फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   world hepatitis day: There is treatment in the district hospital in Bijnor but one has to go 80 kms for invest

विश्व हेपेटाइटिस दिवस विशेष: यूपी के जिले की बदहाली, जांच के लिए 80 किमी दूर जाते हैं मरीज, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Thu, 28 Jul 2022 08:10 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 28 Jul 2022 08:10 AM IST
सार

आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस है। इस मौके पर हम आपको यूपी के इस जिले का हाल बता रहे हैं, जिसकी सच्चाई जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

विज्ञापन
world hepatitis day: There is treatment in the district hospital in Bijnor but one has to go 80 kms for invest
बिजनौर जिला अस्पताल - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिजनौर में हेपेटाइटिस के मरीजों को आसानी से जिले में इलाज मिल रहा है। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों को जांच के लिए 80 किलोमीटर दूर मेरठ मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। हेपेटाइटिस के कीटाणुओं की संख्या बताने वाली जांच, जिसे वायरल लोड कहते हैं, वह जिला अस्पताल में नहीं होती है।

विज्ञापन


चिकित्सकों के मुताबिक हेपेटाइटिस आमतौर पर लीवर पर प्रभाव डालता है। जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के ज्यादा मरीज देखने को मिल रहे हैं। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी के करीब 80 मरीज रजिस्टर्ड हैं। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी की दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को अब दवाई के लिए मेरठ या बाहर कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज ही जाना पड़ रहा है। क्योंकि जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की सामान्य जांच होती है। जिससे पता चलता है कि मरीज को हेपेटाइटिस बीमारी है या नहीं, लेकिन यह पता नहीं चल पाता है कि मरीज में हेपेटाइटिस के कीटाणु कितने प्रतिशत हैं। यह जानकारी वायरल लोड जांच के बाद मिलती है, जो आसपास में मेरठ मेडिकल कॉलेज में हो रही है।
विज्ञापन


नहटौर और धामपुर में भी हेपेटाइटिस के सेंटर
जिला अस्पताल के अलावा जिले में हेपेटाइटिस के दो सेंटर नहटौर और धामपुर बनाए गए हैं। क्योंकि उधर क्षेत्र से आने वाले मरीजों का बिजनौर जिला अस्पताल में आने में काफी समय और पैसा लगता है। जिसके चलते अब जल्द ही नहटौर और धामपुर में भी हेपेटाइटिस की दवाइयां उपलब्ध होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: बुझ गए चार घरों के चिराग: परिवारों पर टूटा गमों का पहाड़, गांव में पसरा मातम, नहीं जले चूल्हे, देखें तस्वीरें

हेपेटाइटिस बीमारी लीवर को कर रही प्रभावित : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस की दवाई तीन से छह महीने तक लगातार चलती है। अगर समय से इलाज शुरू नहीं होता है, तो हेपेटाइटिस मरीज के लीवर को प्रभावित करता है। जिला अस्पताल में भी हेपेटाइटिस के मरीज आ रहे हैं। 

यह भी पढ़ें: मौत की दर्दनाक तस्वीरें: खौफनाक हादसा देख कांप गई लोगों की रूह, सीसीटीवी फुटेज देख अफसर भी हैरान

जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की सामान्य जांच : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि हेपेटाइटिस की अस्पताल में दो तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। हेपेटाइटिस की सामान्य जांच हो रही है, लेकिन वायरल लोड की जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज में जाना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed