पताल खोला। नौ बजे एक-एक कर मरीज आने शुरू हो गए। बताया कि दस माह से यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं है, जिस भवन में अस्पताल संचालित है वह जर्जर हालत में है। यहां बैठने वाला कर्मचारी भी अपने आप को असुरक्षित बता रहा है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। दो बजे तक 55 मरीजों ने दवा ली। संवाद

बिसौली के इसी जर्जर भवन में चल रहा होम्योपैथी का अस्पताल।संवाद

बिसौली के इसी जर्जर भवन में चल रहा होम्योपैथी का अस्पताल।संवाद

बिसौली के इसी जर्जर भवन में चल रहा होम्योपैथी का अस्पताल।संवाद

बिसौली के इसी जर्जर भवन में चल रहा होम्योपैथी का अस्पताल।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed