{"_id":"5a1ffdfd4f1c1b4c528b6aad","slug":"111512046077-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...यह ‘भोजन’ लोगों के लिए बन रहा मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...यह ‘भोजन’ लोगों के लिए बन रहा मुसीबत
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
बारातघरों जूठन ख्ााते बंदर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। शादियों का सीजन चल रहा है। सो शहर के सभी बारातघर बुक चल रहे हैं। लगभग रोजाना ही बारातघरों में शादियां हो रही हैं। कई तरह के पकवान बनते हैं। मगर बारातियों और घरातियों का छोड़ा गया खाना परेशानी का सबब बना हुआ है। यह जूठन बाद में सड़क पर डाल दी जाती है। जिसे बंदर, कुत्ते और अन्य जानवर खाने में जुट जाते हैं। इस कारण यहां से निकलने वालों को काफी दिक्कत होती है। नगर पालिका की ईओ का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में बारातघर संचालकों को नोटिस जारी की जाएंगी।
शहर में लगभग सभी प्रमुख रास्तों पर बारात घर बने हुए हैं। रोजाना ही यहां कार्यक्रम होते हैं। फिलहाल शादियों का सीजन है सो यह बुक चल रहे हैं। इन बारातघरों के सामने रोजाना सुबह छोड़े गए खाने का ढेर लगा देखा जा सकता है। बंदर, कुत्ते और अन्य आवारा जानवर इसे खाने में जुट जाते हैं। जिस कारण यहां से निकलने वालों को काफी परेशानी सामना करना पड़ता है।
बारातघरों के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि जहां एक ओर बंदरों का आतंक रहता है, इसके साथ कुत्ते भी काफी परेशान करते हैं। गंदगी के कारण कभी-कभी तो सांस लेना भी दुश्वार हो जाता है। बोले, नगर पालिका परिषद प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। न ही बारातघर संचालक कुछ करते हैं। ईओ निशा मिश्रा का कहना है कि ऐेसे बारातघर संचालकों को चिह्नित किया जा रहा है जो सड़क पर झूठन डालते हैं। जल्द ही उन्हें नोटिस दिया जाएगा। नहीं माने तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में लगभग सभी प्रमुख रास्तों पर बारात घर बने हुए हैं। रोजाना ही यहां कार्यक्रम होते हैं। फिलहाल शादियों का सीजन है सो यह बुक चल रहे हैं। इन बारातघरों के सामने रोजाना सुबह छोड़े गए खाने का ढेर लगा देखा जा सकता है। बंदर, कुत्ते और अन्य आवारा जानवर इसे खाने में जुट जाते हैं। जिस कारण यहां से निकलने वालों को काफी परेशानी सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
बारातघरों के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि जहां एक ओर बंदरों का आतंक रहता है, इसके साथ कुत्ते भी काफी परेशान करते हैं। गंदगी के कारण कभी-कभी तो सांस लेना भी दुश्वार हो जाता है। बोले, नगर पालिका परिषद प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। न ही बारातघर संचालक कुछ करते हैं। ईओ निशा मिश्रा का कहना है कि ऐेसे बारातघर संचालकों को चिह्नित किया जा रहा है जो सड़क पर झूठन डालते हैं। जल्द ही उन्हें नोटिस दिया जाएगा। नहीं माने तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन