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Bijnor News: देखने में गेहूं काला, पेट और जेब के लिए मतवाला
Wed, 08 Jan 2025 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:50 PM IST
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अफजलगढ़। भागदौड़ की जिदंगी में स्वस्थ रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण है। इसलिए किसान शुगर फ्री कहे जाने वाले काले गेहूं को भी जैविक विधि से उत्पादित कर रहे हैं। यह गेहूं स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लाभकारी है। अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम प्रेमपुरी रसूलाबाद निवासी किसान अमरीक सिंह पांच साल से एक एकड़ जमीन में काले गेहूं की खेती कर रहे है। बताया कि काले गेहूं का आटा साधारण आटे के समान ही है, लेकिन उससे ज्यादा गुणकारी है। इसका बीज थोड़ा महंगा है, परंतु उत्पादन अच्छा है। सामान्य गेहूं के समय बुवाई और कटाई होती है।
काला गेहूं भी 130 से 135 दिन में पक जाता है। इस गेहूं की रोटी भी स्वादिष्ट रहती है। बताया कि एक एकड़ में काला गेहूं की बुवाई व उत्पादन में करीब 15 हजार रुपये प्रति एकड़ खर्च आता है। गेहूं का उत्पादन 17 से 18 क्विंटल निकलता है। सामान्य गेहूं का दो क्विंटल ज्यादा निकल जाता है।
n स्वादिष्ट और गुणकारी काले गेहूं की रोटी : ग्राम गैंडाजूड़ निवासी किसान इंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि काले गेहूं की दो साल से खेती कर रहे हैं। पहले साल उन्होंने दो बीघा काले गेहूं की बुवाई की थी।
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इस साल उन्होंने पांच बीघा जमीन में काले गेहूं की बुवाई की है। वह अपने परिवार के खाने के लिए ही बुवाई करते हैं। इस बार परिचित व रिश्तेदारों की मांग को देखते हुए क्षेत्रफल बढ़ाया है। संवाद
काला गेहूं भी 130 से 135 दिन में पक जाता है। इस गेहूं की रोटी भी स्वादिष्ट रहती है। बताया कि एक एकड़ में काला गेहूं की बुवाई व उत्पादन में करीब 15 हजार रुपये प्रति एकड़ खर्च आता है। गेहूं का उत्पादन 17 से 18 क्विंटल निकलता है। सामान्य गेहूं का दो क्विंटल ज्यादा निकल जाता है।
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n स्वादिष्ट और गुणकारी काले गेहूं की रोटी : ग्राम गैंडाजूड़ निवासी किसान इंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि काले गेहूं की दो साल से खेती कर रहे हैं। पहले साल उन्होंने दो बीघा काले गेहूं की बुवाई की थी।
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इस साल उन्होंने पांच बीघा जमीन में काले गेहूं की बुवाई की है। वह अपने परिवार के खाने के लिए ही बुवाई करते हैं। इस बार परिचित व रिश्तेदारों की मांग को देखते हुए क्षेत्रफल बढ़ाया है। संवाद