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बदलता मौसम कहीं आपके बच्चे को डाल न दे मुश्वित में
Updated Fri, 22 Sep 2017 10:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। यदि आपने बच्चों की सेहत को लेकर थोड़ी भी लापरवाही बरती तो दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, जिसकी वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। खांसी बुखार के अलावा मलेरिया का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों लोग दवा लेने आ रहे हैं। संख्या अधिक होने की वजह से सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए दवा नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से लोगों को निजी डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है।
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, दिन में गर्मी तो रात को मौसम में ठंडा हो जाता है। ऐसे मौसम में वायरल, सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां बच्चों में आम है लेकिन इस बार मच्छरों के प्रकोप की वजह से मलेरिया भी अपने पैर पसार रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में सुबह से ही बीमार बच्चों की भीड़ लग जाती है। जिला अस्पताल में हर रोज करीब 250 बच्चे ओपीडी में दवा लेने को आ रहे हैं। बच्चों के तीमारदारों का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टर नीली पीली गोली दे देते हैं। देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में स्थिति और भी खराब है।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रोहतगी का कहना है कि बदलता मौसम बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है। माता-पिता को चाहिए वे इस मौसम में बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित रखें। घर के बाहर का खाना बच्चों को खाने को न दें और बाहर से जब घर में आएं तो साबुन से हाथ-पैर धुलवाएं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता के अनुसार इस बार वायरल, सर्दी, जुकाम, खांसी के साथ ही मलेरिया भी अपने पैर पसार रहा है। अभिभावकों को चाहिए वे बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। शाम के समय बच्चों को घर के बाहर न जाने दें और ठंडी चीजें खाने को न दें।
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वर्जन....
सभी अस्पतालों को दवाएं उपलब्ध कराने के लिए डीवीडीएमएस से 198 दवाएं मांगीं थीं। जिनमें 50 दवाएं आ चुकी हैं। इन दवाओं को अस्पतालों को भिजवा दिया गया है। बाकी दवाएं भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
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जिला अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है। बदलते मौसम के चलते अस्पताल में डेंगू और स्वाइन फ्लू वार्ड पहले से ही खोला जा चुका है। बच्चों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए दो बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार और डॉ. कप्तान सिंह हैं। अस्पताल में मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. आरएस यादव, सीएमएस
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तेज बुखार से भाई-बहन की
मौत, कई लोग हैं बीमार
दातागंज-मूसाझाग। तेज बुखार से गांव बजर मैरी में 24 घंटे के अंदर दो भाई-बहन की मौत हो गई। यहां कई लोग बीमार हैं।
गांव निवासी रामौतार के छह वर्षीय बेटे सूरज की तेज बुखार से बीती रात मौत हो गई, जबकि उनकी 12 साल की बेटी आरती ने गुरुवार सुबह दम तोड़ दिया। 24 घंटे के अंदर एक ही परिवार में भाई-बहन की मौत से कोहराम मच गया। लोगों का कहना है कि बुखार फैलने के बाद सेहत महकमा पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। बीमार लोग निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
बदायूं। यदि आपने बच्चों की सेहत को लेकर थोड़ी भी लापरवाही बरती तो दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, जिसकी वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। खांसी बुखार के अलावा मलेरिया का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों लोग दवा लेने आ रहे हैं। संख्या अधिक होने की वजह से सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए दवा नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से लोगों को निजी डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है।
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, दिन में गर्मी तो रात को मौसम में ठंडा हो जाता है। ऐसे मौसम में वायरल, सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां बच्चों में आम है लेकिन इस बार मच्छरों के प्रकोप की वजह से मलेरिया भी अपने पैर पसार रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में सुबह से ही बीमार बच्चों की भीड़ लग जाती है। जिला अस्पताल में हर रोज करीब 250 बच्चे ओपीडी में दवा लेने को आ रहे हैं। बच्चों के तीमारदारों का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टर नीली पीली गोली दे देते हैं। देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में स्थिति और भी खराब है।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रोहतगी का कहना है कि बदलता मौसम बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है। माता-पिता को चाहिए वे इस मौसम में बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित रखें। घर के बाहर का खाना बच्चों को खाने को न दें और बाहर से जब घर में आएं तो साबुन से हाथ-पैर धुलवाएं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता के अनुसार इस बार वायरल, सर्दी, जुकाम, खांसी के साथ ही मलेरिया भी अपने पैर पसार रहा है। अभिभावकों को चाहिए वे बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। शाम के समय बच्चों को घर के बाहर न जाने दें और ठंडी चीजें खाने को न दें।
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वर्जन....
सभी अस्पतालों को दवाएं उपलब्ध कराने के लिए डीवीडीएमएस से 198 दवाएं मांगीं थीं। जिनमें 50 दवाएं आ चुकी हैं। इन दवाओं को अस्पतालों को भिजवा दिया गया है। बाकी दवाएं भी जल्द मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
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जिला अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है। बदलते मौसम के चलते अस्पताल में डेंगू और स्वाइन फ्लू वार्ड पहले से ही खोला जा चुका है। बच्चों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए दो बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार और डॉ. कप्तान सिंह हैं। अस्पताल में मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. आरएस यादव, सीएमएस
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तेज बुखार से भाई-बहन की
मौत, कई लोग हैं बीमार
दातागंज-मूसाझाग। तेज बुखार से गांव बजर मैरी में 24 घंटे के अंदर दो भाई-बहन की मौत हो गई। यहां कई लोग बीमार हैं।
गांव निवासी रामौतार के छह वर्षीय बेटे सूरज की तेज बुखार से बीती रात मौत हो गई, जबकि उनकी 12 साल की बेटी आरती ने गुरुवार सुबह दम तोड़ दिया। 24 घंटे के अंदर एक ही परिवार में भाई-बहन की मौत से कोहराम मच गया। लोगों का कहना है कि बुखार फैलने के बाद सेहत महकमा पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। बीमार लोग निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।