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सरकारी बैंकों में पड़े रहे ताले, 40 करोड़ का लेन देन प्रभावित
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सरकारी बैंकों में ताले, करोड़ों का लेन- देन प्रभावित
बदायूं। यूनाइटेड फोरम बैंक ऑफ यूनियन के आह्वान पर बुधवार को जिले के सभी सरकारी बैंकों पर ताले लटके रहे। कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान अपनी मांगों को लेकर बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की गई। बैंकों में हड़ताल होने की वजह से करोड़ों रुपये का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड फोरम के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का विलय करने से कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी उन बैंकों की ऋण वसूली में होगी। उन्होंने बताया कि सरकार के एक तरफी निर्णय का बैंक एसोसिएशन विरोध कर रहा है। अनिल ने कहा कि वेतन समझौता नवंबर माह से लंबित है। सरकार जान बूझकर ये लटका रही है। उन्होंने कहा कि बैंकों के वेतन समझौते को तत्काल लागू करना चाहिए। मंजर फरशोरी ने कहा कि यह हड़ताल सांकेतिक तौर पर की गई है। इसके बाद भी अगर सरकार अपने निर्णय पर अड़ी रही, तो केंद्रीय आह्वान पर फिर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा। इस मौके पर प्रदीप मलिक, संजय मलिक, सुरजीत सिंह, उमेश कुमार, राजाराम, अनिल आदि मौजूद रहे।
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कई एटीएम रहे खाली
बैंकों की हड़ताल का असर विभिन्न बैंकों के एटीएम पर भी दिखा। बैंक हड़ताल की वजह से लोग पैसे निकालने के लिए एटीएम के चक्कर लगाते रहे। कुछ एटीएम में कैश न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बदायूं। यूनाइटेड फोरम बैंक ऑफ यूनियन के आह्वान पर बुधवार को जिले के सभी सरकारी बैंकों पर ताले लटके रहे। कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान अपनी मांगों को लेकर बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की गई। बैंकों में हड़ताल होने की वजह से करोड़ों रुपये का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड फोरम के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का विलय करने से कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी उन बैंकों की ऋण वसूली में होगी। उन्होंने बताया कि सरकार के एक तरफी निर्णय का बैंक एसोसिएशन विरोध कर रहा है। अनिल ने कहा कि वेतन समझौता नवंबर माह से लंबित है। सरकार जान बूझकर ये लटका रही है। उन्होंने कहा कि बैंकों के वेतन समझौते को तत्काल लागू करना चाहिए। मंजर फरशोरी ने कहा कि यह हड़ताल सांकेतिक तौर पर की गई है। इसके बाद भी अगर सरकार अपने निर्णय पर अड़ी रही, तो केंद्रीय आह्वान पर फिर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा। इस मौके पर प्रदीप मलिक, संजय मलिक, सुरजीत सिंह, उमेश कुमार, राजाराम, अनिल आदि मौजूद रहे।
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कई एटीएम रहे खाली
बैंकों की हड़ताल का असर विभिन्न बैंकों के एटीएम पर भी दिखा। बैंक हड़ताल की वजह से लोग पैसे निकालने के लिए एटीएम के चक्कर लगाते रहे। कुछ एटीएम में कैश न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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