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Bijnor News: युग को मिला नया जीवन, हुई दिल की सर्जरी
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- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कराई गई निशुल्क सर्जरी
- अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में हुआ दिल में छेद का ऑपरेशन
- 13 बच्चों का पिछले साल दिल की बीमारी का ऑपरेशन कराया गया
- 04 बच्चे दिल की बीमारी के इस साल अब तक मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों को स्वस्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज कराया जा रहा है। अब बिजनौर के पांच माह के युग चौहान को नया जीवन मिला है। उसके दिल में छेद था, जिसकी अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में निशुल्क सर्जरी कराई गई।
अफजलगढ़ ब्लॉक के गांव मछमार निवासी युग चौहान (पांच माह) पुत्र नवनीत कुमार के दिल में छेद था। उसका आरबीएसके के जरिए बुधवार को अलीगढ़ मेडिकल अस्पताल में सर्जरी हुई। डॉ. संकेत गहलौत ने बताया कि युग के दिल में छेद था, जिसका ऑपरेशन हो गया है। युग की तबीयत में भी सुधार है। पहले भी दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के निशुल्क ऑपरेशन कराकर इलाज कराया गया है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने इन बच्चों को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया था।
67 बच्चों को मिला आरबीएसके का फायदा
आरबीएसके के जरिए जन्म के समय दोष, कमी, रोग, विकलांगता सहित विकास में देरी को ठीक करने के लिए प्रारंभिक पहचान कर इलाज कराया जा रहा है। बिजनौर में सत्र 2024-25 में अभी तक आठ बच्चों को रेफर किया गया है। इनमें चार बच्चे दिल की बीमारी और चार बच्चे होंठ कटे हुए हैं। दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज और होंठ कटे बच्चों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सत्र 2023-24 में बिजनौर के 67 बच्चों को आरबीएसके का फायदा मिला। इनमें 13 बच्चे दिल की बीमारी से ग्रसित थे। इसके अलावा अन्य बच्चे दूसरी गंभीर बीमारियों की चपेट में थे।
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युग के दिल में छेद था, जिसका अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन कराया गया है। ब्लॉक स्तर से आरबीएसके टीम बच्चों को जिला स्तर पर रेफर करती है। इसके बाद यहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। - डॉ. सुशील कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, बिजनौर
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- अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में हुआ दिल में छेद का ऑपरेशन
- 13 बच्चों का पिछले साल दिल की बीमारी का ऑपरेशन कराया गया
- 04 बच्चे दिल की बीमारी के इस साल अब तक मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों को स्वस्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज कराया जा रहा है। अब बिजनौर के पांच माह के युग चौहान को नया जीवन मिला है। उसके दिल में छेद था, जिसकी अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में निशुल्क सर्जरी कराई गई।
अफजलगढ़ ब्लॉक के गांव मछमार निवासी युग चौहान (पांच माह) पुत्र नवनीत कुमार के दिल में छेद था। उसका आरबीएसके के जरिए बुधवार को अलीगढ़ मेडिकल अस्पताल में सर्जरी हुई। डॉ. संकेत गहलौत ने बताया कि युग के दिल में छेद था, जिसका ऑपरेशन हो गया है। युग की तबीयत में भी सुधार है। पहले भी दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के निशुल्क ऑपरेशन कराकर इलाज कराया गया है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने इन बच्चों को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया था।
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67 बच्चों को मिला आरबीएसके का फायदा
आरबीएसके के जरिए जन्म के समय दोष, कमी, रोग, विकलांगता सहित विकास में देरी को ठीक करने के लिए प्रारंभिक पहचान कर इलाज कराया जा रहा है। बिजनौर में सत्र 2024-25 में अभी तक आठ बच्चों को रेफर किया गया है। इनमें चार बच्चे दिल की बीमारी और चार बच्चे होंठ कटे हुए हैं। दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज और होंठ कटे बच्चों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सत्र 2023-24 में बिजनौर के 67 बच्चों को आरबीएसके का फायदा मिला। इनमें 13 बच्चे दिल की बीमारी से ग्रसित थे। इसके अलावा अन्य बच्चे दूसरी गंभीर बीमारियों की चपेट में थे।
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युग के दिल में छेद था, जिसका अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन कराया गया है। ब्लॉक स्तर से आरबीएसके टीम बच्चों को जिला स्तर पर रेफर करती है। इसके बाद यहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। - डॉ. सुशील कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, बिजनौर