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ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बना व्हाट्सएप ग्रुप बना मुसीबत

Wed, 09 Sep 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 12:03 AM IST
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WhatsApp group created trouble for online studies
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बना व्हाट्सएप ग्रुप बना मुसीबत
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बिजनौर। जिले के यूपी बोर्ड के विद्यालयों में कोरोना संक्रमण काल में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने शिक्षिकाओं व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप अब मुसीबत बनने लगे हैं। इनमें अवांछनीय सामग्री व फोटो डालने के मामले सामने आए हैं। विद्यालयों ने मामले में सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को ग्रुप से निकालने की अभिभावकों को चेतावनी दी है।
प्रधानाचार्यों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रुप की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही इनकी रैंडम चेकिंग की जा रही है। मार्च से स्कूल बंद हैं। छात्रों की आनलाइन पढ़ाई अप्रैल से शुरू हुई थी। इसके लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं व छात्रों के कक्षावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा ने बताया कि शुरू में ग्रुप से जुड़ी कुछ छात्राओं के व्हाट्सएप से युवकों के फोटो तथा संदेश शिक्षिकाओं के पास आए। इस तरह के पांच-सात मामले आए थे। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई थी। छात्राओं को ग्रुप से निकाल दिया गया था। छात्राओं के अभिभावकों को कॉलेज बुलाकर चेतावनी दी गई कि यदि आगे ऐसा हुआ तो छात्राओं को स्थायी रूप से ग्रुप से हटा दिया जाएगा।
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केपीएस इंटर कॉलेज बिजनौर की प्रधानाचार्य संगीता गुप्ता बताती हैं कि उनके यहां भी शिक्षिकाओं को पढ़ाई से हटकर मेसेज मिले हैं। हालांकि ऐसे मामलों की संख्या बहुत अधिक नहीं थी, परंतु मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिभावकों को फोन करके कह दिया गया कि छात्राओं पर सख्त कार्रवाई होगी। अभिभावक कॉलेज आए तथा पुनरावृत्ति नहीं होने का भरोसा दिया। शिक्षिकाओं के मोबाइल फोन पर रात को 10-11 बजे सवाल पूछने के नाम पर फोन आए थे। परंतु पूछा कुछ नहीं जाता था। पूछने वाला चुप हो जाता था। शिक्षिकाओं को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे देर रात में आने वाले छात्रों के फोन न उठाएं। अब छात्र-छात्राओं की पढ़ाई तथा सवाल पूछने का समय तय करके बता दिया गया है। बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के सहबालिका अर्थात कोएड विद्यालयों में इस तरह के मामले सामन आए थे। अभिभावकों की बैठक करके इस तरह के मामलों पर काबू पाया गया।
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अभिभावकों को भी देना होगा ध्यान
विवेक कालेज बिजनौर में लॉ विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा जोशी बताती हैं कि बच्चों की मनोवैज्ञानिक प्रवृत्ति को ध्यान में रखकर मामलों पर नियंत्रण जरूरी है। अभिभावकों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए। राजेश कुमार जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार कॉलेज ऑनलाइन पढ़ाई सुचारु रुप से करा रहे हैं। बालिका कॉलेजों से कोई परेशानी आने पर उनसे बताने को कह दिया गया है। सभी कुछ सही चल रहा है। भविष्य में इस तरह के मामले सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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