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Budaun News: 10,584 अपात्रों ने ली पीएम किसान सम्मान निधि, शुरू हुई वसूली
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बदायूं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र लाभार्थियों पर कृषि विभाग सख्ती नहीं कर पा रहा है। इसी का नतीजा है कि 10,584 अपात्रों ने सम्मान निधि का लाभ लिया है लेकिन अब तक रिकवरी सिर्फ 20 से ही की जा सकी है। अमर उजाला ने बीते 16 सितंबर को खबर का प्रकाशन कर इस मामले का खुलासा किया था।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 4.53 लाख किसान पंजीकृत है। विभागीय जांच में 10,584 किसानों को अपात्र पाया गया है, जिनकी निधि फिलहाल रोक दी गई है। जांच में सामने आया कि कई मामलों में पाया गया कि पति-पत्नी दोनों एक साथ योजना का लाभ उठा रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे प्रकरणों में विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि पति-पत्नी दोनों को धन मिला है, तो एक व्यक्ति से पूरी राशि वापस ली जाएगी, तभी दूसरे को भविष्य में भुगतान किया जाएगा। उपकृषि निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित की गई हैं, जो किसानों से संपर्क कर वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। अब तक 20 अपात्रों ने राशि वापस कर दी है, जबकि शेष अपात्रों को नोटिस जारी की जा रही है।
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प्रत्येक गांव पर रख रहे नजर
कृषि विभाग ने जिले में सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और लेखपालों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर सूची तैयार करें, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी को गलती से धनराशि प्राप्त हुई है, तो वह स्वयं विभागीय खाते में राशि जमा कर दें, अन्यथा वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 4.53 लाख किसान पंजीकृत है। विभागीय जांच में 10,584 किसानों को अपात्र पाया गया है, जिनकी निधि फिलहाल रोक दी गई है। जांच में सामने आया कि कई मामलों में पाया गया कि पति-पत्नी दोनों एक साथ योजना का लाभ उठा रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे प्रकरणों में विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि पति-पत्नी दोनों को धन मिला है, तो एक व्यक्ति से पूरी राशि वापस ली जाएगी, तभी दूसरे को भविष्य में भुगतान किया जाएगा। उपकृषि निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित की गई हैं, जो किसानों से संपर्क कर वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। अब तक 20 अपात्रों ने राशि वापस कर दी है, जबकि शेष अपात्रों को नोटिस जारी की जा रही है।
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कृषि विभाग ने जिले में सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और लेखपालों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर सूची तैयार करें, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी को गलती से धनराशि प्राप्त हुई है, तो वह स्वयं विभागीय खाते में राशि जमा कर दें, अन्यथा वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।