फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   12 convicts creating chaos in Jail

बाहर से आए 12 बंदी कर रहे जेल में धमाल

Sat, 24 Feb 2018 06:38 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Sat, 24 Feb 2018 06:38 PM IST
विज्ञापन
12 convicts creating chaos in Jail

जिला जेल में शुक्रवार को बरेली के कैदी के पेड़ पर चढ़ने की घटना के बाद जेल प्रशासन खासा अलर्ट है। यहां क्षमता से तीन गुने बंदी हैं पर अधिकतर शांत प्रकृति के हैं। दूसरी जेलों से आए करीब बारह कुख्यात बंदियों ने जेल में धमाल कर रखा है। यह कुख्यात बंदी हैं जो जेल का माहौल खराब करने पर तुले हैं। अधिकारियों की नसीहत और लाख कोशिशों के बाद भी यह नहीं सुधर रहे। 

विज्ञापन

जिला जेल में कुल 529 बंदियों को रखने की क्षमता है। जबकि यहां इन दिनों 1695 बंदी हैं। यह स्थिति तीन गुने से भी ज्यादा की है। इनमें से 1315 बंदी विचाराधीन और 378 बंदी सजायाफ्ता श्रेणी के हैं। संभल जिले की तहसील गुन्नौर पहले बदायूं में आती थी। अभी संभल में जेल नहीं बनी है। इसलिए गुन्नौर क्षेत्र के काफी कैदी भी जेल में बंद हैं। 
विज्ञापन

बदायूं जिले के बंदियों की प्रकृति शांत है तो एक साल के अंतर में दूसरी जेलों से यहां प्रशासनिक आधार पर आए बारह बंदी धमाल मचाए हुए हैं। इनमें बरेली, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर आदि जिलों के बंदी शामिल हैं। इनमें गोरखपुर का शातिर कैदी चंदन सिंह भी है तो बरेली जेल में हत्या करने वाला जगपाल भी, जिसने शुक्रवार को पीपल के पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाने की धमकी दी थी। सूत्र बताते हैं कि यह बाहरी बंदी ज्यादातर मामलों में सजायाफ्ता हैं। यहां वे अपने पुराने कारनामों का हवाला देते हुए दूसरे बंदियों पर हुक्म चलाने की कोशिश करते हैं। कुछ ने अपना छोटा गैंग भी बना लिया है। वह कुछ न कुछ ऐसा काम जरूर करते हैं कि अधिकारियों का ध्यान उनकी ओर जाए। ऐसा करके वह जेल प्रशासन पर अनुचित सुविधा देने का दवाब बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि अधिकारी इन बातों पर ज्यादा गौर नहीं कर रहे। जेलर प्रेमसागर शुक्ला ने स्वीकार किया कि बाहरी बंदी अनावश्यक दवाब बनाने का प्रयास करते हैं पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। मानवीय आधार पर सभी बंदियों को समान रूप से सुविधाएं दी जाती हैं, किसी के लिए अलग से कुछ नहीं किया जा रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

चार एचआईवी पीड़ित भी हैं जेल में 
जिला जेल में चार एचआईवी पीड़ित बंदी भी मौजूद हैं। मानक के हिसाब से इन्हें निश्चित जगह रखकर सहूलियतें दी जा रही हैं ताकि किसी तरह का भेदभाव महसूस न हो। जेल के अस्पताल में 26 बंदी भर्ती हैं तो बाहरी अस्पतालों में दो बंदियों का इलाज कराया जा रहा है। विचाराधीन 40 और सजायाफ्ता 33 महिलाओं के साथ आठ अबोध बच्चे भी बंद हैं। मानसिक रूप से पीड़ित सात बंदी भी इस जेल में हैं। एक बंदी एनएसए में निरुद्ध है तो एक को मृत्युदंड की सजा हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed