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ग्राम समाज की भूमि में बने मिले आवास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jan 2017 12:00 AM IST
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बिजनौर के नींदडू़ में कमिश्नर के आदेश पर राजस्व विभाग की ओर से की गई जांच में ग्राम समाज की भूमि पर वहां आवास और विद्यालय पाए गए। मौका स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित की गई है।
नींदडू़ खास के लेखपाल प्रदीप कुमार और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के लेखपाल अजीत सिंह ने बताया कि कमिश्नर के आदेश पर राजस्व विभाग के रिकार्ड में दर्ज ग्राम समाज की भूमि, कब्रिस्तान, खलिहान, मरघट तथा तालाब आदि का भौतिक सत्यापन किया गया। जमीन का चिंहीकरण कर मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। अजीत सिंह ने बताया कि मोहम्मद अलीपुर भिक्कन की दलित बस्ती में ग्राम समाज की भूमि में किसानों ने खाद के गड्ढे बना रखे थे, लेकिन अब वहां प्राथमिक विद्यालय एवं आबादी मौजूद है। भूमि पर आवास बनाने वाले लोग जमीन से संबंधित कोई दस्तरवीज नहीं दिखा सके। ग्राम समाज के उक्त भू-भाग की मौजूदा स्थिति से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसी प्रकार का मौका मुआयना नींदडू़ खास और सरकथल माधो में भी किया गया है। प्रदीप कुमार के अनुसार ग्राम समाज की भूमि, मरघट-कब्रिस्तान, तालाब तथा खलिहान आदि की मौजूदा स्थिति के बारे में मांगी गई जानकारी अधिकारियों को भेज दी गई है। दूसरी ओर ग्राम समाज की भूमि पर आवास बनाने वाले दलित वर्ग के लोगों का कहना है कि पूर्व प्रधान इकरार अहमद के समय उक्त भूमि के पट्टे किए गए थे। इसी के आधार पर वहां आवास बनाए गए हैं।
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नींदडू़ खास के लेखपाल प्रदीप कुमार और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के लेखपाल अजीत सिंह ने बताया कि कमिश्नर के आदेश पर राजस्व विभाग के रिकार्ड में दर्ज ग्राम समाज की भूमि, कब्रिस्तान, खलिहान, मरघट तथा तालाब आदि का भौतिक सत्यापन किया गया। जमीन का चिंहीकरण कर मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। अजीत सिंह ने बताया कि मोहम्मद अलीपुर भिक्कन की दलित बस्ती में ग्राम समाज की भूमि में किसानों ने खाद के गड्ढे बना रखे थे, लेकिन अब वहां प्राथमिक विद्यालय एवं आबादी मौजूद है। भूमि पर आवास बनाने वाले लोग जमीन से संबंधित कोई दस्तरवीज नहीं दिखा सके। ग्राम समाज के उक्त भू-भाग की मौजूदा स्थिति से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसी प्रकार का मौका मुआयना नींदडू़ खास और सरकथल माधो में भी किया गया है। प्रदीप कुमार के अनुसार ग्राम समाज की भूमि, मरघट-कब्रिस्तान, तालाब तथा खलिहान आदि की मौजूदा स्थिति के बारे में मांगी गई जानकारी अधिकारियों को भेज दी गई है। दूसरी ओर ग्राम समाज की भूमि पर आवास बनाने वाले दलित वर्ग के लोगों का कहना है कि पूर्व प्रधान इकरार अहमद के समय उक्त भूमि के पट्टे किए गए थे। इसी के आधार पर वहां आवास बनाए गए हैं।
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