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‘नौकरशाही को नियंत्रित करे सरकार’
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बिसौली। डीआरए राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित नोटबंदी पश्चात भारत: मुद्दे एवं चुनौतियां विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समारोहपूर्वक समापन हुआ। सेमीनार के दूसरे दिन द्वितीय तकनीकी सत्र में 18 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
शुभारंभ मुख्य अतिथि उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन डॉ. विशेष गुप्ता ने मां शारदे के चित्र के दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. अभय गुप्ता ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा नोट छापने में न्यूनतम कोष दो सौ करोड़, एक सौ पंद्रह करोड़ का सोना व 85 करोड़ का विदेशी बांड रखा जाता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. असलम खान ने नोटबंदी से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। प्राचार्य डॉ. एपी सिंह ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय संगोष्ठी के निष्कर्ष के तौर पर कानून बनाती है लेकिन नौकरशाही अगर उन पर ठीक से अमल न करें तो चीजें नहीं बदलतीं। सरकार को चाहिए कि वह नौकरशाही को नियंत्रित करे जिससे सकारात्मक नीतियों पर अमल हो। इस मौके पर आयोजन सचिव डॉ. एमएम वार्ष्णेय, डॉ. हुकुम सिंह, डॉ. सपना भारती, डॉ. सीमा रानी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अरविंद आदि मौजूद रहे।
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शुभारंभ मुख्य अतिथि उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन डॉ. विशेष गुप्ता ने मां शारदे के चित्र के दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. अभय गुप्ता ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा नोट छापने में न्यूनतम कोष दो सौ करोड़, एक सौ पंद्रह करोड़ का सोना व 85 करोड़ का विदेशी बांड रखा जाता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. असलम खान ने नोटबंदी से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। प्राचार्य डॉ. एपी सिंह ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय संगोष्ठी के निष्कर्ष के तौर पर कानून बनाती है लेकिन नौकरशाही अगर उन पर ठीक से अमल न करें तो चीजें नहीं बदलतीं। सरकार को चाहिए कि वह नौकरशाही को नियंत्रित करे जिससे सकारात्मक नीतियों पर अमल हो। इस मौके पर आयोजन सचिव डॉ. एमएम वार्ष्णेय, डॉ. हुकुम सिंह, डॉ. सपना भारती, डॉ. सीमा रानी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अरविंद आदि मौजूद रहे।
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